अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी छात्र की लचर विवेचना पर अदालत ने लगाई फटकार

अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी छात्र की लचर विवेचना पर अदालत ने लगाई फटकार

संक्षेप:

Saharanpur News - देवबंद में दारुल उलूम में अवैध दस्तावेजों के आधार पर पढ़ाई कर रहे बांग्लादेशी छात्र फारूक की गिरफ्तारी पर अदालत ने असंतोष व्यक्त किया। पुलिस को मामले में अग्रिम विवेचना के आदेश दिए गए। आरोपी ने खुद को भारतीय नागरिक बताते हुए फर्जी दस्तावेजों से प्रवेश लिया था।

Dec 14, 2025 11:01 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सहारनपुर
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देवबंद, संवाददाता। अवैध दस्तावेजों के आधार पर दारुल उलूम में दीनी तालीम हासिल करने के दौरान पुलिस की पकड़ में आए बांग्लादेशी की विवेचना पर अदालत ने अंसतोष व्यक्त किया। अदालत ने तथ्य को नजरंदाज करने और साधारण धाराओं में मुकदमा दर्ज करने पर विवेचक को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने पुलिस को मुकदमे की अग्रिम विवेचना के आदेश दिए। अप्रैल 2022 में पुलिस ने अवैध दस्तावेजों के आधार पर दारुल उलूम में प्रवेश लेकर कक्षा आठ में पढ़ने वाले छात्र फारूक को गिरफ्तार किया था। मामले में पुलिस द्वारा विवेचना से असंतुष्ट एसीजेएम परविंदर सिंह की अदालत ने अभियुक्त के देश विरोधी, आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त होने के बाद भी उसके अन्य बंग्लादेशी साथियों एवं उन्हें फर्जी प्रमाण पत्र उपलब्ध करने वालों के खिलाफ विवेचक द्वारा तथ्यों को नजरअंदाज कर साधारण धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करने नाराजगी व्यक्त की।

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अदालत ने आदेश की प्रतिलिपि मुख्य सचिव, डीजीपी, जिला जज और एसएसपी साहरनपुर को भेजी। इसमें अदालत ने उक्त प्रकरण में अग्रिम विवेचना के आदेश दिए। मेघालय का रहने वाला बताया था आरोपी फारुक ने दारुल उलूम में 2017 में प्रवेश लेते हुए स्वयं को भारत का नागरिक बताते हुए मेघालय का निवासी बताया था। उसके पास से पुलिस को आधार कार्ड, पैन कार्ड के अलावा बंग्लादेश के पासपोर्ट की फोटो स्टेट, बांग्लादेशी मुद्रा के कुछ नोट के साथ मोबाइल में देश विरोधी साहित्य मिले थे। पूछताछ में फारुक ने स्वंय को बांग्लादेश के थाना दारुद कुंदी, डिविजन चटोग्राम जिला कुमिल्ला निवासी बताया था। दो और साथी बताए थे, लेकिन मिले नहीं पुलिस पूछताछ में फारुक ने बताया कि उसने फर्जी दस्तावेज तहसील के सामने स्थित किसी दुकान से बनवाए थे। यह भी बताया था कि उसके दो साथी सलाउद्दीन सालिम और इफ्तखार उलहक भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दारुल उलूम की कक्षा सात में पढ़ते हैं। विवेचना के दौरान ये दोनों पुलिस को नहीं मिले। जिन्हें फरार दिखाकर उनकी विवेचना बंद कर दी गई थी। पूछताछ के दौरान फारुक ने बताया था कि उन्हें देवबंद में अवैध रूप से बंग्लादेशी तलाह तालुकदार लेकर आया था। जो अब भोपाल केंद्रीय कारागार में बंद है। तलाह तालुकदार पर बांग्लादेशी आतंकी संगठन जेएमबी का सक्रिय सदस्य होने, मुस्लिम युवाओं को जिहाद के नाम पर आतंकी संगठन में शामिल करने व उनसे भारत के विभिन्न राज्यों में आतंकी घटनाएं करने के लिए प्रेरित करने के आरोप हैं। उक्त प्रकराण की विवेचना तत्कालीन इस्पेक्टर सिराजुउद्दीन द्वारा की गई थी। एसीजेएम परविंदर सिंह की अदालत ने कोतवाली प्रभारी देवबंद को मुकदमे की अग्रिम विवेचना उपरोक्त निष्कर्ष को दृष्टिगत रखते हुए कराने के आदेश दिए हैं।