
असमोली में बूढ़े बाबा के मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब
Sambhal News - जनपद के गांव असमोली में बूढ़े बाबा का प्रसिद्ध मेला धूमधाम से मनाया जा रहा है। श्रद्धालु मनोकामनाएं लेकर पहुंच रहे हैं और मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहे हैं। तालाब में स्नान कर रोगों से मुक्ति की प्रार्थना की जा रही है। मेले में मनोरंजन और खरीदारी का भी खास आकर्षण है, जिससे ग्रामीण संस्कृति जीवंत बनी हुई है।
जनपद के गांव असमोली में इन दिनों बूढ़े बाबा का प्रसिद्ध मेला पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ चल रहा है। इस मेले में न केवल जनपद संभल बल्कि आस-पास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा की जात लगाने और मनोकामना पूर्ण होने की कामना लेकर पहुंच रहे हैं। गांव और मंदिर परिसर में मेले के चलते खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। शनिवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ बूढ़े बाबा के मंदिर पर जुटने लगी। श्रद्धालुओं ने विधिवत रूप से पूजा-अर्चना कर बाबा का आशीर्वाद लिया और विशेष रूप से चर्म रोग से मुक्ति पाने की प्रार्थना की।
मान्यता है कि सच्चे मन से बाबा की जात लगाने से पुराने से पुराने रोग भी ठीक हो जाते हैं। मंदिर परिसर के पास बने तालाब में श्रद्धालुओं ने स्नान कर अपनी मनोकामनाएं मांगीं। श्रद्धालुओं का कहना है कि तालाब के जल में स्नान करने से रोगों से राहत मिलती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में मत्था टेककर प्रसाद चढ़ाया। धार्मिक आस्था के साथ-साथ मेले में मनोरंजन और खरीदारी का भी खास आकर्षण रहा। बच्चों और युवाओं ने झूलों का जमकर आनंद लिया। वहीं चाट-पकौड़ी की दुकानों पर दिनभर भीड़ लगी रही। महिलाएं सौंदर्य प्रसाधनों की दुकानों पर खरीदारी करती नजर आईं। बूढ़े बाबा का यह मेला न केवल आस्था का केंद्र है। बल्कि सामाजिक मेल-मिलाप और ग्रामीण संस्कृति को भी जीवंत बनाए हुए है। पूरे क्षेत्र में मेले को लेकर उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।

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