Neglected Parks and Poor Infrastructure in Subhash Nagar Raise Concerns बोले सहारनपुर : सुभाषनगर को चाहिए बुनियादी सुविधाएं, Saharanpur Hindi News - Hindustan
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बोले सहारनपुर : सुभाषनगर को चाहिए बुनियादी सुविधाएं

Saharanpur News - सुभाष नगर स्मार्ट सिटी की पुरानी आवासीय कॉलोनी के रूप में जाना जाता है। इस कॉलोनी के बसे हुए करीब 50 वर्ष हो चुके हैं। यहां करीब 5000 परिवार रहते हैं,

Newswrap हिन्दुस्तान, सहारनपुरSun, 31 Aug 2025 08:14 PM
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बोले सहारनपुर : सुभाषनगर को चाहिए बुनियादी सुविधाएं

कॉलोनी के प्रमुख पार्कों की हालत काफी खराब हो चुकी है। पार्क, किसी भी कॉलोनी की खूबसूरती और स्वास्थ्यवर्धक जीवन का आधार होते हैं। बच्चों के खेलने, बुजुर्गों के टहलने और महिलाओं के लिए सुबह-शाम व्यायाम करने का यही मुख्य स्थान होता है। लेकिन सुभाष नगर के पार्क अब कूड़े-कचरे और टूटे झूलों की वजह से लोगों की नाराजगी झेल रहे हैं। स्मार्ट सिटी योजना के तहत करीब 55 लाख रुपये की लागत से पार्क का सौंदर्यकरण कराया गया था। उस समय यह पार्क शहर के मॉडल पार्कों में गिना जाता था। यहां बच्चों के लिए झूले, ओपन जिम, रंगीन टाइल्स से बने फुटपाथ और सोलर लाइट की व्यवस्था की गई थी।

कुछ समय तक यह पार्क क्षेत्रवासियों को आकर्षित करता रहा, लेकिन रखरखाव के अभाव में अब इसकी हालत जर्जर हो चुकी है। आज स्थिति यह है कि पार्क की कई टाइल्स उखड़ गई हैं, झूले गायब हो चुके हैं, ओपन जिम के उपकरण जंग खा रहे हैं और सोलर लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ करोड़ों रुपये खर्च करके पार्क का निर्माण कर देना ही पर्याप्त नहीं होता, उसके रखरखाव और नियमित देखरेख पर ध्यान देना भी आवश्यक है। पार्कों में टूटे झूलों की मरम्मत की जाए, सोलर लाइटों को पुनः कार्यशील किया जाए और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पार्कों में समय-समय पर माली और सफाई कर्मचारी लगाए जाएं ताकि यह लोगों के स्वास्थ्य और मनोरंजन का केंद्र बन सके। सफाई व्यवस्था की खामियां कॉलोनी में सफाई व्यवस्था को लेकर लोग लगातार परेशान हैं। नियमित रूप से नालियों की सफाई नहीं होने के कारण उनमें गंदगी जमा हो जाती है, जिससे दुर्गंध और मच्छरों की समस्या बढ़ जाती है। गली-मोहल्लों में कूड़ा उठाने के लिए वाहन कभी-कभी ही आते हैं। नतीजा यह होता है कि लोग सड़क किनारे ही कूड़ा डाल देते हैं, जो पूरे माहौल को गंदा कर देता है। स्वच्छ भारत अभियान के बावजूद आज भी यहां स्वच्छता की तस्वीर काफी निराशाजनक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनी में सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी तो लगाई जाती है, लेकिन वे नियमित रूप से काम नहीं करते। कॉलोनी की नालियों की सफाई सप्ताह में कम से कम दो बार होनी चाहिए। सफाई कर्मचारियों की हाजिरी और काम पर निगरानी रखने के लिए आधुनिक तकनीक जैसे मोबाइल ऐप और जीपीएस आधारित सिस्टम का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। कूड़ा उठाने के लिए हर गली में डस्टबिन और रोजाना कूड़ा उठाने वाली गाड़ी का संचालन होना चाहिए। आवारा कुत्तों की समस्या कॉलोनी के लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या है। यह कुत्ते न केवल बच्चों और बुजुर्गों को डराते हैं, बल्कि अक्सर राहगीरों के पीछे भागते हैं और वाहनों पर झपटने की कोशिश करते हैं। कई बार बच्चों को काटने की घटनाएं भी सामने आई हैं। कुत्तों की समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि महिलाएं और बच्चे शाम को घर से बाहर निकलने में हिचकिचाने लगे हैं। लोगों का कहना है कि नगर निगम को जल्द से जल्द कॉलोनी में आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण की व्यवस्था करनी चाहिए। जलभराव की समस्या सुभाष नगर की गलियों की सबसे बड़ी समस्या हल्की बारिश में ही जलभराव हो जाना है। बारिश का पानी कई दिनों तक सड़कों और गलियों में भरा रहता है। इस जलभराव से न केवल लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है बल्कि मच्छर और गंदगी की समस्या भी उत्पन्न होती है। बच्चों को स्कूल जाने और लोगों को दफ्तर जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि कॉलोनी की सभी गलियों में पक्की नालियों और नालों का निर्माण किया जाए। जिन नालियों को मेन सीवर लाइन से जोड़ा नहीं गया है, उन्हें तत्काल जोड़ा जाए ताकि पानी का निकास सुचारु हो सके। खस्ताहाल सड़क की समस्या मालगोदाम से कॉलोनी की ओर जाने वाली सड़क पूरी तरह खस्ताहाल हो चुकी है। गड्ढों और टूटी-फूटी सतह के कारण वाहन चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। बारिश के दिनों में यह सड़क कीचड़ से भर जाती है, जिससे पैदल चलना भी जोखिम भरा हो जाता है। स्थानीय लोगों का सुझाव है कि सड़क का तत्काल निर्माण कराया जाए और गुणवत्तापूर्ण सामग्री का इस्तेमाल हो ताकि सड़क लंबे समय तक टिक सके। साथ ही, सीवर और बिजली की मरम्मत का काम सड़क बनने से पहले ही पूरा कर लिया जाए ताकि बार-बार सड़क खोदने की नौबत न आए। सीवर लाइन की समस्या कॉलोनी के कई हिस्सों में सीवर लाइन को मेन लाइन से नहीं जोड़ा गया है। इसके कारण गंदा पानी वापस गलियों में आ जाता है और लोगों को भारी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का सुझाव है कि जिन क्षेत्रों में सीवर लाइन मेन लाइन से जुड़ी नहीं है, वहां