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25 सितम्बर, 2020|12:11|IST

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ओडीओपी: सहारनपुर में भी बनते हैं लकड़ी के खिलौने

ओडीओपी: सहारनपुर में भी बनते हैं लकड़ी के खिलौने

सहारनपुर वुडकार्विंग उद्योग में भी लकड़ी के खिलौने बनाने का काम होता हैं। उद्यमियों के अनुसार, खिलौने बनते जरूर हैं लेकिन ज्यादा प्रोडक्शन नहीं है। 4-5 लोग ही लकड़ी के खिलौने बनाते हैं जो ज्यादातर यूरोपीय आदि देशों में सप्लाई होते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी 68वीं मन की बात में खिलौनों का ज़िक्र किया था और स्थानीय उद्योग को बढ़ावा देने की बात कही थी।

इस कड़ी में पड़ताल पर पता चला कि ओडीओपी में चयनित सहारनपुर के वुडकार्विंग उद्योग में भी पहले खिलौनों (छोटे आइटम) वाला काम खूब होता था, लेकिन धीरे धीरे छोटे आईटम का काम बिजनौर शिफ्ट हो गया। अब भी सहारनपुर में खिलौने बनते हैं, लेकिन वॉल्यूम काफी कम हो गया हैं।

आईआईए के संस्थापक व प्रमुख उद्यमी नेता रामजी सुनेजा बताते है कि वर्तमान में संत हैंडीक्राफ्ट्स, मिगलानी एक्सपोर्ट, रॉयल पैकर्स व लियो आर्ट्स आदि 4-5 लोग ही खिलौनों का काम करते हैं। मुश्किल से 5-10 करोड़ का ही सालाना कारोबार होगा। हालांकि डिमांड बहुत ज्यादा है लेकिन हर जगह का ट्रेड का अपना ट्रेंड बन जाता हैं। सहारनपुर में बड़ी आइटम ज्यादा है। अब डिजाइन क्लस्टर बन रहा तो निसंदेह लाभ होगा।

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  • Web Title:ODOP Wooden toys are also made in Saharanpur