बेसिक स्कूलों में बच्चों की थाली में मिलावट, मिड-डे मील के तीन सैंपल फेल

Feb 26, 2026 11:48 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सहारनपुर
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Saharanpur News - जिले के बेसिक स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। तीन स्कूलों के भोजन के नमूने फेल पाए गए हैं। मसूर दाल, सब्जी की गलत लेबलिंग, और असुरक्षित ताहरी की रिपोर्ट आई है। जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।

बेसिक स्कूलों में बच्चों की थाली में मिलावट, मिड-डे मील के तीन सैंपल फेल

जिले के बेसिक स्कूलों में बच्चों को परोसे जा रहे मिड-डे मील की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जांच में तीन स्कूलों के भोजन के नमूने फेल पाए गए। रिपोर्ट में कहीं खाना निर्धारित गुणवत्ता से कम मिला तो कहीं खाने योग्य नहीं पाया गया और एक जगह गलत लेबलिंग वाली सामग्री परोसे जाने की पुष्टि हुई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सहायक आयुक्त (खाद्य) के पत्र के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने अलग-अलग तिथियों में स्कूलों का निरीक्षण कर सैंपल लिए थे। 21 मार्च 2025 को सरसावा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय कातला से मसूर दाल (बिना छिलका) का नमूना लिया गया था, जो जांच में निर्धारित मानक से कम गुणवत्ता का पाया गया।

19 अप्रैल 2025 को नागल ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बढेली कोली से सोयाबीन-आलू की सब्जी का सैंपल लिया गया था, जो गलत लेबलिंग यानी भ्रामक तरीके से परोसा गया पाया गया। 14 जुलाई 2025 को नकुड़ ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय रनियाला दयालपुर की ताहरी का नमूना लिया गया था, जो खाने के लिए असुरक्षित और गलत लेबलिंग के साथ बच्चों को परोसी गई थी। इन स्कूलों के सैंपल फेल 1.प्राथमिक विद्यालय कातला, सरसावा - मसूर दाल गुणवत्ता से कम। 2.प्राथमिक विद्यालय बढेली कोली, नागल - सब्जी गलत लेबलिंग वाली। 3.उच्च प्राथमिक विद्यालय रनियाला दयालपुर, नकुड़ - ताहरी खाने के लिए असुरक्षित। स्कूलों को नोटिस, जवाब-तलब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक/इंचार्ज अध्यापक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि समय पर जवाब न मिलने पर एकतरफा कार्रवाई की जाएगी। वर्जन- तीन विद्यालयों के मिड-डे मील नमूनों की जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी पाई गई है। संबंधित प्रधानाध्यापकों को एक सप्ताह में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। -कोमल चौधरी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

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