बोले सहारनपुर:दशकों पुरानी कॉलोनी में कच्ची सड़कों से हाल बेहाल
Saharanpur News - इंदिरा कॉलोनी, जो 2017 में नगर निगम क्षेत्र में शामिल हुई थी, आज बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। 4000 की आबादी वाली इस कॉलोनी में पक्की सड़कें, जलनिकासी, सीवर लाइन और सफाई की व्यवस्था का अभाव है। स्थानीय लोग नगर निगम से इन समस्याओं का समाधान करने की मांग कर रहे हैं।

नगर निगम क्षेत्र में वर्ष 2017 में शामिल की गई इंदिरा कॉलोनी आज बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। लगभग 50 वर्ष पुरानी इस कॉलोनी में करीब 4000 की आबादी निवास करती है, लेकिन इसके बावजूद कॉलोनी में न तो पक्की सड़कें हैं, न जलनिकासी की समुचित व्यवस्था, न सीवर लाइन और न ही नियमित सफाई व्यवस्था। हालात इतने बदतर हैं कि बरसात के मौसम में लोगों के घरों में पानी घुस जाता है और पूरे वर्ष नमी के कारण दीवारें खराब हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम में शामिल होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि कॉलोनी की तस्वीर बदलेगी, लेकिन नौ वर्ष बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
इंदिरा कॉलोनी की सबसे बड़ी समस्या यहां की कच्ची सड़कें हैं। कॉलोनी की अधिकांश गलियां आज भी मिट्टी की स्थिति में हैं। बरसात के दिनों में ये सड़कें कीचड़ में तब्दील हो जाती हैं, जिससे पैदल चलना तक दूभर हो जाता है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश में फिसलन के कारण लोग गिरकर चोटिल हो जाते हैं। दुपहिया वाहन चालकों के लिए हालात और भी खतरनाक हो जाते हैं। कई बार एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहन भी गलियों में फंस जाते हैं। कच्ची सड़कों के कारण धूल की समस्या भी गंभीर बनी रहती है। गर्मियों में उड़ती धूल से सांस और आंखों से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं। घरों के अंदर तक धूल जम जाती है, जिससे साफ-सफाई पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और नगर निगम अधिकारियों से पक्की सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। कॉलोनीवासी चाहते हैं कि सभी गलियों में सीसी रोड या इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाई जाएं, ताकि सालों पुरानी इस समस्या से निजात मिल सके। जलनिकासी की समस्या कॉलोनी की दूसरी सबसे गंभीर समस्या जलनिकासी व्यवस्था का पूरी तरह अभाव है। यहां अधिकांश गलियों में नालियां नहीं बनी हैं। जहां कुछ जगह नालियां हैं भी, वे अधूरी और जर्जर अवस्था में हैं। बरसात के मौसम में पानी की निकासी न होने के कारण सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाता है। यही पानी धीरे-धीरे लोगों के घरों में घुस जाता है। फर्श खराब हो जाती है, दीवारों में सीलन आ जाती है और मकानों की मजबूती पर भी असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि लंबे समय तक पानी भरा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बना रहता है। बच्चों और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। जलनिकासी न होने के कारण घरों में लगातार नमी बनी रहती है। दीवारों से प्लास्टर झड़ रहा है, पेंट खराब हो रहा है और फर्नीचर भी नमी की चपेट में आ रहा है। लोगों का कहना है कि बरसात उनके लिए राहत नहीं, बल्कि डर बन जाती है। कॉलोनीवासियों की मांग है कि जल्द से जल्द पूरी कॉलोनी में पक्की नालियों का निर्माण कराया जाए और जल निकासी को मुख्य नाले से जोड़ा जाए, ताकि बरसात में जलभराव की समस्या खत्म हो सके। सफाई व्यवस्था बदहाल इंदिरा कॉलोनी की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कॉलोनी में सफाई कर्मचारियों की संख्या न के बराबर है। नियमित रूप से कूड़ा उठाने या नालियों की सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। गलियों में कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। लोग मजबूरी में खाली प्लॉटों और सड़क किनारे कचरा डालने को मजबूर हैं। इससे बदबू फैलती है और संक्रमण का खतरा बना रहता है। आवारा पशु कूड़े को इधर-उधर फैलाकर स्थिति और खराब कर देते हैं। सफाई न होने से नालियां (जहां बनी हैं) जाम रहती हैं, जिससे जलभराव की समस्या और बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि नगर निगम की गाड़ियां कभी-कभार ही कॉलोनी में दिखाई देती हैं। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि कॉलोनी में स्थायी सफाई कर्मचारी तैनात किए जाएं, नियमित कूड़ा उठान हो और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। सीवर सुविधा का अभाव इंदिरा कॉलोनी में सीवर लाइन की कोई व्यवस्था नहीं है। अधिकांश घरों में सेप्टिक टैंक बने हुए हैं, जो समय-समय पर ओवरफ्लो हो जाते हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है। सेप्टिक टैंक का गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है, जिससे बदबू और बीमारियों का खतरा बना रहता है। कई जगहों पर गंदा पानी घरों के अंदर तक पहुंच जाता है। लोगों का कहना है कि नगर निगम क्षेत्र में शामिल होने के बावजूद अब तक सीवर लाइन नहीं बिछाई गई, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कॉलोनीवासियों की मांग है कि पूरी कॉलोनी में सीवर लाइन बिछाकर उसे मुख्य सीवर से जोड़ा जाए, ताकि गंदगी और संक्रमण से राहत मिल सके। स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा कॉलोनी में कुल 6 स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं, जिससे