Saharanpur News: 30 साल के लिए कमेला संचालन की दोबारा ई-निविदा, 15 करोड़ आय का अनुमान
Saharanpur News: सहारनपुर नगर निगम ने आधुनिक पशुवधशाला (कमेला) के संचालन के लिए 30 वर्ष की अवधि में ई-निविदा जारी की है। इस संचालन से नगर निगम को हर साल 50 लाख रुपये की आय होने का अनुमान है। चयनित निविदादाता को BOOT मॉडल के तहत सभी कार्य अपने खर्च पर करने होंगे और पशुवधशाला का निर्माण आबादी क्षेत्र से बाहर करना होगा।

Saharanpur News: सहारनपुर। आधुनिक पशुवधशाला (कमेला) के संचालन के लिए नगर निगम ने दोबारा ई-निविदा जारी की है। पहली बार 30 साल की अवधि के लिए पशुवधशाला के संचालन की निविदा जारी की गई है। कमेला संचालन से नगर निगम को प्रतिवर्ष 50 लाख रुपये की आय होने का अनुमान है। इस तरह 30 साल की अवधि में नगर निगम को करीब 15 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद है। आधुनिक पशुवधशाला का निर्माण, स्वामित्व, संचालन और हस्तांतरण (BOOT) मॉडल पर किया जाएगा। चयनित निविदादाता को भूमि की व्यवस्था, भवन निर्माण, मशीनरी की स्थापना, वित्तपोषण, संचालन और रखरखाव का कार्य अपने व्यय पर करना होगा। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद पशुवधशाला की संपूर्ण मशीनरी नगर निगम को हस्तांतरित करनी होगी। एनजीटी के निर्देशों के अनुसार आधुनिक पशुवधशाला की स्थापना आबादी क्षेत्र से बाहर की जानी है। इसके लिए चयनित फर्म को निर्धारित मानकों और पर्यावरणीय नियमों का पालन करते हुए पशुवधशाला का निर्माण और संचालन करना होगा。
प्रक्रिया विवरण
0-18 अगस्त तक कर सकेंगे आवेदन
नगर निगम की ओर से जारी ई-निविदा प्रक्रिया में इच्छुक फर्में 18 अगस्त तक ऑनलाइन भाग ले सकेंगी। अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले भी आधुनिक पशुवधशाला के संचालन के लिए निविदा जारी की गई थी, लेकिन तकनीकी समस्या के चलते उस निविदा को निरस्त कर दिया गया था। अब नगर निगम ने प्रक्रिया को दोबारा शुरू करते हुए नई ई-निविदा जारी की है। चयनित निविदादाता को BOOT (बिल्ड, ऑन, ऑपरेट, ट्रांसफर) मॉडल के तहत पशुवधशाला का निर्माण और संचालन करना होगा।
नवीनतम जानकारी
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आधुनिक पशुवधशाला के संचालन के लिए नगर निगम ने दोबारा ई-निविदा जारी की है। पहली बार 30 साल की अवधि के लिए पशुवधशाला के संचालन की निविदा जारी की गई है। एनजीटी के निर्देशों के अनुसार आधुनिक पशुवधशाला की स्थापना आबादी क्षेत्र से बाहर की जानी है। चयनित निविदादाता को बीओओटी (बिल्ड, ऑन, ऑपरेट, ट्रांसफर) मॉडल के तहत पशुवधशाला का निर्माण और संचालन करना होगा। डॉ. संदीप मिश्र, पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी


