
बोले सहारनपुर: जर्जर सड़कें, जलभराव से मिले निजात
संक्षेप: Saharanpur News - नाजीरपुरा, वार्ड नंबर 08 की जनसंख्या लगभग 2000 है, जो नगर निगम क्षेत्र में शामिल है। 16 वर्षों बाद भी यहाँ की सड़कों की स्थिति खराब है, जल निकासी, सीवर, सफाई और स्ट्रीट लाइट की समस्याएँ लोगों के जीवन...
शहर का वार्ड नंबर 08, नाजीरपुरा, जिसकी आबादी करीब 2000 है, वर्ष 2009 में नगर निगम क्षेत्र में शामिल किया गया था। 16 वर्ष बीतने के बाद भी यहां सड़कों की जर्जर हालत, जल निकासी की कमी, सीवर का अभाव, सफाई व्यवस्था की बदहाल और खराब स्ट्रीट लाइटें लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना रही हैं। स्थानीय लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि नगर निगम उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेकर जल्द समाधान करेगा। नाजीरपुरा की गलियों और मुख्य सड़कों की हालत बेहद खराब है। जगह-जगह गड्ढे, टूटी पटरियां और कीचड़ ने राहगीरों का जीवन दुश्वार कर दिया है।
बरसात के दिनों में गली-मोहल्लों में पानी भर जाता है और सड़कें दलदल में बदल जाती हैं। कई बार दोपहिया वाहन फिसलकर गिर जाते हैं और पैदल चलने वालों को भी परेशानी होती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में आखिरी बार सड़क निर्माण करीब आठ वर्ष पहले हुआ था, वह भी अधूरा। कई गलियां ऐसी हैं जहां अब तक पक्की सड़क बनी ही नहीं। घरों के सामने कच्ची सड़कें और नालियों का अभाव क्षेत्र की बदहाली का परिचायक हैं। रॉकी कुमार और अनिल कुमार का कहना है कि जब भी बारिश होती है, पानी सड़कों पर रुक जाता है और घरों में घुसने लगता है। करन बताते हैं कि गली के गड्ढों में जमा पानी कई दिनों तक सूखता नहीं, जिससे बदबू और मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है। वहीं, नरेश कुमार का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम की ओर से सड़क निर्माण को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया। स्थानीयों की मांग है कि नजीरपुरा की सभी गलियों का सर्वे कराकर सीसी सड़क या इंटरलॉकिंग का काम जल्द कराया जाए। सड़क निर्माण न केवल लोगों को राहत देगा बल्कि जल निकासी और सफाई व्यवस्था में भी सुधार लाएगा। सड़कें क्षेत्र की पहचान होती हैं, और नाजीरपुरा की सड़कों को देखकर कोई भी यहां के विकास स्तर का अनुमान लगा सकता है। सड़कों, जल निकासी, सीवर, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी ने लोगों का जीवन कठिन बना दिया है। स्थानीय लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि नगर निगम उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेकर जल्द समाधान करेगा। पानी की निकासी की समस्या नाजीरपुरा की सबसे बड़ी और पुरानी समस्या है-जल निकासी का अभाव। बरसात के मौसम में यहां के अधिकांश मकानों के सामने पानी भर जाता है। कई जगह नालियां बनी ही नहीं हैं, और जहां हैं भी, वे जाम पड़ी रहती हैं। खाली प्लॉटों में कई घरों का पानी बहने से गंदगी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। रॉकी कुमार बताते हैं कि पानी घर की दीवारों तक पहुंच जाता है, जिससे नमी के कारण मकान की नींव कमजोर हो रही है। अनिल कुमार कहते हैं कि बारिश होते ही घरों के सामने झील जैसा नजारा बन जाता है। बच्चे स्कूल जाने में फिसलते हैं और कीचड़ से गिरकर चोटिल हो जाते हैं। महिलाओं को रोजाना सबसे अधिक परेशानी होती है। मालती और प्रियंका बताती हैं कि गली में पानी भरे रहने के कारण घर से बाहर निकलना मुश्किल होता है। कई बार नाली का गंदा पानी घरों में घुस आता है। ठाठ सिंह ने बताया कि जब किसी घर में शादी या कोई कार्यक्रम होता है, तो पानी भरा रहने से मेहमानों को अंदर लाने में बड़ी दिक्कत होती है। लोगों का कहना है कि नगर निगम को इस समस्या की जानकारी कई बार दी गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण और उनकी नियमित सफाई ही इसका स्थायी समाधान है। यदि नालियां पक्की बनें और हर घर से पानी की सही निकासी का मार्ग तय किया जाए, तो यह समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है। सीवर व्यवस्था का अभाव नाजीरपुरा आज भी सीवर लाइन जैसी जरूरी सुविधा से वंचित है। नालियों का पानी खुले में बहता है, जिससे न केवल गंदगी फैलती है बल्कि संक्रमण का खतरा भी बना रहता है। बरसात में यह पानी सड़कों और घरों में भर जाता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि नगर निगम ने सीवर लाइन बिछाने का वादा कई बार किया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीवर की अनुपस्थिति के कारण गंदे पानी का बहाव नालियों की दिशा में नहीं होता, बल्कि सड़कों और प्लॉटों में फैल जाता है। नरेश कुमार और ईशु ने बताया कि सीवर होने पर गली का वातावरण काफी सुधर सकता