रात के समय अंधेरा रहता है। अंधेरे का फायदा उठाकर चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। लोगों ने बताया कि कॉलोनी में चोरी की घटनाएं आम हो गई हैं, जिससे भय का माहौल बना रहता है। लोगों की मांग है कि खराब स्ट्रीट लाइटों को जल्द ठीक कराया जाए और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए। नगर निगम क्षेत्र में शामिल होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव गंभीर चिंता का विषय है। यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो हालात और बदतर हो सकते हैं। कॉलोनीवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी पीड़ा को समझेगा और जल्द ठोस कदम उठाएगा। पीने के पानी की किल्लत इंदिरा कॉलोनी में इन दिनों पीने के पानी की गंभीर किल्लत बनी हुई है। नियमित जलापूर्ति न होने के कारण स्थानीय निवासियों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई घरों में सुबह से ही पानी भरने की जद्दोजहद शुरू हो जाती है, जिससे दिनचर्या प्रभावित होती है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि समस्या लंबे समय से चली आ रही है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। लोगों की मांग है कि क्षेत्र में जल्द से जल्द नई बोरिंग कराई जाए, ताकि इंदिरा कॉलोनी में पानी की आपूर्ति सामान्य हो सके और निवासियों को राहत मिल सके। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या कॉलोनी में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। विशेषकर सुबह और रात के समय ये कुत्ते वाहनों के पीछे दौड़ते हैं, जिससे दोपहिया चालकों और पैदल राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई बार बच्चों और बुजुर्गों पर भी ये कुत्ते झपट पड़ते हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है। कुत्तों के काटने की घटनाओं से रेबीज जैसी गंभीर बीमारी का खतरा भी बना रहता है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए नियमित रूप से नसबंदी एवं एंटी-रैबीज टीकाकरण अभियान चलाया जाना चाहिए। साथ ही जो कुत्ते आक्रामक हैं या बार-बार काटने की घटनाओं में शामिल रहते हैं, उन्हें पकड़कर शेल्टर होम में भेजा जाए, ताकि कॉलोनी के लोग सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण में रह सकें। समस्या -कॉलोनी में कच्ची सड़कों की समस्या है -कॉलोनी मे जलनिकासी की समस्या है -कॉलोनी में सीवर की सुविधा नहीं है -कॉलोनी में सफाई व्यवस्था बदहाल स्थिति में है सुझाव -कच्ची सड़कों का निर्माण कराया जाए -जलनिकासी के लिए नालियों का निर्माण कराया जाए -सफाई व्यवस्था में सुधार लाया जाए -सीवर की लाइन बिछाई जाए प्रतिक्रियाएं आज तक पक्की सड़क नहीं बनी। बरसात में कीचड़ और जलभराव से निकलना मुश्किल हो जाता है। बच्चों और बुजुर्गों को रोज परेशानी झेलनी पड़ती है। सोराज प्रजापति जलनिकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। बारिश का पानी कई दिनों तक सड़कों पर भरा रहता है। दीवारों में नमी आ गई है और मकान कमजोर होते जा रहे हैं। नीलम दहिया सफाई व्यवस्था पर सवालिया निशान लग रहे हैं। कॉलोनी में कोई सफाई कर्मचारी नहीं आता। कूड़ा सड़कों पर पड़ा रहता है, जिससे बदबू और बीमारियों का खतरा बना रहता है। कलावती सीवर लाइन न होने की वजह से सेप्टिक टैंक ओवरफ्लो हो जाते हैं। बरसात में गंदा पानी बाहर फैल जाता है। छोटे बच्चों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक है। विद्यावती बरसात हमारे लिए सबसे बड़ा संकट बन जाती है। घरों में पानी भर जाता है, सामान खराब हो जाता है और कई दिनों तक नमी बनी रहती है। नगर निगम को संज्ञान लेना चाहिए। हरदेव कॉलोनी में कई स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। रात में अंधेरा रहता है, जिससे चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं। महिलाएं और बुजुर्ग शाम के बाद बाहर निकलने से डरते हैं। जसवीर कॉलोनी में धूल और गंदगी के कारण स्थानीय लोगों में सांस और त्वचा से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ रहा है। कच्ची सड़कों का निर्माण कराया जाए। विनय नगर निगम में शामिल होने के बाद उम्मीद जगी थी कि हालात सुधरेंगे, लेकिन अब तक कुछ नहीं बदला। कई बार शिकायत की, पर सिर्फ आश्वासन ही मिले। प्रिंस प्रजापति कच्ची सड़कों के कारण एंबुलेंस और अन्य वाहन भी समय पर नहीं पहुंच पाते। आपात स्थिति में सबसे ज्यादा परेशानी होती है, जिसकी कल्पना से ही डर लगता है। रेखा नालियां न होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। डेंगू और मलेरिया का खतरा बना रहता है। सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था तुरंत होनी चाहिए। सपना चुनाव के समय वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में कोई देखने नहीं आता। कॉलोनी के लोग खुद को उपेक्षित महसूस करते हैं। समस्याओं का समाधान कराया जाए। अमित चौहान पक्की सड़क, नाली, सफाई और सीवर जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल जाएं। इससे हमारा जीवन थोड़ा सुरक्षित और सम्मानजनक हो सकेगा। भूदेवी -वर्जन नगर निगम प्रत्येक वार्ड में सुनियोजित विकास और जनसुविधाओ के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए लगातार निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं। इंदिरा कॉलोनी में नगर निगम संबंधित समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। डॉ. अजय कुमार, महापौर

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