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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश सहारनपुरतितलियों को बचाने की मुहिम, हिंडन बेसिन में हो रहा सर्वे

तितलियों को बचाने की मुहिम, हिंडन बेसिन में हो रहा सर्वे

हिन्दुस्तान टीम,सहारनपुरNewswrap
Mon, 25 Oct 2021 11:40 PM
हिंडन नदी को साफ और स्वच्छ बनाने के लिए एक और प्रयास किया गया है। हिंडन नदी की सहायक नदियों और हिंडन बेसिन में फूलों पर मंडराती तितलियों पर भी सर्वे...
1/ 2हिंडन नदी को साफ और स्वच्छ बनाने के लिए एक और प्रयास किया गया है। हिंडन नदी की सहायक नदियों और हिंडन बेसिन में फूलों पर मंडराती तितलियों पर भी सर्वे...
हिंडन नदी को साफ और स्वच्छ बनाने के लिए एक और प्रयास किया गया है। हिंडन नदी की सहायक नदियों और हिंडन बेसिन में फूलों पर मंडराती तितलियों पर भी सर्वे...
2/ 2हिंडन नदी को साफ और स्वच्छ बनाने के लिए एक और प्रयास किया गया है। हिंडन नदी की सहायक नदियों और हिंडन बेसिन में फूलों पर मंडराती तितलियों पर भी सर्वे...

हिंडन नदी को साफ और स्वच्छ बनाने के लिए एक और प्रयास किया गया है। हिंडन नदी की सहायक नदियों और हिंडन बेसिन में फूलों पर मंडराती तितलियों पर भी सर्वे किया जा रहा है। पहले ही दिन कॉमन मॉरमॉन, प्लेन टाइगर और कैस्टर बटरफ्लाई प्रजातियों की तितली हिंडन बेसिन में बड़ी संख्या में मिली है। हिंडन किनारे उगने वाली वनस्पति में यह प्रजातियां अक्सर निवास करती हैं। अब इन प्रजातियों के संरक्षण के लिए भी विशेष अभियान चलाया जाएगा।

हिंडन बेसिन काउंसिल द्वारा तितली सप्ताह मनाया जा रहा है। तितली सप्ताह की शुरूआत सोमवार को सहारनपुर के शिवालिक क्षेत्र से शुरू हुई। इस सप्ताह में सहारनपुर से लेकर गाजियाबाद तक हिंडन बेसिन में पाई जाने वाली तितलियों पर सर्वे किया जाएगा। नगर निगम सहारनपुर, गाजियाबाद के साथ साथ हिमालयन इंस्टीट्यूट द्वारा भी इस अभियान में सहयोग किया जा रहा है।

-पहले दिन शिवालिक क्षेत्र में हुआ सर्वे

हिंडन नदी के बेसिन में शिवालिक क्षेत्र से निकालने वाली सहायक नदियों को भी शामिल किया जाता है। जिसमें सहंसरा नदी, नागदेव नदी भी प्रमुख है। सोमवार को पर्यावरण प्लानर डॉ. उमर सैफ, संजय सैनी, अमजद अली, हिमालयन इंस्टीटयूट के विशेषज्ञ डॉ. सोनू कुमार और डॉ. यासमीन ने सर्वे किया। सर्वे में अब तक जिले में तीन प्रजातियों की तितली सबसे अधिक संख्या में मिली है। जिनमें कॉमन मोरमोन, प्लेन टाइगर और कैस्टर बटरफ्लाई शामिल हैं।

-ऑख के पत्ते पर अंडे देती है प्लेन टाइगर

पर्यावरण प्लानर ने बताया कि हिंडन बेसिन में ऑख, अरंडी, करीपत्ता के पेड़ अधिक संख्या में पाए जाते हैं। कॉमन मॉरमॉन प्रजाती की तितली करीपत्ता के पत्ते पर अंडे देती है। जबकि, प्लेन टाइगर तितली ऑख के पत्ते पर अपना निवास बनाती है। वहीं कैस्टर बटरफ्लाई अरंडी के पत्ते पर रहती है। सर्वे में इन तीन प्रजातियों की तितली ही बड़ी संख्या में मिली है।

-सहारनपुर नगर निगम तितली संरक्षण को चला रहा अभियान

पीएम मोदी ने तितली संरक्षण अभियान की शुरूआत की थी। जिसके बाद सहारनपुर और गाजियाबाद नगर निगम ने तितली अभियान को शुरू कराया था। सहारनपुर के कंपनी बाग में नगर निगम द्वारा तितली पार्क भी बनाया गया था। नगर आयुक्त ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देशन में इस पार्क का निर्माण हुआ था।

-एक सप्ताह चलेगा अभियान

पर्यावरण प्लानर डॉ. उमर सैफ ने बताया कि शिवालिक से सर्वे अभियान की शुरूआत की गई है। 31 अक्टूबर तक यह अभियान चलेगा। अभियान में तितलियों की प्रजातियों पर सर्वे होगा। साथ ही लोगों को तितलियों के संरक्षण और महत्व के बारे में जागरूक भी किया जाएगा। गाजियाबाद नगर निगम में इस अभियान का सप्ताह किया जाएगा।

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