बोले सहारनपुर : नानौता बाजार में शौचालय न पार्किंग, व्यापारी परेशान
Saharanpur News - नानौता का मुख्य बाजार 75 साल पुराना है और स्थानीय जरूरतों को पूरा करता है। यहां हजारों लोग आते हैं, लेकिन पार्किंग, शौचालय और रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। दुकानदारों का कहना है कि यदि इन समस्याओं का समाधान किया जाए, तो बाजार की रौनक और व्यापार में बढ़ोतरी हो सकती है।
नानौता कस्बे का मुख्य बाजार करीब 75 साल पुराना बताया जाता है। बाजार ने वर्षों से स्थानीय जरुरतों को पूरा किया है, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों की आर्थिक धुरी बना हुआ है। करीब 1000 दुकानों वाले इस बाजार हर दिन हजारों लोग आते हैं। कपड़े, किराना, दवाइयां, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि उपकरण, जूतें-चप्पल, जनरल आइटम, आभूषण-ऐसा कोई सामान नहीं जो इस बाजार में उपलब्ध न हो, लेकिन अपने आकार और महत्व के बावजूद नानौता का यह बाजार सुविधाओं में काफी पीछे है। जाम, अनियंत्रित यातायात, पार्किंग, शौचालय आदि मूलभूत जरूरतें हैं जो वर्षों से पूरी नहीं हो पाई हैं। दुकानदारों और ग्राहकों का कहना है कि यदि इन कमियों को दूर कर दिया जाए तो बाजार की रौनक और व्यापार में कई गुना बढ़ोतरी हो सकती है।
नानौता का मुख्य बाजार व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण यहां आने वाले खरीदारों और दुकानदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बाजार की सबसे बड़ी समस्या पार्किंग न होना है। दोपहिया और चारपहिया वाहन सड़क किनारे ही खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार छोटी-सी जगह में गाड़ियां खड़ी होने से आवाजाही प्रभावित होती है और हादसों की आशंका भी बढ़ जाती है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बाजार पुराना होने के कारण सड़कें संकरी हैं, ऐसे में बिना पार्किंग के सुचारू यातायात संभव नहीं है। ग्राहक भी पार्किंग न होने की वजह से बाज़ार आने से कतराते हैं, जिसका सीधा असर कारोबार पर पड़ता है। सुझाव के रूप में यह आवश्यक है कि बाजार में एक निर्धारित पार्किंग स्थल की व्यवस्था की जाए। नगर पंचायत या जिला प्रशासन बाजार के आसपास उपलब्ध सरकारी भूमि या खाली स्थान को चिन्हित कर वहां आधुनिक पार्किंग विकसित कर सकता है। इससे न केवल जाम की समस्या दूर होगी बल्कि व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को राहत मिलेगी और बाजार में खरीदारी का माहौल भी बेहतर होगा। बाजार में सार्वजनिक शौचालय का अभाव नानौता के मुख्य बाजार की सबसे गंभीर समस्या सार्वजनिक शौचालय का न होना है। बाजार में रोजाना बड़े पैमाने पर महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और व्यापारी आते-जाते हैं, लेकिन उनके लिए शौचालय की सुविधा मौजूद नहीं है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि कई बार दूर-दराज से आने वाले ग्राहक इस असुविधा के कारण खरीदारी बीच में छोड़कर लौट जाते हैं। महिलाओं के लिए यह समस्या और ज्यादा गंभीर है। नगर पंचायत द्वारा सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था न होने से व्यवसाय पर भी असर पड़ता है। दुकानदारों का कहना है कि यदि बाजार के बीचों-बीच या प्रमुख चौराहे पर पब्लिक टॉयलेट बन जाए, तो लोगों की परेशानी काफी कम होगी और बाजार का उपयोग भी और सुगम बनेगा। दुकानदारों का सुझाव है कि मुख्य बाजार में कम से कम दो स्थानों पर आधुनिक एवं साफ-सुथरे सार्वजनिक शौचालय बनाए जाएं। महिलाओं के लिए अलग से पिंक टॉयलेट की सुविधा शामिल की जाए। नगर पंचायत नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करे। हाइमास्क लाइट नहीं, केवल पोल लगा हुआ बाजार में रात होने के बाद रोशनी की समस्या अक्सर देखी जाती है। हालांकि दूर से देखने