बोले सहारनपुर : हिरन मारान बाजार, यहां समस्याएं अपार
संक्षेप: Saharanpur News - सहारनपुर का हिरन-मारान बाजार 1970 में स्थापित हुआ था और 55 वर्षों से आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। पार्किंग की कमी, जाम, शौचालय की अनुपलब्धता और खराब साफ-सफाई जैसी समस्याएं व्यापारियों और...

सहारनपुर के प्रसिद्ध बाजारों में शामिल हिरन-मारान बाजार आर्थिक गतिविधियों का केंद्र है। वर्ष 1970 में स्थापित यह बाजार आज करीब 55 वर्ष का हो चुका है। शहरवासियों के लिए अलावा गांवों और कस्बों के लोग भी खरीदारी के लिए यहां आते हैं। पुराना बाजार होने के चलते यहां समस्याएं भी गंभीर हैं। जाम लगना, पार्किंग न होने की वजह से सड़कों पर वाहन खड़े करना, शौचालय न होने से ग्राहकों के साथ व्यापारियों को भारी परेशानी होती है। इसके अलावा साफ-सफाई भी मुख्य समस्याओं में शामिल है, जिनका समाधान अब समय की मांग बन चुका है। हिरन मारान बाजार की सबसे गंभीर और पुरानी समस्या पार्किंग की कमी है।
यह समस्या पिछले कई वर्षों से व्यापारियों और ग्राहकों दोनों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। बाजार के अंदर या आसपास वाहनों को खड़ा करने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। इस वजह से लोग मजबूरी में अपनी गाड़ियां सड़क किनारे ही खड़ी कर देते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में जाम और अव्यवस्था फैल जाती है। दिन के समय तो स्थिति और भी खराब रहती है, जब ग्राहकों, ठेलों और रिक्शों की भीड़ के कारण बाजार की मुख्य सड़कें पूरी तरह अवरुद्ध हो जाती हैं। ग्राहक खरीदारी करने आते हैं, लेकिन पार्किंग की जगह न मिलने से उन्हें परेशानी होती है। कई बार वे गाड़ी न खड़ी कर पाने की वजह से बिना खरीदारी किए ही लौट जाते हैं। इसका सीधा असर दुकानदारों के व्यापार पर पड़ता है। स्थानीय व्यापारी बताते हैं कि त्योहारों के समय यह समस्या विकराल रूप ले लेती है। जहां एक ओर ग्राहकों की संख्या बढ़ जाती है, वहीं पार्किंग की कमी पूरे बाजार को जाम से पाट देती है। व्यापारियों का सुझाव है कि नगर निगम या जिला प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उनका मानना है कि दाल मंडी पुल को चौड़ा कर वहां पार्किंग की व्यवस्था की जा सकती है, जिससे बाजार में आने वाले लोगों को सुविधा मिले। इसके अलावा मल्टीस्टोरी पार्किंग की योजना पर भी विचार किया जाना चाहिए, ताकि लंबे समय के लिए स्थायी समाधान मिल सके। ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से बाजार में वाहनों को खड़ा करने की सीमित समयावधि तय की जानी चाहिए, जिससे अधिक भीड़ न हो। वहीं, अवैध पार्किंग पर सख्ती बरतनी जरूरी है। यदि प्रशासन, पुलिस और व्यापारी मिलकर समन्वय से कार्य करें तो हिरन-मारान बाजार को जाम और अव्यवस्था से मुक्त कर एक सुव्यवस्थित व्यापारिक केंद्र बनाया जा सकता है। शौचालय की सुविधा का अभाव हिरन-मारान बाजार की सबसे गंभीर और उपेक्षित समस्याओं में से एक है शौचालय की अनुपलब्धता। इस व्यस्त बाजार में रोजाना हजारों लोग आते हैं, लेकिन आज तक यहां न तो पुरुषों और न ही महिलाओं के लिए कोई सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था की गई है। यह स्थिति ग्राहकों और दुकानदारों दोनों के लिए बेहद असुविधाजनक है। विशेष रूप से महिला ग्राहकों और महिला दुकानदारों के लिए यह एक बड़ी परेशानी बन चुकी है। कई महिलाएं खरीदारी के दौरान इस समस्या के कारण जल्दी बाजार छोड़कर लौट जाती हैं। व्यापारियों के अनुसार, नगर निगम और प्रशासन से कई बार मांग करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मजबूर होकर व्यापारियों ने अपने स्तर पर एक