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23 सितम्बर, 2020|2:47|IST

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कोरोना से जीती जंग, गुलाब-फल देकर दी विदाई

कोरोना से जीती जंग, गुलाब-फल देकर दी विदाई

दुनियाभर में कोहराम मचाने वाले कोरोना को मात देकर तीन और लोगों ने जंग जीती हैं। पूरी तरह से ठीक होने के बाद तीनों को कोविड-19 अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। सूड़ान के रहने वाले व्यक्ति को अस्थाई जेल भेजा गया। जबकि दो लोगों को गागलहेड़ी के कृष्णा कॉलेज में क्वारंटाइन किया हैं। वहीं, डॉक्टरों ने तीनों के सही होने पर गुलाब व फल देकर विदाई दी।

जिले में तीन अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव का पहला केस सामने आया। इसके बाद एकाएक कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती गई। आठ व नौ अप्रैल को माहीपुरा, आंध्र प्रदेश और सूड़ान के रहने वाले तीन व्यक्तियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद इन्हें क्वारंटाइन सेंटर आईआईटी रुड़की कैंपस से फतेहपुर स्थित सीएचसी कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कर दिया। एक सप्ताह बाद तीनों को सैंपल दोबारा लिया गया। जिसमें वह निगेटिव आए। लेकिन अस्पताल में भर्ती रहे। इसके बाद फिर से सैंपल लिया गया। दो बार सैंपल लिए। दोनों बार तीनों व्यक्तियों की रिपोर्ट निगेटिव आई।

शुक्रवार को रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया। डिस्चार्ज करने से पहले कागजी कार्रवाई पूरी की गई। वहीं, सूड़ान रहने वाले व्यक्ति को लेकर डॉक्टरों में असमंजस की स्थिति बनी रही। डॉ. नवनीप गुप्ता और अन्य स्टाफ ने दोपहर बाद तीनों को गुलाब का फूल और फल देकर विदाई दी गई। सूड़ान के रहने वाले व्यक्ति को अस्थाई जेल भेज दिया। जबकि माहीपुरा और आंध्र प्रदेश के व्यक्ति को गागलहेड़ी स्थित कृष्णा कॉलेज में 14 दिन के लिए क्वारंटाइन कर दिया गया।

0-पॉजिटिव आने के बाद दो दिन नहीं सोया

कोरोना की जंग जितने के बाद अपने अनुभव बताते हुए आंध्र प्रदेश के मोहहीदीन ने बताया कि जब उसे बीमारी का पता चला तो वह दो दिन नही सो पाया लगातार रोता रहा। बताया कि वह 14 मार्च को दिल्ली आ गया था। बताया की अस्पताल के डॉक्टरों का व्यवहार बहुत अच्छा है इसलिए मैं कोरोना को हरा पाया। महीपुरा निवासी 20 वर्षीय तालिब ने बताया कि उन्हें बीमारी का पता चलते ही बहुत घबराहट हुई थी।

कोरोना पॉजिटिव ने किया वार्ड में वालिंटियर का कार्य

शुक्रवार को कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद डिस्चार्ज हुए 20 वर्षीय तालिब ने वार्ड में सभी को हिम्मत देने का काम भी किया है। डॉ नवदीप गुप्ता ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी तालिब सभी मरीजो का ध्यान रखने के साथ ही उनमे जोश भरने का काम भी करता था।

0-अस्पताल की व्यवस्था से सभी डिस्चार्ज हुए मरीज खुश

शुक्रवार को डिस्चार्ज में तीनों मरीजो ने बताया कि अस्पताल में उनका अच्छी तरह से ख्याल रखा गया। अच्छे खाने के साथ अच्छा व्यवहार भी किया गया। यह भी बताया कि कोरोना एक भयंकर बीमारी है। इससे बचने के लिये लोगो को सरकार के आदेशों का पालन करते हुए अपने घरों में ही रहे तभी आप कोरोना जैसी भयानक बीमारी से बच सकते है।

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  • Web Title:Battle won from Corona bid farewell to roses and fruits