
पेट में दिक्कत के बाद संत प्रेमानंद अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंचे, झलक पाने को उमड़े श्रद्धालु
वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज पेट में दिक्कत के बाद मंगलवार को अल्टासाउंड कराने एक डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंचे। इसकी जानकारी मिलते ही महाराज की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस ने पहुंच कर किसी तरह हालात संभाले। प्रेमानंद महाराज को दूसरे दरवाजे से बाहर निकालना पड़ा।
वृंदावन के प्रख्यात संत प्रेमानंद महाराज मंगलवार की सुबह बिरला मंदिर स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंचने पर उनकी एक झलक पाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। संत प्रेमानंद के यहां पहुंचने की खबर जंगल में आग की तरह फैली, उसके बाद तो हालात संभालने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जैसे-तैसे लोगों को समझाया और संत प्रेमानंद महाराज को डायग्नोस्टिक सेंटर के राधापुरम कालोनी की ओर बने दूसरे गेट से उनके आश्रम के लिए रवाना किया। बताया जा रहा है कि पेट में दिक्कत के बाद महाराज को अल्ट्रासाउंड के लिए यहां लाया गया था। महाराज की दोनों किडनी खराब होने के कारण लगातार डायलिसिस भी जारी है। इस वजह से ही भोर में होने वाली पदयात्रा भी महाराज ने स्थगित कर रखी है। इस यात्रा के दौरान रोजाना हजारों लोग महाराज का दर्शन कर लेते थे।

बिरला मंदिर स्थित आरएस काम्पलेक्स के बाहर मंगलवार की सुबह सब कुछ सामान्य था। सुबह करीब 8 बजे यहां शैल सुधा डायग्नोस्टिक सेंटर के बाहर अचानक हलचल बढ़ी। कुछ लोगों ने यहां वृंदावन के प्रख्यात संत प्रेमानंद महाराज को उनके साथ आए शिष्यों के साथ गाड़ी से उतारते हुए देखा। यह खबर जंगल में आग की तरह फैली। देखते ही देखते आसपास की कालोनियों के लोग यहां एकत्र होने लगे। कुछ लोगों ने डायग्नोस्टिक सेंटर में जाने की प्रयास किया, लेकिन उनको शिष्यों ने रोक दिया।
इसके बाद संत प्रेमानंद की एक झलक पाने को बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, युवा और वृद्ध डायग्नोस्टिक सेंटर के बाहर पहुंचने लगे। भीड़ को देख यहां से गुजरने वाले वाहन चालक भी रुक गए। उनको जब पता चला की संत प्रेमानंद महाराज यहां अपनी जांच के लिए आए हैं तो वे भी रुक गए। इसके चलते जाम के हालात उत्पन्न होने लगे। सूचना मिलने पर बिड़ला मंदिर पुलिस चौकी से पुलिसकर्मी यहां पहुंच गए।
यहां जमा भीड़ बार-बार राधे राधे के जयकारे लगा रही थी। पुलिस ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के प्रयास किया। लोगों की भीड़ के कारण सड़क के दोनों साइड में लगे जाम को खुलवाया गया। इसके बाद संत प्रेमानंद महाराज के शिष्यों ने आकर लोगों से आग्रह किया, लेकिन लोगों भीड़ कम होने के बजाए बढ़ने लगी।
लोगों की भीड़ को देखते हुए शिष्यों ने संत प्रेमानंद महाराज को डायग्नोस्टिक सेंटर के राधापुरम कालोनी की ओर बने दूसरे गेट से निकाला। संत प्रेमानंद के जाने के काफी देर तक लोग यही समझते रहे के वह डायग्नोस्टिक सेंटर के अंदर ही हैं। पुलिस के लाख समझाने के बाद भी लोग टस से मस नहीं हुए। कुछ लोगों ने डायग्नोस्टिक सेंटर के अंदर जाकर देखा कि संत प्रेमानंद महाराज नहीं हैं, इसके बाद उन्होंने बाहर आए लोगों को बताया, तब कहीं जाकर लोग माने।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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