DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   उत्तर प्रदेश  ›  सहारनपुर  ›  कोरोना से हुई मौत, मृत्यु प्रमाणपत्र में नहीं किया जा रहा जिक्र

सहारनपुरकोरोना से हुई मौत, मृत्यु प्रमाणपत्र में नहीं किया जा रहा जिक्र

हिन्दुस्तान टीम,सहारनपुरPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 05:30 PM
कोरोना से हुई मौत, मृत्यु प्रमाणपत्र में नहीं किया जा रहा जिक्र

कोरोना से हो रही मौत के बाद मृत्यु प्रमाणपत्र पर कोरोना से मौत का जिक्र नहीं किया जा रहा है। जिस पर नगर विधायक ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कोरोना से मौत का आंकड़ा कम करने के लिए कोरोना से मृत्यु होना दर्ज नहीं किया जा रहा। जबकि, शहर के श्मशानघाट में मृतकों का अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकाल से कराया गया था। हिन्दुस्तान ने इस मुद्दे को उठाया था। जिसके बाद विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर व्यवस्था को ठीक कराने की मांग की है।

मंगलवार को नगर विधायक संजय गर्ग ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखा। उनका कहना है कि लगभग परिवार इस बार कोविड की दूसरी लहर से प्रभावित हुआ है। जिस कारण बड़ी संख्या में मरीजों की कोरोना से मौत हुई है। कुछ लोगों ने तो बैड और ऑक्सीजन न मिलने के कारण ही दम तोड़ दिया। ऐसे में हर शहर, जिले, एवं ग्रामीण क्षेत्र से लगातार शिकायते मिल रही है की जिन की मृत्यु कोरोना से हुई और उनके अस्पताल के मृत्यु प्रमाण पत्र में मौत का कारण कोविड-19 न लिख कर बीमारी लिखा जा रहा है। नगर निगम एवं स्थानीय पंचायत से जारी होने वाले प्रमाण पत्र में भी मौत का कारण कोविड - 19 नहीं दिखाया जा रहा है। उनका कहना है कि यह सब मौत का आंकड़ा कम करने के लिए किया गया।

श्मशानों में हुए कोरोना प्रोटोकॉल के साथ अंतिम संस्कार

नगर विधणकय ने कहा कि नगर सहारनपुर में शमशान घाटों और कबरस्तिानों में कोरोना प्रोटोकोल से अंतिम संस्कार हुए। नुमाइश कैम्प शमशान घाट पर अप्रेल माह में कुल 127 अंतिम संस्कार हुए। जिनमें जिसमें कोरोना के 15 एवं मई में कुल 277 जिसमें कोरोना प्रोटॉकाल के तहत 126 अंतिम संस्कार हुए। हक़ीक़तनगर शमशान पर अप्रेल में कुल 128 जिसमें कोरोना के 25 एवं मई में कुल 238 जिसमें कोरोना के 95, लालदास का बाड़ा श्मशान में मई में कुल 99 जिसमें कोरोना के 50, शिवपुरी धाम शारदानगर पर अप्रेल में कुल 219 जिसमें कोरोना 79 एवं मई में कुल 237 जिसमें कोरोना के 95 अंतिम संस्कार हुए। जिससे श्मशान घाटों में कुल 485 अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकोल से हुए, जबकि नगर निगम के द्वारा केवल मई माह में मात्र 91 कोरोना के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किये गए, जब कि कबरस्तिानों में कोरोना के तदफ़िन होने वालों के आँकड़े और ज़्यादा है।

इसकी वजह से मृतक के परिजनों को बीमा व सरकारी घोषणाओं का लाभ लेने में बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है,कई कानूनी पहलू भी इस गलत प्रमाण पत्र की वजह से प्रभावित होते हैं। उन्होंने मांग की है कि इस व्यवस्था में सुधार किया जाना चाहिए। जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

संबंधित खबरें