है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि नगर निगम जल्द से जल्द यहां सीवर लाइन डालने की दिशा में कदम उठाए। सफाई व्यवस्था बदहाल सफाई व्यवस्था नाजीरपुरा की दूसरी बड़ी समस्या है। यहां सफाईकर्मी कभी-कभार ही आते हैं। नालियां गंदगी से भरी रहती हैं और सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर दिखाई देते हैं। गली में जरा सी हवा चलने पर बदबू फैल जाती है। नरेश कुमार का कहना है कि सफाई की निगरानी कोई नहीं करता, इसलिए कर्मचारी मनमाने ढंग से काम करते हैं। गंदगी और जलभराव के कारण मच्छर और मक्खियों की संख्या बढ़ गई है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि हर गली में नियमित सफाई हो और नगर निगम सफाई निरीक्षक की तैनाती करे, ताकि व्यवस्था में सुधार लाया जा सके। स्ट्रीट लाइट की समस्या नाजीरपुरा में स्ट्रीट लाइटों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। कई गलियों में लाइटें महीनों से खराब हैं। रात के समय पूरे इलाके में अंधेरा छा जाता है, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को डर बना रहता है। असामाजिक तत्वों के लिए यह माहौल अनुकूल हो जाता है। स्थानीय निवासी करन और पंकज का कहना है कि रात में बिना टॉर्च या मोबाइल की रोशनी के गली पार करना मुश्किल होता है। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि सभी खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कराई जाए और नई लाइटें लगाई जाएं ताकि क्षेत्र में रोशनी और सुरक्षा दोनों बनी रहें। समस्याएं -नाजीरपुरा की सड़कों की हालत काफी खराब है -नाजीरपुरा में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है -नाजीरपुरा में सफाई व्यवस्था बदहाल स्थिति में है -नाजीरपुरा में सीवर की सुविधा नहीं है -नाजीरपुरा में स्ट्रीट लाइट अक्सर खराब रहती हैं सुझाव -सड़कों का निर्माण कराया जाए -पानी की निकासी की व्यवस्था की जाए -सफाई व्यवस्था में सुधार लाया जाए -सीवर की लाइन बिछाई जाए -स्ट्रीट लाइट ठीक कराई जाए प्रतिक्रियाएं नाली का निर्माण नहीं कराया गया। मकान के आसपास गंदा पानी जमा हो जाता है। नमी दीवारों में घुस गई है, जिससे मकान की दीवारें कमजोर हो रही हैं और गिरने का डर बना हुआ है। रॉकी कुमार बारिश के दिनों में घर के सामने इतना पानी भर जाता है कि दरवाजे तक नहीं खुल पाते। नमी के कारण बच्चों में सर्दी-जुकाम और त्वचा संबंधी रोग बढ़ रहे हैं। अनिल कुमार नाली के पानी के कारण हमारे मकान की दीवारें गीली रहती हैं। घर में बदबू और मच्छरों का आतंक है। नगर निगम को कई बार बताया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। करन कॉलोनी में पानी की निकासी की समस्या बनी हुई है। बरसात के दिनों में लंबे समय तक पानी भरा रहने से मच्छर पनपते हैं, जिससे बच्चों में बुखार और मलेरिया का खतरा बढ़ गया है। मीर सिंह कॉलोनी की सबसे बड़ी समस्या पानी की निकासी व सड़कों का खस्ताहाल होना है। बरसात के दिनों में समस्या गंभीर हो जाती है। घुटनों तक पानी भर जाता है। आवाजाही में भारी परेशानी होती है। ईशु सफाई कर्मचारी कभी-कभार ही आते हैं। नालियां गंदगी से भरी पड़ी हैं और सड़कों पर कूड़ा बिखरा रहता है। पूरे मोहल्ले में सफाई की स्थिति बेहद खराब है। नरेश कुमार जब किसी के घर शादी या कोई कार्यक्रम होता है तो गली में भरा पानी बड़ी परेशानी बन जाता है। मेहमानों को अंदर लाना मुश्किल हो जाता है। ठाठ सिंह नाजीरपुरा कॉलोनी में नगर निगम संबंधित समस्याओं का अंबार है। गली में पानी भर जाने के कारण बच्चों को स्कूल जाने में बहुत परेशानी होती है। कई बार बच्चे कीचड़ में गिर जाते हैं। झाई नाजीरपुरा आज भी सीवर लाइन जैसी जरूरी सुविधा से वंचित है। नालियों का पानी खुले में बहता है, जिससे न केवल गंदगी फैलती है बल्कि संक्रमण का खतरा भी बना रहता है। प्रियंका स्ट्रीट लाइटों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। कई गलियों में लाइटें महीनों से खराब हैं। रात के समय पूरे इलाके में अंधेरा छा जाता है, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को डर बना रहता है। मालती लंबे समय तक पानी भरे रहने से मच्छर बहुत बढ़ गए हैं। हर घर में मच्छरदानी लगानी पड़ती है, फिर भी काटने से बचाव नहीं होता। बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। पंकज नाजीरपुरा कॉलोनी में नाली व सड़क निर्माण की समस्या से नगर आयुक्त को अवगत कराया गया है जल्दी नाली व सड़क निर्माण की समस्या का समाधान हो जाएगा। जावेद खान वर्जन 32 गांव क्षेत्रों में कार्य के सम्बद्ध में एसडीए से जांच करायी जायेगी, यदि अवैध कॉलोनी से सम्बंधित कोई प्रस्ताव होगा तो उस पर कार्य नहीं कराया जायेगा। शिपू गिरि, नगरायुक्त, सहारनपुर नगर निगम

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