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सहारनपुर से सही सलामत निकल गया पानी, अब दिल्ली पर मंडराया खतरा

सहारनपुर से सही सलामत निकल गया पानी, अब दिल्ली पर मंडराया खतरा

हथिनीकुंड बैराज से शनिवार शाम छोड़ा गया 6 लाख क्यूसेक पानी सहारनपुर से सही सलामत गुजर गया, लेकिन दिल्ली के लिए यह जरूर खतरा बन सकता है।

दिल्ली तक इस पानी को पहुंचने में 72 घंटे लगते हैं। 2013 में 8 लाख 6 हजार क्यूसेक के बाद यमुना में छोड़ा गया यह सर्वाधिक पानी है। दूसरा, इसमें हिंडन, काली, ढमोला आदि छोटी-बड़ी दर्जनों नदियों का पानी और मिल जाने से दिल्ली जाते-जाते यमुना का जलस्तर और बढ़ जाता है। इसी से दिल्ली खासकर निचले इलाकों के लिए खतरा हो सकता है। जिसके लिए दिल्ली सरकार ने पहले ही अलर्ट घोषित कर दिया है। सिंचाई विभाग के अफसरों के अनुसार, यह पानी करीब 72 घंटे में दिल्ली पहुंचेगा। शनिवार देर शाम हथिनीकुंड बैराज से 6 लाख 6 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिसके बाद जिले में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया था। दरअसल कई साल से जिले में खनन बंद रहने से यमुना के जलस्तर में उफान है और ज्यादा क्षेत्र में पानी होकर बह रहा है। इसी से मंधौर आदि तटबंधों पर पानी के ओवरफ्लो को देखते ही प्रशासन के भी हाथ पांव फूलने लगे थे और आनन फानन में सेना, पीएसी और एनडीआरएफ की टीमों को भेजने के लिए मांग की गई थी। सेना में मेरठ कैंट तो एनडीआरएफ की टीमों के लिए शासन व वाराणसी मुख्यालय पर फोन कर दिए गए थे तो पीएसी के लिए एसएसपी को कहा गया था। हालांकि इसी दौरान बारिश रुक जाने और जलस्तर में गिरावट देख प्रशासन ने राहत की सांस ली और टीमों को वहीं पर रोका गया। प्रशासनिक अफसरों के अनुसार, शाम 7 बजे के बाद बारिश नहीं होने से धीरे-धीरे जलस्तर घटता शुरू हुआ। 8 बजे के करीब जलस्तर 5.7 लाख क्यूसेक हो गया था और इसके बाद सुबह तक जलस्तर ढाई लाख क्यूसेक पर पहुंच गया था। रविवार शाम जलस्तर घटकर करीब सवा लाख क्यूसेक ही रह गया था। वहीं यमुना किनारे के गांवों में घुसा पानी भी धीरे-धीरे निकल गया। हालांकि खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है। बस राहत की बात यही है कि आबादी क्षेत्रों में पानी नहीं रह गया है। प्रशासनिक अफसरों के अनुसार, वर्तमान में स्थिति एकदम सामान्य की ओर है। आपदा प्रबंधन कार्यालय के लिए शनिवार से रविवार सुबह 8 बजे तक 66.6 एमएम के औसत से जिले में 333 एमएम बारिश दर्ज की गई है। जुलाई माह में औसत बारिश का आंकड़ा 400 एमएम पर पहुंच गया है, जबकि पिछले सालों का औसत मानक सामान्य वर्षा 270 एमएम रही है। 0-मृतको को चार लाख, मकान पर मिलेंगे 5200 रुपये- एडीएम वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार ने बताया कि जिले में प्राकृतिक आपदा बाढ़ और बारिश आदि कारणों से मकान गिरने पर 11 लोगों की जान चली गई है। सभी को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। चेक तैयार कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही जिले में 11 मकान पूर्णत क्षतिग्रस्त है, जबकि 238 मकानों में आंशिक क्षति दर्ज की गई है। आपदा प्रबंधन कार्यालय के अनुसार, मकान में आंशिक क्षति पर 3200 रुपये तथा पूर्णत: क्षतिग्रस्त होने पर 5200 रुपये की सहायता का प्रावधान है।

डाक्टरों आदि की टीम भेजी गई गांवों में, पशु चिकित्सकों की टीमें भी भेजी गई गांवों में सहारनपुर हमारे संवाददाता शनिवार शाम हथिनीकुंड बैराज से 6 लाख 6 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने की खबर आते ही डीएम ने पूरे जिले में अलर्ट घोषित कर दिया था। सभी विभागों के अफसरों को किनारे के गांवों में कैंप करने के आदेश दिए थे। इसी से रातभर अधिकारी दौड़ते रहे। खासकर जिन गांवों में पानी भरा उनमें लोगों को ऊंचे स्थानों पर चले जाने आदि को लेकर लाउडस्पीकर से लोगों को सचेत किया जाता रहा जिसका फायदा यह हुआ कि कही से जनहानि आदि की कोई नई खबर सुनने को नहीं मिली। हालांकि राहत की बात यह थी कि रात 8 बजे के बाद यमुना में जलस्तर घटने के बाद धीरे-धीरे गांवों में पानी कम होता चला गया। सदर तहसील के चौरी मंडी गांव में पानी घुसने की खबर पर एडीएम वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार, एसडीएम सदर संगीता व तहसीलदार प्रीति सिंह रात में ही गांव पहुंचे और डेरा जमाए रहे। लोगों को सचेत कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचवाया गया। एडीएम के अनुसार, जलभराव की सबसे ज्यादा दिक्कत नकुड़ के समसपुर, कुतुबपुर, सरसावा, ढिक्का कलां-टपरी, मंधौर, कुंडाकलां, रानीपुर बरसी आदि में थी जबकि सदर तहसील के चिलकाना साइड के गांव चौरी मंडी, हैदरपुर, झरौली, भिक्कनपुर व ग्यासूद्दीनपुर आदि में दिक्कत ज्यादा थी। एसडीएम सदर संगीता व तहसीलदार प्रीति सिंह ने बताया कि अब किसी भी गांव में आबादी क्षेत्र में पानी नहीं भरा है। खेतों में पानी जरूर बरकरार बना हुआ है। एसडीएम के अनुसार, जलभराव से बीमारियों आदि के मद्देनजर डाक्टरों की टीमें गांवों में भेजी गई है। जरूरी छिड़काव आदि कराया जा रहा है। पशु चिकित्सकों की टीम भी गांवों का दौरा कर रही है। हालांकि अभी स्थिति एकदम सामान्य है लेकिन प्रशासन पूरी तरह से अभी भी अलर्ट पर है और पूरी नजर रखी जा रही है।

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  • Web Title: Yamuna water passed from Saharanpur scared people