Saharanpur News: रोडवेज बस की टक्कर से हेल्पर की मौत, चालक पर मुकदमा दर्ज

हिन्दुस्तान, सहारनपुर
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Saharanpur News: सहारनपुर के बेहट बस स्टैंड के पास एक सड़क हादसे में प्राइवेट बस के हेल्पर मौ. अलीम की मौत हो गई। पुलिस ने रोडवेज बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक की बेटी ने चालक के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है।

Saharanpur News: रोडवेज बस की टक्कर से हेल्पर की मौत, चालक पर मुकदमा दर्ज

Saharanpur News: सहारनपुर। बेहट बस स्टैंड के पास सड़क हादसे में प्राइवेट बस के हेल्पर की मौत के मामले में थाना मंडी पुलिस ने रोडवेज बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक की बेटी की तहरीर पर पुलिस हादसे के कारणों, चालक की भूमिका और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार मौ. अलीम पुत्र शराफत हुसैन निवासी मोहल्ला शहरी दरवाजा, कस्बा बेहट, सहारनपुर-चकरौता रूट पर चलने वाली प्राइवेट बस में हेल्पर के रूप में कार्य करते थे। 13 जुलाई की शाम वह प्राइवेट बस से बेहट की ओर जा रहे थे। बेहट बस स्टैंड के पास बस रुकने पर वह यात्रियों को बस में बैठाने के लिए नीचे उतरे थे।

आरोप है कि इसी दौरान पीछे से तेज गति से आ रही रोडवेज बस के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए नियंत्रण खो दिया। इससे मौ. अलीम प्राइवेट बस और रोडवेज बस के बीच दब गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक की बेटी शबीना ने थाना मंडी पुलिस को तहरीर देकर रोडवेज बस चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी निरीक्षक सतपाल सिंह भाटी ने बताया कि सड़क दुर्घटना में हेल्पर की मौत के मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। घटनास्थल के साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर चालक की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

Parnav Aggarwal

लेखक के बारे में

Parnav Aggarwal

प्रणव अग्रवाल पिछले करीब 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) सहारनपुर में जिला प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता जीवन में अपराध, उच्च शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर अनेक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरें लिखी हैं।

परिचय एवं अनुभव
प्रणव अग्रवाल हिंदी पत्रकारिता के उन सक्रिय पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने अपने काम के जरिए पाठकों के बीच मजबूत पहचान बनाई है। करीब डेढ़ दशक के अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण एवं एक्सक्लूसिव खबरों पर काम किया। हिन्दुस्तान में कार्य करते हुए उन्होंने अपराध, मेडिकल, उच्च शिक्षा और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी अनेक खोजी और विश्लेषणात्मक खबरें प्रकाशित की हैं। समय के साथ बदलते मीडिया परिवेश और पाठकों की रुचि को समझते हुए उन्होंने खबरों की प्रस्तुति में भी नई दृष्टि विकसित की है।

कॅरियर का सफर
प्रणव अग्रवाल ने अपने पत्रकारिता कॅरियर की शुरुआत वर्ष 2011 में अमर उजाला से की जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। इसके बाद वर्ष 2017 में हिन्दुस्तान समाचार पत्र से जुड़े और यहां उन्हें अपराध, उच्च शिक्षा तथा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) बीट पर काम करने का अवसर मिला। एएमयू बीट की गहन और प्रभावी कवरेज के लिए उन्हें एएमयू द्वारा मीडिया एक्सीलेंस अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। एचटी ग्रुप की ओर से भी कई बार प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
प्रणव अग्रवाल ने बीकॉम और एमकॉम की पढ़ाई के साथ-साथ पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। मजबूत शैक्षणिक आधार के कारण उन्हें हिंदी पत्रकारिता में विषयों की गहराई से समझ विकसित करने में मदद मिली। इसी वजह से उन्होंने अपराध, चिकित्सा और उच्च शिक्षा जैसे जटिल विषयों पर भी रिसर्च आधारित और विश्लेषणात्मक खबरें लिखी हैं। उनकी कई एक्सक्लूसिव स्टोरी हिन्दुस्तान के राष्ट्र एवं राज्य स्तर पर विभिन्न संस्करणों में प्रकाशित हुई हैं।

कार्य क्षेत्र एवं दृष्टि
प्रणव अग्रवाल को अपराध, केंद्रीय विश्वविद्यालय, चिकित्सा और उच्च शिक्षा से जुड़े विषयों पर विशेष पकड़ हासिल है। उन्होंने इन क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण एक्सक्लूसिव खबरें प्रकाशित की हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और प्रभावी जानकारी पहुंचाना है ताकि पत्रकारिता के प्रति विश्वास और विश्वसनीयता बनी रहे।

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