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सड़क हादसे के बाद पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, दोबारा लगाया जाम

कैलादेवी थानाक्षेत्र में दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों की मौत के बाद गुस्साए लोगों में पुलिस के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा। घटनास्थल पर एक घंटे जाम लगा...

सड़क हादसे के बाद पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, दोबारा लगाया जाम
हिन्दुस्तान टीम,संभलMon, 04 Dec 2023 01:30 AM
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कैलादेवी थानाक्षेत्र में दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों की मौत के बाद गुस्साए लोगों में पुलिस के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा। घटनास्थल पर एक घंटे जाम लगा रहा। पुलिस ने जाम लगा रहे लोगों को समझाकर वहां से भेज दिया तो ग्रामीणों ने गांव नारंगपुर के चौराहे पर लकड़ियां डालकर दोबारा जाम लगा दिया। जानकारी होने पर चार थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। इस दौरान डेढ़ घंटे तब लगे जाम को एएसपी ने मौके पर पहुंचकर खुलवाया।
कैलादेवी थानाक्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आकर बाइक सवार सगे भाइयों समेत एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिवार की महिलाओं व लोगों के पहुंचने से पहले ही तीनों शव डीसीएम से जिला अस्पताल पहुंचा दिए। जिला अस्पताल में शवों को डीसीएम से नहीं उतारा गया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ. रामलाल यादव ने डीसीएम में चढ़कर तीनों को देखा और मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने तुरंत डीसीएम को जिला अस्पताल से पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। जिला अस्पताल के रजिस्टर में मृतकों के नाम दर्ज कराने के लिए मृतक के बेटे रिंकू को पुलिस ने वहीं छोड़ दिया। परिवार व गांव के लोग जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां से पुलिस तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज चुकी थी। जिस पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। सूचना पाकर एएसपी श्रीश्चंद्र जिला अस्पताल पहुंचे और लोगों को समझाकर घर भेज दिया। दूसरी तरफ घटनास्थल पर ट्रैक्टर-ट्राली खड़ी कर जाम लगा रहे लोगों को पुलिस ने समझाकर जाम खुलवा दिया। उसके बाद ग्रामीणों ने गांव नारंगपुर के चौराहे पर लकड़ियां डालकर दोबारा जाम लगा दिया। जिससे डेढ़ घंटे तक यातायात बाधित रहा। सूचना पर हयातनगर, सदर कोतवाली और नखासा थाने के प्रभारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। एएसपी ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया।

तीन मौतों से परिवारों में पसरा मातम

संभल। हरकेश की मौत से उसकी पत्नी पूनम व दोनों बेटे रिंकू और अंकित, भूरे सिंह की मौत से उसकी पत्नी सुगड़वती, बेटे विकास व आकाश एवं कल्याण सिंह उर्फ कालीचरन की मौत से उनके बेटे किशनपाल, इंद्रपाल और बेटी ऊषा के साथ ही परिवार के अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। तीनों के परिवारों में मातम पसर गया।

आखिर पुलिस ने क्यों की जल्दबाजी

संभल। सड़क हादसे में बाइक सवार सगे भाइयों समेत तीन लोगों की मौत के बाद जाम लगा रहे लोगों का कहना था कि पुलिस ने घटनास्थल से तीनों के शव हटा दिए। शवों को जिला अस्पताल में रखकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहिए था, लेकिन पुलिस ने जल्दबाजी की और परिवार के लोगों को भी नहीं देखने दिया। गुस्साए ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस ने ही ट्रक चालक को वहां से भगाया था।

कर रहे थे बात या चलती बाइक में मारी टक्कर

संभल। गवां मार्ग पर रझेड़ा सलेमपुर गांव के पास हादसे के बाद लोगों का कहना है कि बाइक सड़क किनारे खड़ी कर तीनों लोग बातें कर रहे थे। इसी दौरान ट्रक ने रौंद दिया जबकि कुछ लोगों का कहना है कि वह बाइक पर सवार होकर लौट रहे थे। तभी पीछे से तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को रौंद दिया लेकिन मौके पर कोई मौजूद नहीं था।

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