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पुलिस-प्रशासन के आतंकराज के कारण हारी चुनाव : मृगांका सिंह

गोरखपुर और फूलपुर में मिली शिकस्त के बाद भाजपा के लिए कैराना लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे भी उम्मीदों के अनुरूप नहीं आ सके। पार्टी के नेताओं की एक बड़ी फौज के यहां पर लगातार डेरा डालने और मुख्यमंत्री की दो रैली तथा उपमुख्यमंत्री के तीन दिन के प्रवास के बाद भी भाजपा यह चुनाव हार गई। जिसको लेकर भाजपा में इन दिनों सियासी माहौल जबरदस्त रूप से गरम है। बूथ स्तर से लेकर शीर्ष स्तर तक इस चुनाव को लेकर समीक्षा चल रही है।

कैराना और नूरपुर में मिली हार के बाद भाजपा की पश्चिमी क्षेत्र की समीक्षा बैठक आज मुरादाबाद में आयोजित की जा रही है। जिसमें पार्टी के दिग्गज हार की समीक्षा करने के साथ ही पश्चिम क्षेत्र के अन्य बिन्दुओं पर भी चर्चा करेंगे। उधर, कैराना लोकसभा चुनाव में पराजित हुई भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह से वार्ता की, जिनका आरोप है पुलिस व प्रशासन के आतंकराज के कारण वह यह चुनाव हारी हैं और उन्हें अधिकारियों ने यह चुनाव हरवाया। कार्यर्ताओं और संगठन ने पूरी मेहनत चुनाव में की थी।

मृगांका सिह से सवाल जवाब

सवाल : चुनाव को लेकर कल मुरादाबाद में समीक्षा बैठक है, आप तो इसमें जा रही होंगी?

जवाब : नहीं, इस समीक्षा बैठक के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है और मुझे बुलाया भी नहीं गया है, यदि सूचना होती तो जरूर जाती।

सवाल : आपकी सबसे बड़ी हार कहां पर हुई?

जवाब : सहारनपुर जिले की दोनों विधानसभा सीटों पर मेरी बड़ी हार हुई है। इन दोनों ही सीटों पर गठबंधन के प्रत्याशी को अधिक वोट मिली और उन्होंने वोटों का अंतर बढ़ा दिया।

सवाल : आप क्या मानती हैं, यहां पर आपकी हार के क्या कारण रहे?

जवाब : मैं यहां पर पुलिस और प्रशासन के आतंकराज के कारण चुनाव हारी हूं। मेरी हार में अधिकारियों का बहुत बड़ा रोल रहा है। जिनकी वजह से मैं यह चुनाव हारी हूं। अधिकारियों का रवैया पूरे चुनाव में सबसे बेकार रहा और उनकी भूमिका सबसे खराब रही है।

सवाल : क्या आपने कहीं कोई रिपोर्ट दी है?

जवाब : मेरे द्वारा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और हाईकमान को सारी सच्चाई से अवगत कराते हुए पूरी रिपोर्ट दी जा चुकी है और हाईकमान इसे गंभीरता से ले रहा है।

सवाल : इसके अलावा आप अपनी हार में किन कारणों को जिम्मेदार मान रही हैं?

जवाब : कार्यकर्ताओं और संगठन ने चुनाव में पूरी मेहनत की और मेहनत से चुनाव लड़ाया। लेकिन प्रशासन का असहयोग सबसे अहम कारण रहा, इसके अलावा पुनर्मतदान भी अहम फैक्टर था। जिसमें हमारे वोटरों ने उत्साहित होकर भाग नहीं लिया।

मुख्यमंत्री की बैठक में भी हुई थी शिकायत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 मई को सहारनपुर के अंबहेटा में चुनावी जनसभा को संबोधित करने के लिए आये थे। इसके बाद उन्होंने पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ मंच के पीछे ही बने टैंट में चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में गंगोह और नकुड़ विधानसभा के नौ मंडलों पर लगाये गये बाहर से आये सभी विधायक, सांसद और अन्य पदाधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री से अधिकारियों की शिकायत की थी और यह मामला तब भी खासा सुर्खियों में रहा था।

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  • Web Title:Elections for police-administration's terror strike: Mriganka Singh