देशों के बीच बढ़ता संघर्ष विश्व शांति और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा
Saharanpur News - उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल की बैठक में ईरान पर हमले से उत्पन्न युद्ध की चिंता जताई गई। पदाधिकारियों ने कहा कि देशों के बीच संघर्ष विश्व शांति और अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है। उन्होंने युद्धविराम और शांति वार्ता की आवश्यकता पर जोर दिया और भारत की भूमिका की उम्मीद जताई।

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल की बैठक में ईरान पर हुए हमले से उपजे युद्ध को लेकर गहरी चिंता जताई गई। पदाधिकारियों ने कहा कि देशों के बीच बढ़ता संघर्ष विश्व शांति और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन रहा है। युद्धविराम और शांति वार्ता को ही हालात सामान्य करने का प्रभावी उपाय बताया गया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व जिलाध्यक्ष शीतल टंडन तथा अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ मेजर एस.के. सूरी ने संयुक्त रूप से कहा कि राष्ट्रों के बीच बढ़ते युद्ध विश्व शांति और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव पूरे विश्व में अस्थिरता पैदा कर रहा है और हालात बिगड़े तो तीसरे विश्व युद्ध जैसी स्थिति बन सकती है।
उन्होंने बताया कि लगातार युद्धों से तेल आपूर्ति प्रभावित होती है, जिससे महंगाई बढ़ती है और व्यापार, उद्योग व रोजगार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आम जनजीवन भी इससे अछूता नहीं रहता और लोगों में भय व असुरक्षा की भावना बढ़ती है। उन्होंने कहा कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि नई समस्याएं पैदा करता है। संयुक्त राष्ट्र और शांति प्रिय देशों से तत्काल युद्धविराम और संवाद प्रक्रिया शुरू कराने की अपील की। साथ ही विश्वास जताया कि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक शांति स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकता है। रमेश अरोड़ा, संजय मिडढा, रमेश डावर, पवन कुमार गोयल, बलदेव राज खुंगर, संदीप सिंघल, मुरली खन्ना, अभिषेक भाटिया, राजीव अग्रवाल आदि रहे।
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