पहाड़ों पर बारिश से शाकंभरी देवी में उफनाई नदी, दो महिलाओं की मौत
Saharanpur News - पहाड़ों पर भारी बारिश के बाद देर रात अचानक मंदिर क्षेत्र में उतरा पानी का

सहारनपुर/बेहट। मां शाकंभरी देवी सिद्धपीठ में गुरुवार देर रात अचानक आए पानी के तेज उफान ने भारी तबाही मचा दी। शाकंभरी खोल में आए तेज बहाव में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि कई श्रद्धालु घंटों तक पानी में फंसे रहे। दर्जनों वाहन, ट्रैक्टर-ट्रालियां, बाइक, क्रेन और करीब 50 अस्थायी दुकानें पानी में बह गईं। पूरे क्षेत्र में चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया। प्रशासन ने हालात की गंभीरता को देखते हुए शाकंभरी देवी और भूरादेव मंदिर के कपाट 31 मई तक बंद कर दिए हैं और पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। बताया जा रहा है कि पहाड़ों पर हुई भारी बारिश के बाद गुरुवार रात करीब एक बजे अचानक शाकंभरी खोल में तेज पानी का बहाव उतर आया। उस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर और खोल के आसपास सो रहे थे। पानी का बहाव इतना तेज था कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला。
महिलाओं की मौत
प्रसाद, अखरोट, ज्वैलरी और पूजा सामग्री की करीब 50 दुकानें देखते ही देखते पानी में समा गईं। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के गांव गीदावली निवासी 65 वर्षीय सावित्री सैनी पत्नी स्वर्गीय चंद्रभान की पानी में बहने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह अपने बच्चों को तलाशते हुए तेज बहाव की चपेट में आ गईं, जबकि बच्चे अंदर सुरक्षित सो रहे थे। उनका शव सुबह करीब एक किलोमीटर दूर भूरादेव मंदिर के पीछे खोल में मिला। पानी के बहाव में बहकर एक अन्य महिला की भी मौत हो गई। उनकी पहचान नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि वह मंदिर क्षेत्र में भिक्षा मांगकर गुजर-बसर करती थी और रात में दुकान में सो जाया करती थी।
वाहनों की क्षति
वहीं, हरियाणा के यमुनानगर के गांव जद निवासी सुमित परिवार और ग्रामीणों को ट्रैक्टर-ट्रॉली से लेकर शाकंभरी आया था। अचानक आए पानी में उनका ट्रैक्टर करीब 500 मीटर तक बह गया और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। देवबंद के गांव कुरड़ी घयाना निवासी कुलदीप और रोहताश हलवाई की दो बाइक भी पानी में बहकर क्षतिग्रस्त हो गईं। करीब दस वाहन पानी में बह गए। मेरठ निवासी एक कार चालक की कार भी पानी में बह गई। चालक ने समय रहते कार से कूदकर जान बचाई, जबकि कार करीब एक किलोमीटर दूर जाकर क्षतिग्रस्त हालत में मिली। वहीं, चुहड़पुर निवासी गूंगा और शुक्कड़ नामक युवक भी पानी में बह गए, जो किसी तरह भूरादेव मंदिर के पास बाहर निकल सके।
बचाव अभियान
रातभर चला बचाव अभियान। घटना के बाद क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। पुलिस और स्थानीय लोगों ने रातभर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से रात में केवल एनाउंसमेंट कर औपचारिकता पूरी कर दी गई, जबकि शाकंभरी क्षेत्र को संवेदनशील जगह माना जाता है। सुबह डीएम अरविंद चौहान, एसएसपी अभिनंदन, एडीएम एफ सलील पटेल, एसपी ग्रामीण मयंक पाठक और एसडीएम मानवेंद्र मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रशासन ने भूरादेव, नागल माफी और जसमोर चौराहे पर बैरिकेडिंग कर पुलिस पिकेट तैनात कर दी है। मिर्जापुर थाना प्रभारी सूबे सिंह पुलिस टीम के साथ श्रद्धालुओं को रोकते रहे।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
कहना इनका... लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से आए तेज बहाव के कारण अचानक स्थिति गंभीर हो गई। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शाकंभरी और भूरादेव मंदिर के कपाट 31 मई तक बंद कर दिए गए हैं। पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी है। राहत एवं बचाव कार्य लगातार चलाया जा रहा है और क्षतिग्रस्त रास्तों को दुरुस्त करने का काम शुरू करा दिया गया है।
- अरविंद चौहान, डीएम, सहारनपुर
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