पर एक हाइमास्क लाइट का बड़ा पोल लगा जरूर दिखता है, लेकिन लाइट वर्षों से कार्यरत नहीं है। रात के समय दुकानों के शटर गिरते ही बाजार के अंदरूनी हिस्से अंधेरे में डूब जाते हैं, जिससे चोरी, पिकपॉकेटिंग और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। दुकानदारों के अनुसार कई बार अधिकारी निरीक्षण में आए भी, लेकिन हाइमास्क लाइट आज तक चालू नहीं हुई। यदि यह हाइमास्क लाइट सही ढंग से लगा दी जाए और पूरे बाजार में रोशनी की व्यवस्था दुरुस्त हो जाए, तो सुरक्षा के साथ ग्राहकों का आवागमन भी सुगम हो जाएगा। स्थानीय दुकानदारों का सुझाव है कि बाजार में लगे हाइमास्क पोल पर तुरंत नई और कार्यशील एलईडी लाइट लगाई जाए। बाजार के दोनों छोर और भीड़ वाले पॉइंट पर अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट स्थापित की जाएं। रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। एटीएम की सुविधा का अभाव नानौता का मुख्य बाजार इतना बड़ा है कि रोजाना लाखों रुपये का लेनदेन होता है, लेकिन पूरे बाजार में एक भी एटीएम नहीं है। लोग अक्सर नकदी निकालने के लिए बाजार से बाहर जाकर किसी बैंक शाखा का रुख करते हैं, जिससे समय की बर्बादी भी होती है और ग्राहकों की भीड़ भी कम हो जाती है। कई दुकानदार बताते हैं कि कई बार ग्राहक भुगतान करने के लिए बाहर जाते हैं और वापस नहीं आते, जिससे व्यापार प्रभावित होता है। वहीं डिजिटल भुगतान भी अभी सभी दुकानों पर उपलब्ध नहीं है, इसलिए एटीएम की जरूरत बेहद जरूरी है। स्थानीय दुकानदारों का सुझाव है कि बाजार के मुख्य चौक या बस स्टैंड के पास कम से कम दो एटीएम काउंटर स्थापित किए जाएं। बैंक शाखाएं मिलकर एक कॉमन एटीएम हब स्थापित कर सकती हैं। वाटर कूलर की सुविधा नहीं गर्मी के मौसम में बाजार आने वाले ग्राहकों और दुकानदारों के लिए पीने के पानी का इंतजाम भी बाजार में उपलब्ध नहीं है। इतिहास के इतने पुराने बाजार में एक भी सार्वजनिक वाटर कूलर या आरओ पानी की व्यवस्था नहीं है, जबकि बाजार गर्मियों में सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाला होता है। कई बार लोग दुकानों पर पानी मांगते हैं, जिससे दुकानदारों पर भी अतिरिक्त भार पड़ता है। यदि यह सुविधा मौजूद हो जाए तो ग्राहकों को राहत मिलेगी और बाजार की छवि भी बेहतर होगी। दुकानदारों का सुझाव है कि बाजार में दो सार्वजनिक वाटर कूलर लगाए जाएं-एक मुख्य चौराहे पर और दूसरा भीड़भाड़ वाले हिस्से में। वाटर कूलर के साथ आरओ सिस्टम लगाया जाए ताकि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो। नगर पंचायत द्वारा नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। समस्याएं -बाजार में सार्वजनिक शौचालय नहीं है -बाजार में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है -बाजार में जाम की समस्या है -बाजार में हाइमास्क लाइट नहीं है(पोल लगा हुआ है) -बाजार में एटीएम की सुविधा नहीं है -बाजार में वाटर कूलर की सुविधा नही है -बाजार में सीसीटीवी कैमरे नहीं है सुझाव -बाजार में सार्वजनिक शौचालय बनाया जाए -बाजार में पार्किंग की व्यवस्था की जाए -बाजार में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए -बाजार में रोशनी के लिए हाइमास्क लाइट लगाई जाए -बाजार में एटीएम की सुविधा प्रदान की जाए -बाजार में वाटर कूलर लगाया जाए -बाजार में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं प्रतिक्रियाएं बाजार में बुनियादी सुविधाओं के अभाव से व्यापार प्रभावित होता है। जाम और भारी वाहनों की आवाजाही से भी परेशानी बढ़ती है। समस्याओं के समाधान के लिए कदम उठाने चाहिए। सुरेंद्र वर्मा पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से ग्राहक गाड़ियों को दूर खड़ी करते हैं और खरीदारी से बचते हैं। शौचालय और वाटर कूलर जैसी सुविधाएं जरूरी हैं। हाईमास्ट