तत्काल कार्यवाही की जाए। सीवर व्यवस्था दुरुस्त होने पर जलभराव और गंदगी की समस्या भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। समस्याएं कॉलोनी के पार्कों की स्थिति खराब कॉलोनी में सफाई व्यवस्था सही नहीं है कॉलोनी में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या के चलते लोग परेशान हैं हल्की सी बारिश के ही कई गलियों में जलभराव हो जाता है मालगोदाम से कॉलोनी की ओर जाने वाली सड़क खस्ताहाल हो गई है सुझाव पार्कों के टूटे झूलों को सही कराया जाए पार्कों की नियमित सफाई कराई जाए आवारा कुत्तों की संख्या पर अंकुश लगाया जाए जलभराव की समस्या के समाधान के लिए नालियों व नालों का निर्माण कराया जाए मालगोदाम से कॉलोनी की ओर जाने वाली सड़क का निर्माण कराया जाए प्रतिक्रियाएं 1 -सुभाष नगर का पार्क कभी आकर्षण का केंद्र था, लेकिन अब बदहाल हो चुका है। लाखों रुपये खर्च कर सुंदरता तो बढ़ाई, मगर रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया। झूले टूटे पड़े हैं और सोलर लाइट खराब है। शम्मी बवेजा 2-कॉलोनी की सबसे बड़ी समस्या जलभराव है। हल्की बारिश के बाद ही गलियों में जलभराव हो जाता है। आवाजाही में बहुत परेशानी होती है। हरप्रीत सिंह कोहली 3- सफाई व्यवस्था नाम मात्र की रह गई है। गली-मोहल्लों में कूड़ा जमा रहता है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। नगर निगम को चाहिए कि नियमित सफाई हो और हर गली में कूड़ा उठाने की गाड़ी समय से आए। तविन्दर सिंह 4-आवारा कुत्तों ने कॉलोनी में डर का माहौल बना दिया है। महिलाएं और बच्चे शाम को बाहर निकलने में हिचकिचाते हैं। नसबंदी और टीकाकरण किया जाए। मनिंदर सिंह 5-पार्कों में महिलाओं और बच्चों के लिए स्वच्छ वातावरण नहीं है। ओपन जिम और झूले खराब पड़े हैं। अगर रखरखाव सही ढंग से हो तो लोग स्वास्थ्य के लिए इसका भरपूर लाभ उठा सकते हैं। पूनम 6-सड़क की हालत बेहद खराब है। मालगोदाम से कॉलोनी तक की सड़क गड्ढों से भरी पड़ी है। बारिश में कीचड़ और पानी भरने से पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। सड़क निर्माण प्राथमिकता होनी चाहिए। ममता 7-सीवर लाइन को मेन लाइन से नहीं जोड़े जाने के कारण गंदा पानी गलियों में भर जाता है। इससे बदबू और बीमारियों का खतरा बढ़ता है। निगम को इस ओर कदम उठाना चाहिए। रीमा 8-कॉलोनी में सफाई और सड़क निर्माण दोनों ही उपेक्षा का शिकार हैं। इस संबंध में शिकायत की गई है। शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। रोमिता सेठी 9-नियमित सफाई और जलभराव की समस्या का हल होना जरूरी है। पार्कों की नियमित सफाई और रखरखाव के लिए नगर निगम को योजना बनानी चाहिए। प्रीति कौर 10-नगर निगम केवल पार्क बनाने और दिखावे पर खर्च कर देता है, मगर रखरखाव के नाम पर कोई काम नहीं होता। यह जनता के पैसों की बर्बादी है। पार्कों की देखरेख पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। रमेश कुमार 11-आवारा कुत्ते लगातार परेशानी का कारण बने हुए हैं। वाहनों के पीछे दौड़ते हैं। जिससे दुर्घटना का भय बना रहता है। आबादी को नियंत्रित करने के लिए अभियान चलाया जाना चाहिए। लक्ष्मण कुमार 12 -कॉलोनी में सुविधाओं की कमी के कारण युवाओं को खेल और स्वास्थ्य के लिए सही माहौल नहीं मिल रहा। पार्कों में झूले और ओपन जिम की मरम्मत जल्द से जल्द कराई जाए। पलक 13-बरसात के दिनों में पानी भर जाने से दुकानदारों का कामकाज भी प्रभावित होता है। ग्राहक आने से कतराते हैं। नालियों और सीवर का काम पूरा हो तो जलभराव की समस्या खत्म हो सकती है। दीपक 14-सुभाष नगर की आबादी करीब 5 हजार है लेकिन सुविधाएं इसके अनुरूप नहीं हैं। सड़क, नाली और पार्क सबकी हालत खराब है। विकास कार्यों की गति तेज करनी चाहिए। सुनील कुमार -वर्जन महानगर के विकास के कई कार्य कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और उनकी विकासशील दृष्टि के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है। नगर निगम से संबंधित जो भी समस्याएं हैं उनका समाधान कराया जाएगा। डा.अजय कुमार, महापौर

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