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सहारनपुर

दारुल उलूम ने मदनी के बयान का किया समर्थन

हिन्दुस्तान टीम,सहारनपुरPublished By: Newswrap
Wed, 01 Sep 2021 04:11 AM
दारुल उलूम ने मदनी के बयान का किया समर्थन

जमीयत उलेमा ए हिंद राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के लड़का-लड़की के लिए अलग-अलग स्कूल के बयान पर शिक्षाविदों ने अपनी अलग-अलग राय दी है। उनका कहना है कि लड़का और लड़कियों के एक साथ पढ़ने में किसी तरह की बुराई नहीं है। करीब-करीब सभी देशों में लड़के और लड़कियां एक की स्कूल और कालेज में पढ़ाई करते हैं। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फरहा फैज का कहना है कि लड़के और लड़कियों को एक फ्रेंडली माहौल मिलना चाहिए। दूसरी ओर दारुल उलूम के मोहतमिम ने अरशद मदनी का समर्थन किया है।

जमीयत अध्यक्ष के बयान का समर्थन करते हैं: नोमानी

मौलाना अरशद मदनी के बयान का दारुल उलूम ने भी समर्थन किया है। दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि को-एजुकेशन को लेकर जमीयत अध्यक्ष ने जो बयान दिया है। वह उसका समर्थन करते हैं। बता दें कि वर्ष 2007 में दारुल उलूम के फतवा विभाग ने को-एजुकेशन को लेकर फतवा जारी किया था। जो उस समय में भी चर्चा का विषय बना था। 14 साल बीत जाने के बाद भी दारुल उलूम अपने फतवे पर कायम है।

लड़के-लड़कियों के साथ पढ़ने में कोई बुराई नहीं: डा. खालिद

जेवी जैन कालेज के इकोनोमिक्स डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. खालिद अनवर का कहना है कि लड़के और लड़कियों को एक साथ पढ़ने में कोई बुराई नहीं है। अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में लड़के-लड़कियां दोनों पढ़ रहे हैं, वहां कोई दिक्कत नहीं है। समय के अनुसार हर स्कूल-कॉलेज में को-एजुकेशन होना चाहिए। ताकि बेटियों को न लगे कि उन्हें आगे बढ़ने से रोका जा रहा है।

को-एजुकेशन बहुत जरूरी: डा. वकुल

जेवी जैन डिग्री कॉलेज प्राचार्य डॉ. वकुल बंसल का कहना है कि आज के समय में बेटियां आगे बढ़ रही हैं। शिक्षा का क्षेत्र हो या फिर खेल का मैदान। हर स्कूल-कॉलेज में को-एजुकेशन होना बहुत जरुरी है। दूरियां मन से होती है न की दूर करने से। इसलिए बेटियों को बेटों की तरह ही मानें।

लड़कियों को आगे बढ़ाया जाना जरूरी: प्राचार्य

महाराज सिंह कालेज के प्रचार्य डॉ. एके डिमरी ने कहा कि लड़के और लड़कियों के एक साथ पढ़ने में किसी तरह की बुराई नहीं है। लड़कियों को भी लड़कों की तरह ही आगे बढ़ने का मौका दिया जाना चाहिए। देश में ज्यादातर कालेज में लड़के और लड़कियां एक साथ ही पढ़ाई करती हैं।

को-एजुकेशन से बनता है फ्रैंडली माहौल: फराह फैज

सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फरहा फैज का कहना है कि स्कूल कालेज में लड़का और लड़कियां एक साथ पढ़ेंगी तो उन्हें फ्रेंडली माहौल मिलेगा। यदि उन्हें एक दूसरे से दूर रखा जाएगा तो दोनों के बीच एक दूसरे के करीब आने की जिज्ञासा तेज होगी। जिससे वह हर समय एक दूसरे के पास आने की कोशिश करेंगे। स्कूल कालेज में एक साथ पढ़ाई करने से दोनों के बीच की दूरी कम होती है। जिससे अपराध भी कम होते हैं।

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