Sambhal News: कृष्ण-रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
Sambhal News: विकासखंड असमोली के गांव धामपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में लीन रहे। कथा व्यास कृष्ण शास्त्री ने श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह, महारास लीला सहित कई प्रसंग सुनाए, जिससे श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। कथा में भक्ति और भक्त-भगवान के मिलन की सुंदरता को दर्शाया गया।

Sambhal News: विकासखंड असमोली क्षेत्र के गांव धामपुर में चामुंडा मंदिर के पास कुशल देवल के मकान पर चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन शनिवार को श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में सराबोर नजर आए। कथा व्यास कृष्ण शास्त्री ने श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह, छप्पन भोग, महारास लीला और रासलीला में भगवान शंकर के आगमन का मनोहारी प्रसंग सुनाया। कथा सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। कथावाचक कृष्ण शास्त्री ने रास पंच अध्याय का वर्णन करते हुए कहा कि महारास में पांच अध्याय हैं और इनमें गाए जाने वाले पंच गीत भागवत के पंच प्राण माने गए हैं। उन्होंने कहा कि जो भक्त ठाकुरजी के इन गीतों को भावपूर्वक गाता है, उसे वृंदावन की भक्ति सहज रूप से प्राप्त होती है और वह भवसागर से पार हो जाता है।
श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि विदर्भ नरेश भीष्मक की पुत्री रुक्मिणी भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त थीं। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उनका विश्वास अडिग रहा। भगवान श्रीकृष्ण विदर्भ पहुंचे और रुक्मिणी को रथ पर बैठाकर द्वारका ले गए, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनका विवाह संपन्न हुआ। कथा व्यास ने इसे भक्त और भगवान के मिलन का प्रतीक बताया। महारास के प्रसंग में उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने बांसुरी बजाकर गोपियों का आह्वान किया और महारास के माध्यम से जीवात्मा के परमात्मा से मिलन का संदेश दिया। श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की सुंदर झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इस दौरान सुदेश कुमार, कुशल कुमार, यशपाल सिंह, सुभाष सैनी, यादराम सिंह सैनी, योगेंद्र, योगेंद्र डीलर, दीशू आदि मौजूद रहे।


