मुझ पर लगे आरोप निराधार, राजनीतिक रंजिश में कराया मुकदमा : प्रेमवीर सिंह राणा
Saharanpur News - रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर प्रेमवीर सिंह राणा पर आय से अधिक संपत्ति के आरोप लगे हैं। उन्होंने कहा कि यह आरोप निराधार हैं और राजनीतिक रंजिश के तहत लगाए गए हैं। उन्होंने पूर्व में कई जांचों में क्लीन चिट पाई है। उनकी संपत्ति का पूरा ब्यौरा उपलब्ध है और उन्हें 26 मुकदमों में से 19 में बरी किया गया है।

आय से अधिक संपत्ति के आरोप में घिरे रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर प्रेमवीर सिंह राणा ने विजिलेंस टीम की छापेमारी के बाद सफाई दी है। प्रेमवीर राणा ने कहा कि उनके ऊपर लगे आरोप निराधार हैं। उनके भाई गांव के प्रधान है। इसी राजनीतिक रंजिश के तहत उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। उनके पास एक-एक संपत्ति का पूरा ब्यौरा है। पूर्व में भी ईडी, आयकर विभाग और सीबीसीआईडी विभाग की जांच में भी उनको क्लीन चिट मिल चुकी है। उनके खिलाफ 26 मुकदमे दर्ज हो चुके है, जिनमें से 19 में बरी हो चुके हैं। बता दें कि 22 सितंबर को सतर्कता अधिष्ठान मेरठ थाने में प्रेमवीर सिंह राणा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
जांच में पाया गया था कि उनकी संपत्ति करीब 2.92 करोड़ रुपये है जो आय से अधिक थी। दो दिन पूर्व मेरठ की विजिलेंस टीम ने ब्रिजेशनगर स्थित प्रेमवीर राणा के चार मकानों और पेपर मिल रोड स्थित फार्म हाऊस पर छापेमारी की थी। विजिलेंस ने जारी किए प्रेस नोट में बताया था कि छापेमारी में 14 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति मिली है। सोमवार को रिटायर्ड इंस्पेक्टर प्रेमवीर सिंह राणा ने ब्रिजेशनगर स्थित आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि बागपत के गांव निरुपड़ा के वह मूलरूप से रहने वाले हैं। गांव में उनके भाई मौजूदा प्रधान है। इसी रंजिश के चलते दूसरे पक्ष के लोग उन पर आरोप लगवा रहे हैं, जिन-जिन जनप्रतिनिधियों के संरक्षण प्राप्त अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की है, अब इन लोगों के साथ वह जनप्रतिनिधि भी लग गए हैं। वह अपनी संपत्ति से संबंधित एक-एक ब्यौरा देंगे।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




