टंकी पर चढ़ी निष्कासित वार्ड आया, आत्मदाह की चेतावनी के बीच छह घंटें बाद उतरी
Saharanpur News - नौकरी बहाली और उत्पीड़न की जांच की मांग को लेकर छह घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा

सरसावा, संवाददाता। राजकीय मेडिकल कॉलेज में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वार्ड आया के पद से निष्कासित महिला कर्मचारी फरमीना अचानक पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गई और आत्मदाह की चेतावनी देने लगी। महिला ने नौकरी से हटाए जाने, उत्पीड़न और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर करीब साढ़े छह घंटे तक टंकी पर बैठकर हंगामा किया। घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन, पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि सोमवार दोपहर करीब 12 बजे फरमीना मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गई। वहां से वह बार-बार नीचे कूदने की धमकी देने लगी, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। कॉलेज प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने तुरंत इलाके को घेरकर महिला को समझाने का प्रयास शुरू किया। इस दौरान मेडिकल कॉलेज परिसर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। टंकी पर बैठी फरमीना ने मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी जारी किया। वीडियो में उसने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक महिला आरोग्य कर्मचारी और उसके पति द्वारा उसका लगातार उत्पीड़न कराया जा रहा है। उसने संबंधित महिला के सर्विस रिकॉर्ड की जांच कराने तथा उसके पति को मेडिकल कॉलेज परिसर में आवंटित सरकारी आवास खाली कराने की मांग उठाई। फरमीना ने कहा कि नौकरी से हटाए जाने के बाद उसके सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है। उसके दो छोटे बच्चे हैं और नौकरी जाने के कारण उनके पालन-पोषण में भारी दिक्कत आ रही है। उसने चेतावनी दी कि यदि उसकी मांगें नहीं मानी गईं तो वह टंकी से कूदकर जान दे देगी। मौके पर बीएससी नर्सिंग कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. कमलेश दीक्षित, वाइस प्रिंसिपल सुरेंद्र शर्मा, डॉ. अनिल गर्ग, डॉ. कुणाल डेविड समेत कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
0-सूचना मिलते ही दौडे एसडीएम व सीओ
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम नकुड़ सुरेंद्र कुमार और सीओ नकुड़ प्राची गुप्ता भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कई घंटों तक महिला से बातचीत कर उसे शांत कराने की कोशिश की। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुधीर राठी ने बताया कि पूरा मामला डीएम अरविंद कुमार चौहान के संज्ञान में है। मंगलवार सुबह 11 बजे डीएम की अध्यक्षता में फरमीना, केयरटेकर रजनीश कुमार, सफाई कर्मचारी आकाश चौधरी और अनीश चौधरी के साथ साक्ष्यों के आधार पर जांच की जाएगी।
0-करीब साढे छह घंटे की मशक्कत के बाद उतरी
-करीब साढ़े छह घंटे की मशक्कत और प्रशासनिक आश्वासन के बाद फरमीना आखिरकार टंकी से नीचे उतरने को तैयार हुई। हालांकि नीचे उतरते ही उसकी तबीयत बिगड़ गई। भीषण गर्मी और लंबे समय तक टंकी पर बैठे रहने के कारण उसे डिहाइड्रेशन हो गया, जिसके बाद मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही कोमल गुर्जर भी मेडिकल कॉलेज पहुंचीं।
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