
संभल विवाद को एक साल आज पूरा, हरिहर पदयात्रा के ऐलान पर पुलिस अलर्ट, चप्पे-चप्पे पर फोर्स
डीएम ने बताया कि महंत से बातचीत जारी है। किसी भी संवेदनशील गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रशासन अलर्ट है, 19 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं और तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। जामा मस्जिद क्षेत्र में विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके।
यूपी के संभल में शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर विवाद को एक वर्ष पूरा होने पर शहर में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। कैला देवी मंदिर के महंत ऋषिराज गिरी ने सोमवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि मंगलवार सुबह 10 बजे हरिहर मंदिर के परीकोटे की लगभग 2.5 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली जाएगी। वहीं पुलिस प्रशासन यात्रा को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। हालांकि देर शाम तक पदयात्रा की कोई अनुमति प्रशासन द्वारा नहीं दी गई थी। बता दें कि संभल की जामा मस्जिद के पहले हरिहर मंदिर होने का दावा ठीक एक साल पहले 19 नवंबर 2024 को कोर्ट में दायर किया गया था। कोर्ट के आदेश पर उसी शाम यहां एडवोकेट कमीशन सर्वे किया गया था। 24 नवंबर 2024 को जब दूसरी बार सर्वे के लिए टीम पहुंची तो इलाके में हिंसा भड़क गई थी जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी।
महंत ऋषिराज गिरी ने दावा किया कि सभी को अपने धार्मिक स्थलों के दर्शन का अधिकार है। उन्होंने कहा कि अगर वहां रोज पांच नमाज पढ़ी जा सकती है, तो 47 साल बाद हम भी शांतिपूर्वक पदयात्रा कर सकते हैं। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि यात्रा शांति से पूर्ण कराई जाए। हालांकि महंत के इस निर्णय का विरोध भी सामने आया है। शाही जामा मस्जिद के सदर जफ़र शाही ने पदयात्रा को नई परंपरा बताते हुए तीखी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि संभल में आज तक मस्जिद के परीकोटे की कोई परिक्रमा नहीं हुई। यह शहर का माहौल खराब करने की कोशिश है। जफर ने लोगों से अफवाहों से दूर रहकर आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
इधर, डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि महंत से बातचीत जारी है और किसी भी संवेदनशील गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। डीएम ने कहा कि जफर को भी अपनी सुरक्षा और कानूनी स्थिति का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि पिछली हिंसा के प्रकरण में उनके विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया गया है। प्रशासन अलर्ट है, 19 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं और तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। शहर में 21 और 28 नवंबर को जुम्मे की नमाज को देखते हुए विशेष निगरानी रखी जाएगी।
सीओ ने भ्रमण कर शहर में परखे सुरक्षा के इंतजाम
संभल कैलादेवी मंदिर के महंत ऋषिराज गिरी द्वारा बुधवार को हरिहर मंदिर परकोटा पद यात्रा निकालने के ऐलान के बाद शहर का सुरक्षा ढांचा पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गया है। शहर के सभी महत्वपूर्ण प्वाइंटों पर पुलिस, पीएसी और आरआरएफ बल तैनात कर दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था का जायज़ा लेने के लिए सीओ ने सदर कोतवाली पुलिस, पीएसी और आरआरएफ के साथ चौधरी सराय पुलिस चौकी से पैदल मार्च की शुरुआत की। वहीं ड्रोन से शाही जामा मस्जिद के साथ शहर की निगरानी की गई। सत्यव्रत पुलिस चौकी पर लगे सीसीटीवी पर भी नजर रखी जा रही है। उधर, जामा मस्जिद क्षेत्र में विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके।
‘हरिहर मंदिर पदयात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण होगी’
संभल। 19 नवंबर को कैला देवी धाम से हरिहर मंदिर तक प्रस्तावित पदयात्रा को लेकर महंत ऋषिराज गिरी ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में स्पष्ट कहा कि यह यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित और आस्था-आधारित होगी। उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक जनजागरण और हरिहर भगवान के दर्शन है, किसी भी प्रकार का भड़काऊ व्यवहार या कानून उल्लंघन बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महंत ने बताया कि यात्रा प्रातः 10 बजे कैला देवी धाम से शुरू होगी और हरिहर मंदिर की परकोठी की परिक्रमा कर पूरी की जाएगी। महंत ऋषिराज गिरी ने कहा कि हमारा धर्म शांति है, कानून का सम्मान हमारी परंपरा है। उन्होंने यह भी कहा कि हरिहर मंदिर संबंधी मुद्दे न्यायालय में विचाराधीन हैं और सभी श्रद्धालु न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं।





