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सहारनपुर

गठिया दिवस पर विशेष-सही खानपान न मिलने से हमारे शरीर में पनप रहा गठिया रोग

हिन्दुस्तान टीम,सहारनपुरPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 11:35 PM
गठिया दिवस पर विशेष-सही खानपान न मिलने से हमारे शरीर में पनप रहा गठिया रोग

खानपान के गलत तरीकों और विटामिन-डी की कमी से हमारे शरीर में गठिया रोग दिनों दिन बढ़ रहा है। आलम यह है कि हडियों के जोड़ों के घिसने के कारण समय रहते उपचार न होने के चलते जहां हमे अपने घुटने बदलवाने को मजबूर होना पड़ता है।

आज विश्व गठिया दिवस है। देश में बड़ी संख्या में उचित खानपान और छोटी-छोटी बातों का ध्यान न रखने के चलते हमे हड्डियों में आ रहे विकार के शिकार हो रहे हैं। हिंदुस्तान समाचार ने लोगों को इस रोग से बचाव के लिए नगर के सीनियर आर्थोपेडिक चिकित्सकों से बात की तो उन्होंने बताया कि हमारे देश में निचे बैठने की संस्कृति प्रत्येक धर्म और समाज के लोगों में है जिसे अब समय के साथ बदलना होगा।

डा. पियूष सनावर ने बताया कि यह रोग एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाना वाला रोग है। उन्होंने बताया कि उच्च क्वालटी की सही डाइट न मिलने, शरीर के जोड़ों में यूरिक एसिड जमा होने के चलते यह घुटनो एवं कोहनी में पनपता है। उन्होंने बताया कि 40 वर्ष की उमर हो जाने के बाद हमे अपनी आदतों में बदलाव लाना चाहिए। डा. पियूष ने बचाव के उपाए बताते हुए कहा कि अच्छी डाइट, दू्रध, दही,पनीर, हरी सब्जी लेने, व्यायाम करने और विटामिन डी लेने से 99 प्रतिशत रोग स्वत ही खत्म हो जाता है।

फैजान मेडिकेयर मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल के आर्थोपेडिक विभाग के प्रभारी डा. हरि कृपाल तंवर ने हिंदुस्तान से वार्ता करते हुए बताया कि घुटनों के जोड़ कैल्शियम की कमी के चलते प्रभावित होते हैं। उन्होंने बताया कि शरीर के जोड़ों में कुदरती रुप से लिक्वड होता है जिसकी कमी के चलते जोड़ों में सूजन, दर्द और जोड़ों में आवाजे आती हैं। डा. हरि कृपाल के मुताबिक इसके बचाव को फिजियोथेरेपी और एक्सरसाइज उपाए हैं। उनके मुताबिक सही खानपान न होने के चलते यह बीमारी अब कम उम्र के लोगों में देखने को आ रही है।

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