डॉ. आदिल के बाद हारिस; नए आतंकी माड्यूल को लेकर एजेंसियां अलर्ट, क्लासमेट और टीचर हैरान
यूपी एटीएस ने मुरादाबाद से आईएसआईएस (ISIS) के ऑनलाइन मॉड्यूल से जुड़े सहारनपुर निवासी बीडीएस छात्र हारिस अली को गिरफ्तार किया है। डॉ. आदिल के बाद यह दूसरा बड़ा कनेक्शन है जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।

आतंकी गतिविधियों के मामलों में सहारनपुर का नाम एक बार फिर चर्चा में है। कुछ समय पहले सहारनपुर के एक नामी अस्पताल में काम कर चुके डॉक्टर डॉ. आदिल की गिरफ्तारी के बाद अब मुरादाबाद से आईएसआईएस से जुड़े नेटवर्क में सहारनपुर निवासी बीडीएस छात्र हारिस की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार सामने आ रहे इन कनेक्शन के बाद सहारनपुर में खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों ने सक्रियता बढ़ा दी है। एटीएस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद मुरादाबाद में कॉलेज के छात्र, शिक्षक और कर्मचारी हैरान हैं।
कुछ समय पहले आतंकी मॉड्यूल की जांच में डॉ. आदिल का नाम सामने आया था, जो सहारनपुर के प्रसिद्ध अस्पताल में कार्यरत रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद आशंका जताई गई थी कि आतंकी नेटवर्क पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संपर्क मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। अब मुरादाबाद से सहारनपुर निवासी बीडीएस छात्र हारिस अली की गिरफ्तारी ने इस आशंका को और मजबूत कर दिया है। एटीएस के अनुसार हारिस सोशल मीडिया और इनक्रिप्टेड एप के माध्यम से आईएसआईएस समर्थित ग्रुप चलाकर युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित कर रहा था और उन्हें संगठन से जोड़ने का प्रयास कर रहा था।
शिक्षण संस्थाओं से जुड़े युवकों पर नजर
सूत्रों के अनुसार लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद सहारनपुर में खुफिया एजेंसियों की निगरानी और बढ़ा दी है। खासकर मेडिकल, तकनीकी और शिक्षण संस्थानों से जुड़े युवाओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध नेटवर्क को समय रहते चिन्हित किया जा सके। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अब आतंकी संगठन सीधे हमलों के बजाय ऑनलाइन नेटवर्क और स्थानीय संपर्कों के जरिए युवाओं को जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। ऐसे में सहारनपुर जैसे सीमावर्ती और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिले में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी गतिविधि को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
पढ़ाई में सामान्य, सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रिय
मुरादाबाद। आतंकी संगठन आईएसआईएस के ऑनलाइन मॉड्यूल से जुड़े होने के आरोप में बीडीएस छात्र हारिस अली की गिरफ्तारी के बाद कॉलेज कैंपस से लेकर हॉस्टल तक सन्नाटा पसरा है। हारिस को करीब से जानने वालों का कहना है कि वह बेहद शांत स्वभाव का था और उसके व्यवहार से कभी ऐसा नहीं लगा कि वह किसी संदिग्ध गतिविधि या संगठन से जुड़ा हो सकता है।
सहपाठियों के अनुसार, सहारनपुर निवासी हारिस अली कॉलेज में ज्यादा घुलने-मिलने वाला छात्र नहीं था, लेकिन उसका व्यवहार शालीन और अनुशासित रहता था। वह अक्सर अपनी पढ़ाई में व्यस्त दिखता और बिना किसी विवाद के कॉलेज आता-जाता था। क्लास में भी वह शिक्षकों से शालीनता से बात करता था। हालांकि, सहपाठियों ने यह जरूर गौर किया कि वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहता था और अक्सर अकेले बैठकर फोन चलाता रहता था।
कॉलेज परिसर में उसने कभी किसी से ऊंची आवाज में बात नहीं की और न ही कभी अपने विचारों या किसी संगठन का जिक्र किया। यही वजह है कि उसकी गिरफ्तारी की खबर सहपाठियों के लिए गले नहीं उतर रही है।
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Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


