Saharanpur News: विवादित बताई जा रही मस्जिद और मदरसों के प्रबंधक से मिला जमीयत का प्रतिनिधिमंडल
Saharanpur News: देवबंद में प्रशासन द्वारा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के चलते छह मस्जिदों और मदरसों को नोटिस दिए गए। जमीयत उलेमा-ए-हिंद का प्रतिनिधिमंडल, मौलाना मोहम्मद इरफान की अगुवाई में, इन संस्थानों का दौरा किया और प्रबंधकों को कानूनी मदद का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित दस्तावेजों की जांच की।

Saharanpur News: देवबंद। प्रशासन द्वारा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर तहसील की छह मस्जिदों और मदरसों को दिए गए नोटिस के प्रकरण में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को क्षेत्र की इन सभी मस्जिदों और मदरसों का भ्रमण किया गया। जमीयत पदाधिकारियों ने संबंधित मस्जिद व मदरसों के कागजातों की गहनता जांच करते हुए प्रबंधकोंको हर संभव मदद का आश्वासन दिया। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के केंद्रीय कार्यालय के निर्देश पर देवबंद इकाई के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद इरफान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने गांव अम्बेहटा शेखा, पांडोली, सोहनचिढ़ा, चहलोली और पहाड़पुर पहुंचकर उन सभी मस्जिद व मदरसों के प्रबंधको से मुलाकात की जिन्हें प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित मस्जिद व मदरसों के उपलब्ध कागजातों को भी देखा और ग्रामीणों से विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने सभी दस्तावेजों को रिकार्ड की जांच करते हुए भविष्य की कानूनी कार्रवाई को विचार-विमर्श किया। मौलाना इरफान ने बताया कि गांवों में पहुंच जमीनी हकीकत का जायजा लिया गया है साथ ही उपलब्ध दस्तावेज देखते हुए हर संभव कानूनी मदद का आश्वासन दिया गया है। बताया कि गांव अंबेहटा शेखा की मस्जिद के बारे में पता चला है कि 1959 में यह भूमि ग्राम समाज की थी, लेकिन बाद में चकबंदी के दौरान यह भूमि आबादी में शामिल कर ली गई। इसी प्रकार पहाड़पुर की मस्जिद के संबंध में बताया गया है कि मस्जिद तालाब की जमीन पर बनी है, इसका निर्माण गांव के लोगों की आपसी सहमति और तत्कालीन ग्राम प्रधान की लिखित सिफारिश के बाद किया गया था। प्रतिनिधिमंडल में कारी मोहम्मद दिलशाद, कारी मोहम्मद अय्यूब, अधिवक्ता मोहम्मद सलमान, मौलवी मुंतज़र, अब्दुल रहमान और अब्दुल सत्तार शामिल रहे।
लेखक के बारे में
Parnav Aggarwalप्रणव अग्रवाल पिछले करीब 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) सहारनपुर में जिला प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता जीवन में अपराध, उच्च शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर अनेक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरें लिखी हैं।
परिचय एवं अनुभव
प्रणव अग्रवाल हिंदी पत्रकारिता के उन सक्रिय पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने अपने काम के जरिए पाठकों के बीच मजबूत पहचान बनाई है। करीब डेढ़ दशक के अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण एवं एक्सक्लूसिव खबरों पर काम किया। हिन्दुस्तान में कार्य करते हुए उन्होंने अपराध, मेडिकल, उच्च शिक्षा और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी अनेक खोजी और विश्लेषणात्मक खबरें प्रकाशित की हैं। समय के साथ बदलते मीडिया परिवेश और पाठकों की रुचि को समझते हुए उन्होंने खबरों की प्रस्तुति में भी नई दृष्टि विकसित की है।
कॅरियर का सफर
प्रणव अग्रवाल ने अपने पत्रकारिता कॅरियर की शुरुआत वर्ष 2011 में अमर उजाला से की जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। इसके बाद वर्ष 2017 में हिन्दुस्तान समाचार पत्र से जुड़े और यहां उन्हें अपराध, उच्च शिक्षा तथा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) बीट पर काम करने का अवसर मिला। एएमयू बीट की गहन और प्रभावी कवरेज के लिए उन्हें एएमयू द्वारा मीडिया एक्सीलेंस अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। एचटी ग्रुप की ओर से भी कई बार प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
प्रणव अग्रवाल ने बीकॉम और एमकॉम की पढ़ाई के साथ-साथ पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। मजबूत शैक्षणिक आधार के कारण उन्हें हिंदी पत्रकारिता में विषयों की गहराई से समझ विकसित करने में मदद मिली। इसी वजह से उन्होंने अपराध, चिकित्सा और उच्च शिक्षा जैसे जटिल विषयों पर भी रिसर्च आधारित और विश्लेषणात्मक खबरें लिखी हैं। उनकी कई एक्सक्लूसिव स्टोरी हिन्दुस्तान के राष्ट्र एवं राज्य स्तर पर विभिन्न संस्करणों में प्रकाशित हुई हैं।
कार्य क्षेत्र एवं दृष्टि
प्रणव अग्रवाल को अपराध, केंद्रीय विश्वविद्यालय, चिकित्सा और उच्च शिक्षा से जुड़े विषयों पर विशेष पकड़ हासिल है। उन्होंने इन क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण एक्सक्लूसिव खबरें प्रकाशित की हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और प्रभावी जानकारी पहुंचाना है ताकि पत्रकारिता के प्रति विश्वास और विश्वसनीयता बनी रहे।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


