सहारनपुर की काष्ठ कला ने ‘थाईलैंड फेस्ट’ में बिखेरा शाही जलवा
Saharanpur News - उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में चल रहे ‘थाईलैंड फेस्ट’ में सहारनपुर की काष्ठ कला आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। कारीगरों द्वारा तैयार किए गए शाही फर्नीचर और नक्काशी के उत्पाद लोगों को लुभा रहे हैं। इनकी मजबूती को लाइफटाइम इन्वेस्टमेंट माना जा रहा है और ये विदेशों में भी एक्सपोर्ट हो रहे हैं।

सहारनपुर, संवाददाता। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में चल रहे ‘थाईलैंड फेस्ट’ में सहारनपुर की विश्वप्रसिद्ध काष्ठ कला लोगों के आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बनी हुई है। 25 मई तक चल रहे इस फेस्ट में सहारनपुर के कारीगरों द्वारा तैयार किए गए शाही फर्नीचर, झूले और सिंहासन लोगों को खूब लुभा रहे हैं। खास बात यह है कि पारंपरिक नक्काशी को मॉडर्न इंटीरियर के अनुसार तैयार किया गया है, जिससे खरीदारों की भीड़ लगातार स्टॉलों पर पहुंच रही है। राजा-महाराजाओं के दौर की डिजाइन को आधुनिक घरों और फ्लैट्स के हिसाब से नया रूप दिया गया है। शीशम और सागौन की लकड़ी से बने उत्पादों में हाथों की बारीक नक्काशी की गई है। फेस्ट में डेढ़ लाख रुपये तक के झूले, शाही सिंहासन, डाइनिंग टेबल और सोफा सेट सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कारीगरों का दावा है कि इन फर्नीचरों की मजबूती 80 से 100 साल तक बनी रहती है। यही वजह है कि लोग इन्हें लाइफटाइम इन्वेस्टमेंट के रूप में देख रहे हैं। सहारनपुर का यह लकड़ी शिल्प स्पेन और यूरोप समेत कई देशों में भी एक्सपोर्ट किया जा रहा है। मशीनी दौर में हाथों की बारीक कारीगरी वाले इन उत्पादों को देखने के लिए फेस्ट में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं。
पुश्तैनी हुनर को मॉडर्न डिजाइन का टच
सहारनपुर निवासी वुडेन क्राफ्ट आर्टिस्ट दानिश ने बताया कि लकड़ी पर नक्काशी उनका पुश्तैनी काम है। दादा-परदादा से मिली इस कला को अब नए दौर के हिसाब से बदला जा रहा है। पारंपरिक भारी डिजाइन को मॉडर्न और स्लीक लुक दिया जा रहा है, ताकि फर्नीचर फ्लैट और आधुनिक घरों में आसानी से फिट हो सके। मेले में डाइनिंग टेबल, मिरर फ्रेम, कंसोल टेबल और सजावटी उत्पाद लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं।
विदेशों तक पहुंच रही सहारनपुर की काष्ठ कला
वुडेन क्राफ्ट आर्टिस्ट के अनुसार लकड़ी पर हाथ से नक्काशी करना बेहद बारीक और मेहनत वाला काम है, जिसमें धैर्य और कुशलता की जरूरत होती है। इन कलाकृतियों को तैयार करने में शीशम, साल और सागौन जैसी खास लकड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है। सहारनपुर में बने वुडेन क्राफ्ट की मांग अब विदेशों तक पहुंच चुकी है और स्पेन समेत कई यूरोपीय देशों में भी इसका एक्सपोर्ट हो रहा है।
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