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28 सितम्बर, 2020|3:16|IST

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दशलक्षण पर्व के अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की पूजा

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चिलकाना सुल्तानपुर में दशलक्षण पर्व के अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की पूजा की गई। अनंत चतुर्दशी के दिन ही तीर्थंकर वासुपूज्य स्वामी को मोक्ष प्राप्ति हुई थी। उनकी भी विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की गई।

नगर के दोनों जैन मंदिरों में दसलक्षण पर्व तथा अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया गया। मंदिर में विधि विधान के साथ श्रीजी का अभिषेक तथा शांति धारा हुई। इसके पश्चात अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाते हुए तीर्थंकर वासुपूज्य स्वामी के मोक्ष कल्याणक के अवसर पर उनकी पूजा की गई। कहा गया कि केवल ब्रह्मचर्य व्रत लेना काफी नहीं है।

मन, वचन तथा काया तीनों को ब्रह्मचर्य व्रत के समान आचरण करना चाहिए। इस वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते जल कलश यात्रा नहीं निकाली गई है। इस दौरान जैन समाज के संरक्षक सुधीर कुमार जैन, वीरेंद्र कुमार जैन, निशांक जैन, विजेंद्र कुमार, गौरव जैन, अनुपम जैन आदि थे।

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  • Web Title:Worship of the best celibacy religion on the last day of Dashalakshan festival