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हाइड्रोफोबिया से पीड़ित किसान ने दम तोड़ा, मचा कोहराम

हाइड्रोफोबिया से पीड़ित किसान ने दम तोड़ा, मचा कोहराम

1 / 2हाइड्रोफोबिया से पीड़ित किसानों की सांसें थम गईं। परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों को बिलखता देख ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। गांव में मातम छाया हुआ...

हाइड्रोफोबिया से पीड़ित किसान ने दम तोड़ा, मचा कोहराम

2 / 2हाइड्रोफोबिया से पीड़ित किसानों की सांसें थम गईं। परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों को बिलखता देख ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। गांव में मातम छाया हुआ...

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हाइड्रोफोबिया से पीड़ित किसानों की सांसें थम गईं। परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों को बिलखता देख ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। गांव में मातम छाया हुआ है।

नगर के गांव बुधनगर खडुआ निवासी शिशुपाल सिंह (50) पुत्र बलवंत सिंह खेती किसानी कर परिवार का भरण पोषण कर रहा था। एक माह पहले किसान शिशुपाल सिंह को गांव में ही एक कुत्ते ने काट लिया था। शिशुपाल ने घरेलू इलाज कर लिया और रैबीज इंजेक्शन भी नहीं लगवाया। परिजनों को शिशुपाल को कुत्ता काटे जाने की भनक भी नहीं हुई। सोमवार को अचानक ही शिशुपाल अजीबोगरीब हरकतें करने लगा। पानी से डरने लगा। कुत्ता काटने की जानकारी होने पर परिजन शिशुपाल को मंगलवार के दिन मेरठ के मेडिकल कालेज ले गए। जहां डाक्टरों ने हालत गंभीर होने पर वापस भेज दिया। बुधवार को परिजन घर ले आए। जहां हालत गंभीर बनी रही। शुक्रवार को अपराह्न तीन बजे शिशुपाल ने दम तोड़ दिया। परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी विमलेश देवी पति की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं। वहीं शिशुपाल के तीन बेटे और तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी पूनम और बेटा सोनू की शादी हो चुकी है। जबकि बेटी रजनी, काजल, बेटा विक्की व विकास की शादी होनी है। घर पर नाते रिश्तेदारों और मोहल्ले वालों का तांता लगा हुआ है। ग्रामीणों की जुबां पर यही बात थी कि घर के मुखिया की मौत होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बच्चों की शादी और पालन पोषण कैसे हो सकेगा। काश शिशुपाल कुत्ता काटने की बात परिजनों को पहले ही बता देता और रैबीज इंजेक्शन लगवा लेता तो जान बच सकती थी।

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  • Web Title:armer suffering from hydrophobia has died