
संभल की राजनीति में 12 साल बाद दिखी बाहुबली डीपी यादव की आहट
Sambhal News - नववर्ष के मौके पर डीपी यादव के बड़े-बड़े पोस्टरों ने संभल जनपद की राजनीति में हलचल मचा दी है। उनकी अचानक एंट्री को सभी राजनीतिक दलों द्वारा गंभीरता से लिया जा रहा है। माना जा रहा है कि वह जिला पंचायत अध्यक्ष के पद के संभावित दावेदार हो सकते हैं। उनकी चुप्पी ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू कर दी हैं।
संभल। नववर्ष के मौके पर जनपद की राजनीति में उस समय हलचल मच गई। जब सभी विधानसभा क्षेत्रों में पूर्व सांसद व पूर्व मंत्री डीपी यादव के बड़े-बड़े पोस्टर अचानक नजर आए। पोस्टरों में नए साल, मकर संक्रांति व गणतंत्र दिवस की शुभकामनाओं के साथ डीपी यादव की मौजूदगी ने सभी राजनीतिक दलों की नींद उड़ा दी है। लंबे समय से सक्रिय राजनीति से दूर रहे डीपी यादव की इस अप्रत्याशित एंट्री को सियासी गलियारों में बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। संभल जनपद की सभी विधानसभा सीटों संभल, चंदौसी, गुन्नौर और असमोली में डीपी यादव के पोस्टर लगाए गए हैं।
पोस्टरों की संख्या और उनका स्थान यह साफ दर्शाता है कि यह कोई सामान्य शुभकामना अभियान नहीं, बल्कि पूरी रणनीति के तहत किया गया कदम है। चौराहों, बाजारों और प्रमुख मार्गों पर लगे इन पोस्टरों ने आम लोगों के साथ-साथ राजनीतिक दलों का भी ध्यान खींचा है। डीपी यादव ने वर्ष 2014 में अंतिम बार संभल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। इसके बाद करीब 12 वर्षों तक वह संभल की सक्रिय राजनीति से दूर रहे। अब अचानक उनकी तस्वीरों और नाम के साथ पोस्टरों का सामने आना यह संकेत दे रहा है कि वह एक बार फिर राजनीतिक मैदान में उतरने की तैयारी कर चुके हैं। डीपी यादव को एक मजबूत जनाधार और प्रभावशाली नेता के रूप में देखा जाता है। ऐसे में उनके अचानक सक्रिय होने से सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी रणनीतियों पर दोबारा विचार करने को मजबूर हो गए हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में उनके पोस्टरों की चर्चा जोरों पर है। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर नजर? संभल। राजनीतिक जानकारों की मानें तो डीपी यादव को जिला पंचायत अध्यक्ष पद का संभावित दावेदार माना जा रहा है। हालांकि अभी तक इस संबंध में उनकी ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। बावजूद इसके उनके समर्थकों में उत्साह है और विरोधी दल सतर्क नजर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि डीपी यादव की एंट्री से जिला पंचायत की राजनीति में समीकरण बदल सकते हैं। संकेत या सिर्फ संदेश संभल। फिलहाल डीपी यादव की चुप्पी और औपचारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। लेकिन इतना तय है कि नववर्ष पर लगे इन पोस्टरों ने संभल की राजनीति को नई दिशा और नई चर्चा जरूर दे दी है। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि ‘बाहुबली’ की यह सियासी आहट किस बड़े ऐलान में बदलती है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




