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6 अगस्त, 2020|7:10|IST

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जुमे की रौनक को निगल गया कोरोना का काला साया

जुमे की रौनक को निगल गया कोरोना का काला साया

1 / 200 अकीदतमंदों ने घरों में अदा की रमजान के पहले जुमा की नमाज नक कोरोना संक्रमण की भेंट चढ़ गई। लॉक डाउन के चलते अकीदतमंदों ने जुमा की नमाज को अपने ही घरों में अदा कर बारगाहे इलाही में मुल्क में...

जुमे की रौनक को निगल गया कोरोना का काला साया

2 / 200 अकीदतमंदों ने घरों में अदा की रमजान के पहले जुमा की नमाज नक कोरोना संक्रमण की भेंट चढ़ गई। लॉक डाउन के चलते अकीदतमंदों ने जुमा की नमाज को अपने ही घरों में अदा कर बारगाहे इलाही में मुल्क में...

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माह-ए-रमजान के पहले जुमा की रोनक कोरोना संक्रमण की भेंट चढ़ गई। लॉक डाउन के चलते अकीदतमंदों ने जुमा की नमाज को अपने ही घरों में अदा कर बारगाहे इलाही में मुल्क में अमन-ओ-अमान की दुआएं की। हालांकि इस दौरान नगर की सभी मस्जिदें बंद रही जबकि अर्धसैनिक बल और पीएसी के जवान नगर में गश्त करते रहे।

उर्दू अदब में विश्व में देवबंद का नाम दिल्ली में रहकर रोशन कर रहे अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर डा. माजिद देवबंदी ने कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते माह-ए-रमजान को लेकर कहे उनके यह अशार खतरे उतरते दिखाई दिए। जिसमे उन्होंने कहा था क्या कभी सोचा भी नहीं था रमजान ऐसा आएगा, मस्जिदें विरान यह मंजर ना देखा जाएगा। रमजान ऐसा आएगा। ऐ खुदा तू सुनले करम तू हमपर कब फरमाएगा। उनके यह अशार मौजूदा हालात पर बरबस सूनी मस्जिदें और बाजार पर स्टीक बैठता दिखाई देता है। बाहराल लोगों ने लॉक डाउन में पहले की तरह आए माह-ए-रमजान के इस जुमा की नमाज नगर और देहात में भी अपने घरों में ही रहकर अदा की। इस दौरान उन्होंने रो-रोकर बारगाह-ए-इलाही में कोरोना संक्रमण से निजात और मुल्क में अमन-ओ-अमान की दुआएं करद्ध मुल्क की मस्जिदों में से एक मस्जिद-ए-रशीद, मरकजी जामा मस्जिद सरसटा बाजार, छत्ता मस्जिद, दारुल उलूम की कदीम मस्जिद समेत नगर और देहात की सभी जामा मस्जिदों के दरवाजे पिछले 38 दिनों की तरह आज भी बंद रहे।

घरों में ही नमाज अदा करने को दारुल उलूम का है फतवा देवबंद। इस्लामी तालीम के प्रमुख इदारे दारुल उलूम देवबंद मुकद्दस माह रमजान शुरू होने से पूर्व ही अपील और फतवा जारी कर माह-ए-रमजान के सभी इबादतों को घरों में रहते हुए ही करने को अपील करने के बाद बाकायदा फतवा जारी किया था। फतवे में कहा गया था कि मस्जिदों को केवल इमाम, मोअज्जिन और खादिम ही मस्जिदों को आबाद रखें जबकि अन्य सभी लोग अपने घरों में ही नमाजें अदा करें। जिसमें जुमा और तरावीह की नमाज भी शामिल हैं।

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  • Web Title:The black shadow of Corona swallowed up the beauty of gambling