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संभल हिंसा : तत्कालीन सीओ-कोतवाल समेत 15-20 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर के आदेश

संभल हिंसा : तत्कालीन सीओ-कोतवाल समेत 15-20 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर के आदेश

संक्षेप:

Sambhal News - शाही जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर के मामले में सर्वे के दौरान हुई हिंसा में अदालत ने 15-20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। 24 नवंबर 2024 को हुई इस हिंसा में चार युवकों की जान गई थी और कई लोग घायल हुए थे। पीड़ित आलम को पुलिस की गोली लगी थी।

Jan 14, 2026 01:32 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, संभल
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शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर मामले में सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में मंगलवार को अदालत ने बड़ा आदेश दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर ने तत्कालीन क्षेत्राधिकारी अनुज चौधरी, तत्कालीन संभल कोतवाल अनुज तोमर और 15-20 अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने यह आदेश गोली लगने से घायल खग्गू सराय निवासी एक युवक के पिता की ओर से दायर की गई याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया। 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान संभल में भीषण हिंसा भड़की थी। इस हिंसा में चार युवकों की मौत हुई थी, जबकि कई पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी भी घायल हुए थे।

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नखासा क्षेत्र के खग्गू सराय निवासी आलम (पुत्र यामीन) भी उस दिन गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ था। पीड़ित पक्ष का दावा है कि आलम उस दिन बेकरी प्रोडक्ट बेचने के लिए निकला था, तभी पुलिस की गोली का शिकार हो गया। परिजनों के मुताबिक गिरफ्तारी के डर से गुपचुप तरीके से उसका निजी अस्पताल में इलाज कराया था। अधिवक्ता चौधरी अख्तर सादेन ने बताया कि 4 फरवरी 2025 को सीजेएम कोर्ट में न्याय की गुहार लगाते हुए याचिका दायर की थी। 09 जनवरी 2026 को मामले की ओर से अंतिम सुनवाई हुई और मंगलवार को मामले में आदेश दिया गया। अधिवक्ता ने बताया कि मामले में तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और संभल कोतवाल अनुज तोमर सहित 15 से 20 पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सभी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। अधिवक्ता चौधरी अख्तर हुसैन ने मंगलवार शाम को आदेश की जानकारी मिलने की पुष्टि की, हालांकि देर शाम आदेश जारी होने के कारण उन्हें अभी तक कोर्ट का लिखित आदेश नहीं मिला है। हिंसा के दौरान जिन लोगों को गोली लगी थी, वह 32 बोर की थी और 32 बोर पुलिस इस्तेमाल नहीं करती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से लेकर बैलिस्टिक जांच रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग भी जांच पूरी कर शासन को सौंप चुका है। जो कैबिनेट में पेश हो चुकी है। पुलिस ने मामले में जांच की है। सीओ व कोतवाल की सरकारी शस्त्र से कोई गोली नहीं चली। गोली लगने से घायल युवक के मामले में फिर भी कोर्ट ने इस तरह का आदेश दिए है। इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी, संभल।