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22 सितम्बर, 2020|12:44|IST

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40 लाख से अधिक खर्च होने के बाद भी स्थिति जस की तस

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महानगर में आवारा कुत्तों का आतंक है। इस आतंक को खत्म करने के लिए नगर निगम ने पानी की तरह पैसा खर्च किया। करीब 40 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी स्थिति जस की तस है। महानगर में कुत्तों की संख्या में अभी कोई कमी नहीं आई है।

महानगर के पीरवाली गली में तीन साल की मासूम बच्ची को आवारा कुत्तों ने नोंच लिया था। जिससे उसे गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद महानगर में आवारा कुत्तों के आतंक को लेकर सवाल खड़े हो गए थे। महानगर में कई इलाके ऐसे हैं जहां पर कुत्तों के झूंड रहते हैं। जिस कारण आए दिन इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं।

गत वर्ष कुत्तों की संख्या को देखते हुए नगर निगम ने कुत्तों की नसबंदी का एक अभियान चलाया गया था। जिसमें एक कंपनी को कुत्तों की नसबंदी का ठेका दिया गया था। यही नगर निगम ने इस अभियान में करीब 40 लाख रुपये का वजट खर्च किया। लेकिन, अभियान का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है।

कुछ पार्षदों का कहना है कि नगर निगम ने भारी भरकम रकम खर्च की। लेकिन, कुत्तों की संख्या में अभी तक कोई कमी नहीं हुई। उलटा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पार्षद मंसूर बदर और हाजी गुलेशर ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र कुत्तों को पकड़वाने के लिए एक अभियान चलाना चाहिए। जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सके।

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  • Web Title:The situation remains the same even after spending more than 40 lakhs