कार्यशाला में घरेलू हिंसा से अधिकारों के कानूनों पर चर्चा
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पुवांरका। मां शाकुम्भरी विश्वविद्यालय के विधि अध्ययन संकाय और मानवाधिकार अध्ययन संकाय के संयुक्त तत्वावधान में “घरेलू हिंसा : अपने अधिकार जानिए” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथि प्रवक्ता आस्था जोशी के स्वागत व परिचयात्मक संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि न्याय केवल अदालतों तक सीमित नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों के माध्यम से समाज में स्थापित होता है। कुलपति प्रो. वाई. विमला ने शिक्षा को संवेदनशीलता, समानता और न्याय की भावना विकसित करने का माध्यम बताया और महिलाओं से अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विश्वविद्यालय के विधिक सलाहकार प्रमोद कुमार गोयल ने बताया कि घरेलू हिंसा केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक, भावनात्मक, मौखिक और आर्थिक उत्पीड़न भी है।
कार्यशाला में प्रतिभागियों ने सवाल पूछे, जिनके विशेषज्ञों ने जवाब दिए। कार्यक्रम में डॉ. फौजिया, भव्य सोम गर्ग, भरत दहिया, अभिषेक सैनी, डॉ. संदीप, मानव कात्यायन, डॉ. अर्चस्वी, डॉ. विजय, डॉ. अपूर्वा, वैभव, रजत, दीपांशु, संगीत तथा अभियंता विवेक पुंडीर मौजूद रहे।
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