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सहारनपुर

टूटे न आस : कैसे होगी बच्चों की परवरिश, नहीं मिली सरकारी मदद

हिन्दुस्तान टीम,सहारनपुरPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 04:11 AM
टूटे न आस : कैसे होगी बच्चों की परवरिश, नहीं मिली सरकारी मदद

पंचायत चुनावों के दौरान कोविड से मृत शिक्षकों के आश्रितों को शासन स्तर से सहायता की आस है। लेकिन शिक्षकों के आश्रितों को अब तक कोई मदद मिली है। जिनके सहारे परिवार चलता था, वह आज दुनिया में नहीं है। ऐसे में परिवार के सामने बच्चों की परवरिश को लेकर चिंता सताने लगी है।

पंचायत चुनाव में जिले के 30 से अधिक शिक्षकों की कोरोना से मौत हुई। मृतक आश्रितों को अभी तक कोई उम्मीद नहीं जगी है, उन्हें मुआवजा मिलेगा भी या नहीं। देवबंद के मोहल्ला अबुल फरकात निवासी और उच्च प्राथमिक विद्यालय फतेहपुर में सहायक अध्यापक मोहम्मद साबिर 26 अप्रैल को कोरोना संक्रमित हुए। एक-दो दिन घर में रहे, लेकिन कोई आराम नहीं हुआ तो परिजनों ने सहारनपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान 29 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा। उनकी मौत से घर का पालन पोषण करने में दिक्कत होने लगी है। तीन बेटी हैं। परिवार की सारी जिम्मेदारी अब उनके छोटे भाई पर आ गई है। ऐसे में अगर सरकार की तरफ से कोई मुआवजा न मिले तो घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा। इतना ही नहीं शिक्षा विभाग की तरफ से कोई संपर्क भी नहीं किह गया।

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