
ड्यूटी के दौरान बीएलओ की हार्ट अटैक से मौत
Saharanpur News - नगर कोतवाली क्षेत्र के नुमाइशकैंप में बीएलओ दुष्यंत सिंह बेदी की हार्ट अटैक से अचानक मौत हो गई। अस्पताल पहुँचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उनके निधन से परिवार में शोक की लहर है, क्योंकि उनकी पत्नी पहले ही कैंसर से गुजर चुकी थी। उनके दो छोटे बच्चे हैं, जो अब अनाथ हो गए हैं।
नगर कोतवाली क्षेत्र के नुमाइशकैंप में एसआईआर जनसुनवाई के दौरान बीएलओ अचानक जमीन पर गिर गए। साथी कर्मचारी उनको लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि हार्टअटैक की वजह से मौत हुई है। सूचना पर परिजन भी जिला अस्पताल पहुंच गए। बीएलओ की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों में भी शोक लहर दौड़ गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। थाना जनकपुरी क्षेत्र के गांव चकहरहेटी निवासी दुष्यंत सिंह बेदी (36) पुत्र अशोक सिंह बेदी सिंचाई विभाग में वरिष्ठ सहायक थे। इन दिनों उनकी बीएलओ की ड्यूटी नूरबस्ती में लगी थी।
मंगलवार को ड्यूटी नुमाइशकैंप क्षेत्र में पूर्व माध्यमिक विद्यालय में लगाई गई थी। वह दोपहर में एसआईआर से संबंधित जनसुनवाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और वह जमीन पर गिर पड़े। ड्यूटी तैनात नलकूप विभाग के कर्मचारी मोनू सिंह तत्काल बीएलओ को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां दुष्यंत सिंह बेदी को मृत घोषित कर दिया गया। सूचना पर पुलिस और दुष्यंत सिंह बेदी के भाई कुलबीर सिंह व परिजन भी मौके पर पहुंच गए। बीएलओ की मौत से परिजनों का कोहराम मच गया। पता लगने पर उनके विभाग और निर्वाचन कार्यालय के कर्मचारी व अधिकारी भी अस्पताल पहुंच गए। बीएलओ की मौत से कर्मचारियों और अधिकारियों में शोक की लहर दौड़ गई। नगर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, पत्नी की पहले ही हो चुकी है मौत सहारनपुर। सिंचाई विभाग में वरिष्ठ सहायक पद पर तैनात दुष्यंत सिंह बेदी के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। छह वर्ष पहले ही उनकी पत्नी रश्मी का कैंसर से निधन हो गया था। इससे पहले उनके पिता का भी निधन हो चुका है। दुष्यंत सिंह बेदी के दो छोटे बच्चे हैं। नौ वर्षीय बेटा समर्थ और छह वर्षीय बेटी रवनीत। दुष्यंत सिंह बेदी ही अपने परिवार के एकमात्र सहारे थे, जो पूरी जिम्मेदारी के साथ बच्चों का पालन-पोषण कर रहे थे। पत्नी के निधन के बाद से ही दुष्यंत ने ही मां-बाप दोनों की भूमिका निभाते हुए बच्चों की परवरिश कर रहे थे। उनके असामयिक निधन से दोनों मासूम बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है। दुष्यंत सिंह बेदी की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। रिश्तेदारों और परिचितों का रो-रोकर बुरा हाल है। मोहल्ले और विभाग में भी शोक की लहर है। जून में रुड़की में हुआ था तबादला सहारनपुर। जून माह में दुष्यंत सिंह का तबादला रुड़की स्थित सिंचाई विभाग में कर दिया गया था। हालांकि, चुनावी प्रक्रिया और एसआईआर से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रशासनिक ड्यूटी के कारण उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया था। प्रशासन के निर्देश पर वह लगातार सहारनपुर में ही अपनी सेवाएं देते रहे। लंबे समय से एक ही स्थान पर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे दुष्यंत सिंह अपने कार्य के प्रति बेहद समर्पित माने जाते थे। उनके आकस्मिक निधन की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग सहित अन्य विभागों में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मियों का कहना है कि दुष्यंत सिंह स्वभाव से बेहद मिलनसार थे और हर किसी से सादगी एवं सम्मान के साथ पेश आते थे। वे हमेशा सहयोग की भावना रखते थे और कठिन परिस्थितियों में खुश रहते थे। वर्जन:- नुमाइशकैंप में ड्यूटी के दौरान बीएलओ की हार्ट अटैक से मौत हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्थिति ओर स्पष्ट हो जाएगी। -व्योम बिंदल, एसपी सिटी

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