शौचालय की व्यवस्था की है, जिसका रखरखाव और सफाई का पूरा भार उन्हीं के कंधों पर है। यह छोटा प्रयास बाजार की जरूरतों की तुलना में बहुत सीमित है और भीड़भाड़ के समय अपर्याप्त साबित होता है। व्यापारियों की शिकायत है कि नगर निगम हमसे कर तो वसूलता है, लेकिन सुविधाओं के मामले में बिल्कुल असंवेदनशील है। इतने पुराने और बड़े बाजार में शौचालय न होना शर्मनाक है। यह समस्या न केवल असुविधा का कारण है, बल्कि स्वच्छता और स्वास्थ्य के लिहाज से भी गंभीर है। व्यापारियों का सुझाव है कि बाजार में कम से कम दो सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण तत्काल किया जाए। महिलाओं के लिए विशेष पिंक शौचालय बनाए जाएं, जिनमें सुरक्षा और स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाए। नगर निगम इन शौचालयों के रखरखाव के लिए नियमित सफाईकर्मियों की तैनाती करे। यदि यह बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराई जाए तो हिरन-मारान बाजार में ग्राहकों, खासकर महिलाओं, के लिए वातावरण अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और स्वच्छ बन सकेगा। जाम की समस्या से हर दिन जूझता बाजार हिरन-मारान बाजार की गिनती शहर के सबसे व्यस्त और पुराने बाजारों में होती है। यहां थोक और रिटेल दोनों प्रकार का व्यापार होता है, जिससे न केवल स्थानीय ग्राहक बल्कि आसपास के जिलों और राज्यों से भी व्यापारी खरीददारी करने आते हैं। बाजार की सड़कों का संकरापन और अनियंत्रित यातायात इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या बन चुका है। सुबह से रात तक गाड़ियों, ठेलों, रिक्शों और पैदल चलने वालों की भीड़ से स्थिति बिगड़ जाती है। कई बार छोटे-छोटे विवाद भी जाम का रूप ले लेते हैं। त्योहारों या विवाह सीजन में तो हालात और गंभीर हो जाते हैं। लगातार जाम के कारण व्यापार प्रभावित होता है, ग्राहक आने से कतराने लगे हैं और दुकानदारों का समय व संसाधन दोनों बर्बाद होते हैं। स्थानीय व्यापारियों ने कई बार नगर निगम और ट्रैफिक विभाग से व्यवस्था सुधारने की मांग की है। व्यापारियों का सुझाव है कि बाजार के प्रवेश और निकास पर एक-तरफा यातायात प्रणाली लागू की जाए। ठेले और रिक्शों के लिए अलग लेन बनाई जाए ताकि पैदल और वाहन यातायात सुचारू रहे। साथ ही दाल मंडी रोड को चौड़ा करने और मुख्य बिंदुओं पर यातायात पुलिस की स्थायी तैनाती से स्थिति में काफी सुधार लाया जा सकता है। स्ट्रीट लाइटों की कमी से अंधेरे में डूबता बाजार हिरन-मारान बाजार में स्ट्रीट लाइटों की संख्या बाजार की आवश्यकता के अनुसार बहुत कम है, जिसके कारण प्रकाश व्यवस्था अपर्याप्त बनी रहती है। शाम ढलते ही कई गलियां अंधेरे में डूब जाती हैं, जिससे सुरक्षा को खतरा बढ़ जाता है और ग्राहकों का आना-जाना भी प्रभावित होता है। अंधेरे के कारण कई बार छोटी-मोटी दुर्घटनाएं और चोरी जैसी घटनाओं की संभावना बनी रहती है। व्यापारियों का सुझाव है कि पूरे बाजार में आधुनिक एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएं। साथ ही, खराब लाइटों की नियमित जांच और मरम्मत की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि बाजार रात में भी सुरक्षित और सक्रिय बना रहे। वाटर कूलर की सुविधा नहीं, गर्मी में ग्राहकों को दिक्कत गर्मी के मौसम में हिरन-मारान बाजार में खरीदारी करने आने वाले ग्राहकों को पेयजल की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता है। बाजार में कहीं भी सार्वजनिक वाटर कूलर या सुरक्षित पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे ग्राहकों और दुकानदारों दोनों को असुविधा होती है। व्यापारियों का सुझाव है कि नगर निगम बाजार के प्रमुख और व्यस्त स्थानों