लाइट और सीसीटीवी से सुरक्षा व सुविधा दोनों बढ़ेंगी। राजकुमार कालड़ा बाजार में दिन भर जाम रहता है, जिससे दुकानदारी पर असर पड़ता है। यदि पार्किंग, शौचालय और रोशनी की व्यवस्था हो जाए तो बाजार में रौनक बढ़ सकती है। जतिन अरोड़ा सीसीटीवी कैमरों की कमी से चोरी की घटनाओं का डर बना रहता है। पानी और शौचालय की सुविधा तुरंत होनी चाहिए। हाईमास्ट लाइट लगने से रात में सुरक्षा बढ़ेगी। शिवम राणा बाजार में सुविधाओं का अभाव साफ दिखता है। शौचालय और वाटर कूलर न होना बड़ी समस्या है। पार्किंग की कमी और भारी वाहनों के प्रवेश से जाम लगता है। मनन चावला मुख्य बाजार में शौचालय, एटीएम और सीसीटीवी की व्यवस्था होने पर बाजार की छवि सुधरेगी। जनप्रतिनिधियों को व्यापारियों की मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए। जयगोपाल अरोड़ा बाजार में रात के समय रोशनी कम होने से सुरक्षा का खतरा रहता है। हाईमास्ट लाइट जरूरी है। पार्किंग और जाम भी बड़ी समस्या हैं। पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं। विजय बंसल करीब 75 साल पुराना बाजार है। बाजार में पार्किंग न होने से असुविधा का सामना करना पड़ता है। व्यवस्था में सुधार होने पर व्यापार में स्पष्ट बढ़ोतरी होगी। महक सिंह एटीएम सुविधा न होने से कई बार ग्राहक भुगतान नहीं कर पाते। सीसीटीवी कैमरों के अभाव में चोरी का डर लगा रहता है। पार्किंग, शौचालय और वाटर कूलर जैसी सुविधाएं अत्यंत आवश्यक हैं। दर्शन लाल अरोड़ा बाजार के बाहर पार्किंग न होने से सड़क पर ही गाड़ियां खड़ी हो जाती हैं, जिससे जाम लगता है। इससे व्यापारी और ग्राहक दोनों परेशान हैं। शौचालय और रोशनी की सुविधाएं भी बेहद आवश्यक हैं। जोगेंद्र चाबा जाम, रोशनी की कमी और शौचालय न होने से ग्राहकों की आवाजाही कम हो जाती है। पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार से स्थिति बेहतर होगी। शेखर अरोड़ा मुख्य बाजार में करीब 1000 दुकानें हैं। एटीएम, पानी, शौचालय और पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाएं हों तो हमारा बाजार भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है। शिवकुमार राणा भारी वाहनों के प्रवेश से हर समय जाम लगा रहता है। पार्किंग और सीसीटीवी की व्यवस्था न होने से असुविधाएं बढ़ गई हैं। पानी और शौचालय की सुविधा बनने से ग्राहक और व्यापारी दोनों को राहत मिलेगी। दिनेश चाबा बाजार में सुधार की बेहद जरूरत है। शौचालय, एटीएम, हाईमास्ट लाइट और पार्किंग की सुविधाएं न होने से व्यापार प्रभावित होता है। जल्द कार्यवाही कर बाजार को व्यवस्थित किया जाए। हिमांशु जैन बाजार में लगे हाइमास्क पोल पर एलईडी लाइट लगाई जाए। बाजार के दोनों छोर और भीड़ वाले पॉइंट पर अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट स्थापित की जाएं। सुशील नामदेव यह नानौता का मुख्य बाजार है। करीब एक हजार दुकानें हैं। लेकिन हैरत की बात है कि पूरे बाजार में एक भी एटीएम नहीं है। बाजार में एटीएम की सुविधा प्रदान की जाए। ओम चावला पुराने बाजार में एक भी सार्वजनिक वाटर कूलर या आरओ पानी की व्यवस्था नहीं है, जबकि बाजार गर्मियों में सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाला होता है। हरीश तनेजा बाजार में रोजाना बड़े पैमाने पर महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और व्यापारी आते-जाते हैं, लेकिन उनके लिए शौचालय की सुविधा मौजूद नहीं है। स्पर्श चावला -वर्जन मुख्यमंत्री वैश्विक योजना से 80 लाख की लागत से मुख्य मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। उचित स्थान मिलते ही सार्वजनिक शौचालय बनाया जाएगा और हाईमास्क लाइट भी जल्द चालू कराई जाएगी। नालों की नियमित सफाई कराई जाएगी। रूमाना खान, चेयरपर्सन

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