
चंद्र ग्रहण को लेकर मंदिरों के कपाट रहे बंद
Saharanpur News - चंद्र ग्रहण को लेकर मंदिरों के कपाट रहे बंद
रविवार की रात लगने वाले चंद्र ग्रहण को लेकर शहरभर में धार्मिक आस्था का प्रभाव देखने को मिला। ग्रहण का सूतक काल दोपहर 12 बजकर 57 मिनट से ही शुरू हो गया था। इसी के साथ मंदिरों में पूजा-अर्चना रोक दी गई और कपाट बंद कर दिए गए। खगोलविदों के अनुसार चंद्र ग्रहण की शुरुआत आज रात 9 बजकर 58 मिनट पर होगी और इसका समापन 8 सितंबर की रात 1 बजकर 26 मिनट पर होगा। इस बार का ग्रहण विशेष माना जा रहा है क्योंकि यह ‘ब्लड मून होगा, जिसमें चंद्रमा की सतह पर लाल रंग की छाया दिखाई देगी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान देव प्रतिमाओं को स्पर्श करना, भोजन पकाना और पूजा-पाठ करना वर्जित माना जाता है। इसी कारण प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना-जाना रहा, लेकिन दोपहर से सूतक काल लगते ही सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों को शुद्धिकरण प्रक्रिया के बाद खोला जाएगा और विशेष पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं को प्रवेश मिलेगा। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि ग्रहण काल में मंत्र जाप और भगवान का स्मरण विशेष फलदायी होता है। 0-शहर के प्रसिद्ध मंदिर सिद्धपीठ श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर, श्री बागेश्वर महादेव मंदिर, श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर, श्री पाठेश्वर महादेव मंदिर, तहसील शिव मंदिर, श्री हरि मंदिर, श्री नारायणपुरी मंदिर, श्री वैष्णवी महाकाली मंदिर, श्री औघड़दानी नर्मदेश्वर महादेव मंदिर, श्री बाबा खाटू श्याम मंदिर, श्री विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर, चौंताला स्थित श्री बालाजी मंदिर, श्री बालाजी धाम, श्री सालासर धाम मंदिर, घंटाघर स्थित हनुमान मंदिर, मंशापूर्ण हनुमान मंदिर आदि सभी मंदिरों के कपाट बंद रहे।

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