पर वाटर कूलर और आरओ सिस्टम की स्थापना करे। साथ ही, इनकी नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए ताकि गर्मी के मौसम में ग्राहकों को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। समस्याएं -बाजार की सबसे बड़ी समस्या पार्किंग का न होना है -बाजार की दूसरी समस्या जाम की है -बाजार में शौचालय की सुविधा नहीं है -बाजार में स्ट्रीट लाइट की संख्या कम है -बाजार में वाटर कूलर की सुविधा नहीं है सुझाव -बाजार में पार्किंग की व्यवस्था की जाए -बाजार में जाम की समस्या का समाधान किया जाए -बाजार में आवश्यकतानुसार स्ट्रीट लाइट लगाई जाएं -बाजार में वाटर कूलर की व्यवस्था की जाए -बाजार में विशेषकर महिलाओं के लिए पिंक शौचालय की व्यवस्था की जाए प्रतिक्रियाएं बाजार में पार्किंग की कमी सबसे बड़ी समस्या है। ग्राहक अपनी गाड़ी खड़ा नहीं कर पाते और कई बार बिना खरीदारी किए ही लौट जाते हैं। पार्किंग की व्यवस्था करनी चाहिए। मदन लांबा बाजार की सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की सुविधा न होना है। इससे एक ओर जहां व्यापार प्रभावित होता है, वहीं बाजार में जाम की समस्या भी होती है। कृष्ण लाल ठक्कर हिरन-मारान बाजार की स्थापना करीब 1970 में हुई थी। आज करीब 55 साल हो गए हैं। व्यापारियों और ग्राहकों की सुविधा के लिए पार्किंग की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए। सूरज प्रकाश ठक्कर, प्रधान हिरन-मारान बाजार में न केवल स्थानीय ग्राहक आते हैं, अपितु दूसरे जिलों से खरीददार आते हैं। पार्किंग की मूलभूत सुविधा न होने से व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ता है। परवेज साबरी गर्मी के मौसम में वाटर कूलर की कमी ग्राहकों के लिए परेशानी का कारण बनती है। नगर निगम को प्रमुख स्थानों पर वाटर कूलर और आरओ सिस्टम लगाना चाहिए। मनोज ग्राहकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पार्किंग, जाम नियंत्रण, शौचालय और पानी की उचित व्यवस्था समय रहते की जाए तो बाजार और अधिक आकर्षक और व्यवस्थित बन सकता है। अमित हिरन-मारान बाजार में स्ट्रीट लाइटों की कमी है। शाम होते ही गलियां अंधेरे में डूब जाती हैं। एलईडी स्ट्रीट लाइट और नियमित मरम्मत जरूरी है। चिराग दाल मंडी रोड संकरी होने के कारण जाम और अव्यवस्था बढ़ती है। इसे चौड़ा किया जाए तो वाहन और पैदल यात्री दोनों के लिए राहत मिलेगी। ओमपाल महिला ग्राहकों और महिला कर्मचारियों के लिए शौचालय की सुविधा नहीं है। पिंक शौचालय की व्यवस्था से महिलाएं सुरक्षित और आराम से बाजार का लाभ उठा पाएंगी। रीना हिरन-मारान बाजार में बड़ी संख्या में महिलाकर्मी हैं। महिलाकर्मियों व महिला ग्राहकों की सुविधा के लिए बाजार में पिंक शौचालय की व्यवस्था की जाए। पूजा सहारनपुर को स्मार्ट सिटी का दर्जा प्राप्त है। स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत महानगर में पिंक शौचालय बनाए जाने की योजना बनाई गई थी। हिरन-मारान में पिंक शौचालय बनाया जाए। नीलम हिरन-बाजार में कई जगह तारों का जंजाल बना हुआ है। हमारी मांग है कि तारों को भूमिगत किया जाए। इससे न केवल बाजार की सुरक्षा मजबूत होगी, अपितु सुंदरता भी बढ़ेगी। मोहित खुल्लर स्थानीय व्यापारियों ने अपने प्रयास से बाजार में एक शौचालय की व्यवस्था की है। लेकिन व्यापारियों व खरीददारों की संख्या के अनुपात में यह शौचालय नाकाफी है। उमंग ठकराल जिस प्रकार महानगरों में बाजारों के सौंदर्यकरण पर कार्य किया जा रहा है। उसी कार्यशैली को अपनाते हुए हिरन-बाजार में भी विकास व सौंदर्यकरण होना चाहिए। प्रिंस बेदी प्रस्तुति-मनोज नरुला / फोटो-एच.शंकर शुक्ल

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