Saharanpur News: डिजिटल हाजिरी में फिसले स्कूल, निगरानी के लिए 11 टीमें गठित

हिन्दुस्तान, सहारनपुर
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Saharanpur News: सहारनपुर में, बेसिक शिक्षा विभाग ने 1438 परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल उपस्थिति की धीमी रफ्तार के कारण सख्ती बढ़ा दी है। विभाग ने 11 ब्लॉकों में विशेष निगरानी टीमें गठित की हैं। अभिभावकों का मानना है कि डिजिटल मॉनिटरिंग से पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। लापरवाही मिलने पर प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Saharanpur News: डिजिटल हाजिरी में फिसले स्कूल, निगरानी के लिए 11 टीमें गठित

Saharanpur News: सहारनपुर, संवाददाता। जिले के 1438 परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल उपस्थिति की रफ्तार बेहद धीमी मिलने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। विभागीय समीक्षा में महज पांच फीसदी डिजिटल हाजिरी दर्ज होने पर 11 ब्लॉकों में विशेष निगरानी टीमें गठित कर दी गई हैं। अब प्रत्येक ब्लॉक में डिजिटल उपस्थिति की रोजाना समीक्षा होगी और लापरवाही मिलने पर संबंधित प्रधानाध्यापकों की जवाबदेही तय की जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों की डिजिटल हाजिरी की नियमित निगरानी करें। जिन विद्यालयों में उपस्थिति दर्ज नहीं हो रही है, वहां तत्काल सुधार कराया जाए। विभाग का मानना है कि डिजिटल मॉनिटरिंग से विद्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी। समीक्षा में सामने आया कि बड़ी संख्या में विद्यालय अभी भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार डिजिटल उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं। ऐसे विद्यालयों को अब विभाग की विशेष निगरानी सूची में रखा गया है। ब्लॉक स्तर पर गठित टीमें प्रतिदिन ऑनलाइन उपस्थिति का सत्यापन करेंगी और इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजेंगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि लगातार लापरवाही करने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल हाजिरी व्यवस्था को हर हाल में प्रभावी बनाया जाएगा। यदि किसी विद्यालय में सुधार नहीं मिलता है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी.

प्रत्येक ब्लॉक में बनेगी निगरानी रिपोर्ट

डिजिटल हाजिरी व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सभी 11 ब्लॉकों में निगरानी टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। यह टीमें प्रतिदिन विद्यालयवार ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा करेंगी। जिन स्कूलों में लगातार डिजिटल हाजिरी नहीं मिलेगी, उनकी अलग रिपोर्ट तैयार होगी। इसके आधार पर पहले सुधार कराया जाएगा, जबकि लगातार लापरवाही मिलने पर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी.

विद्यालयों में डिजिटल उपस्थिति शासन की प्राथमिकता

विद्यालयों में डिजिटल उपस्थिति शासन की प्राथमिकता है। सभी विद्यालयों में इसे नियमित रूप से लागू कराया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारियों को रोजाना समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं। जहां लापरवाही मिलेगी, वहां पहले सुधार कराया जाएगा और जरूरत पड़ने पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। -कोमल चौधरी, बीएसए

सामान्य प्रश्न

बेसिक शिक्षा विभाग ने डिजिटल उपस्थिति की धीमी रफ्तार पर क्या कार्रवाई की है?
बेसिक शिक्षा विभाग ने 11 ब्लॉकों में विशेष निगरानी टीमें गठित की हैं और लापरवाह प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Parnav Aggarwal

लेखक के बारे में

Parnav Aggarwal

प्रणव अग्रवाल पिछले करीब 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) सहारनपुर में जिला प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता जीवन में अपराध, उच्च शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर अनेक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरें लिखी हैं।

परिचय एवं अनुभव
प्रणव अग्रवाल हिंदी पत्रकारिता के उन सक्रिय पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने अपने काम के जरिए पाठकों के बीच मजबूत पहचान बनाई है। करीब डेढ़ दशक के अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण एवं एक्सक्लूसिव खबरों पर काम किया। हिन्दुस्तान में कार्य करते हुए उन्होंने अपराध, मेडिकल, उच्च शिक्षा और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी अनेक खोजी और विश्लेषणात्मक खबरें प्रकाशित की हैं। समय के साथ बदलते मीडिया परिवेश और पाठकों की रुचि को समझते हुए उन्होंने खबरों की प्रस्तुति में भी नई दृष्टि विकसित की है।

कॅरियर का सफर
प्रणव अग्रवाल ने अपने पत्रकारिता कॅरियर की शुरुआत वर्ष 2011 में अमर उजाला से की जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। इसके बाद वर्ष 2017 में हिन्दुस्तान समाचार पत्र से जुड़े और यहां उन्हें अपराध, उच्च शिक्षा तथा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) बीट पर काम करने का अवसर मिला। एएमयू बीट की गहन और प्रभावी कवरेज के लिए उन्हें एएमयू द्वारा मीडिया एक्सीलेंस अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। एचटी ग्रुप की ओर से भी कई बार प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है।

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प्रणव अग्रवाल ने बीकॉम और एमकॉम की पढ़ाई के साथ-साथ पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। मजबूत शैक्षणिक आधार के कारण उन्हें हिंदी पत्रकारिता में विषयों की गहराई से समझ विकसित करने में मदद मिली। इसी वजह से उन्होंने अपराध, चिकित्सा और उच्च शिक्षा जैसे जटिल विषयों पर भी रिसर्च आधारित और विश्लेषणात्मक खबरें लिखी हैं। उनकी कई एक्सक्लूसिव स्टोरी हिन्दुस्तान के राष्ट्र एवं राज्य स्तर पर विभिन्न संस्करणों में प्रकाशित हुई हैं।

कार्य क्षेत्र एवं दृष्टि
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