मौसम की बाधा पर भारी रही आस्था की धारा, श्रीराम कथा में उमड़ी भारी भीड़
Sambhal News - -कैलाशानंद गिरी महाराज ने श्रीराम कथा में भक्ति, मर्यादा और जीवन मूल्यों का किया भावपूर्ण वर्णनत्री समेत अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारियों ने लिया आर्शीवा

कलक्ट्रेट के निकट बड़े मैदान में आयोजित पांच दिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन रविवार को मौसम खराब रहने के बावजूद श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। हल्की बारिश व तेज हवाएं चलती रही, लेकिन भक्तों की आस्था पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए श्रद्धालु कथा स्थल पर समय से पहले पहुंचकर भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों को सुनने के लिए उत्सुक नजर आए। कथा के बीच भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमें। पूरा पांडाल जयश्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। रविवार को दूसरे दिन दोपहर तीन बजे से महामंडलेश्वर निरंजनी अखाड़ा पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. कैलाशानंद गिरी जी महाराज ने अपने मुखारविंद से श्रीराम कथा का रसपान कराया।
उन्होंने कथा के दौरान भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा और त्याग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीराम केवल एक राजा नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए आदर्श हैं। उन्होंने बताया कि श्रीराम का जीवन हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। स्वामी जी ने कहा कि कलियुग में नामजप और अन्नदान का भारी महत्व है। बिना राम को जपे, बिना राम को मथे और बिना राम को भजे मनुष्य इस भवसागर से पार नहीं हो सकता। भगवान को जपकर ही उद्धार हो सकता है। कहा कि आज के समय में जब समाज में नैतिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है, ऐसे में श्रीराम कथा हमें सही दिशा दिखाने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने जीवन में माता-पिता की आज्ञा का पालन करते हुए वनवास स्वीकार किया, जो हमें कर्तव्यनिष्ठा और त्याग की प्रेरणा देता है। कथा के दौरान उन्होंने राम और काल के बीच वार्तालाप, महाकाल-महाकाली का प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जन्म केवल एक घटना नहीं, बल्कि धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश का संदेश है। कथा के बीच-बीच में मधुर भजनों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। राम नाम का महत्व बताते हुए महाराज जी ने कहा कि केवल राम नाम का स्मरण ही जीवन के सभी कष्टों को दूर कर सकता है। राम नाम अतिसुंदर है, सबके मन को भाए समेत अन्य भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते नजर आए। महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी भक्ति में लीन होकर राम नाम का गुणगान करते रहे। कथा पांडाल में श्रद्धालुओं के बैठने और पार्किंग समेत सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
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