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24 अक्तूबर, 2020|8:07|IST

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घर-घर में हुई मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी की अराधना

घर-घर में हुई मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी की अराधना

सहारनपुर। संवाददाता

शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन रविवार को मां के भक्तों ने मां ब्रह्मचारिणी का पूजन-अर्चना कर परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की। सिद्धपीठ शाकुंभरी देवी और मां त्रिपुर बाला सुंदरी मंदिर में भक्तों की भीड़ रही। वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण देवीमय हो गया। इस दौरान देवी गीतों से मां का दरबार गुंजायमान रहा। देवी मंदिरों में माता रानी की एक झलक पाने के लिए भक्त आतुर दिखे। इस दौरान दो गज की दूरी और मास्क पहनकर ही श्रद्धालु प्रवेश ले पाए।

जिले भर के देवी मंदिरों में सुबह से ही दर्शनार्थी आदि शक्ति के दर्शन करने के लिए कतारबद्ध हो गए। सिद्धपीठ शाकुंभरी देवी और देवबंद स्थित मां त्रिपुर बाला सुंदरी मंदिर में भक्तों की भीड़ सुबह से लगनी शुरू हुई। दर्शन-पूजन करने का सिलसिला देर तक चलता रहा। चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।

राधा विहार स्थित महाशक्ति पीठ वैष्णवी महाकाली मंदिर में मां ब्रहमचारिणी की पूजा आराधना हुई। इस अवसर पर स्वामी कालेंद्रानंद ने नव दुर्गा ब्रहमचारिणी महाशक्ति की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि मां भगवती ही निराकार रूप में ज्योति रूप है। साकार रूप में नवदुर्गा स्वरूप है। कहा कि जो भी भक्त सच्चे मन से मां दुर्गा का पूजन करता है उसे मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। इस अवसर पर अरुण स्वामी, अजब सिंह, सागर, मेहरचंद, सुचेता, गीता, बाला, वर्षा, किरण, पूजा आदि मौजूद रहे।

-आज पूजी जाएंगी मां चंद्रघंटा

नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की रूप की पूजा होती है। मां चंद्रघंटा को आध्यात्मिक और आत्मिक शक्तियों की देवी कहा जाता है। यह देवी सभी बाधाओं और संकटों को दूर करने वाली हैं। मां को प्रसन्न करने के लिए भक्त दूध या दूध से बनी मिठाई अथवा खीर अर्पित करते हैं। मान्यता है कि खीर ब्राह्मणों को दान करने से जीवन के सभी दुखों का अंत हो जाता है।

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  • Web Title:Worshiping Brahmacharini another form of Mother Durga in every household