सच बोलूंगा तो परेशानी में आ जाऊंगा, राम मंदिर चढ़ावे की चोरी पर बोले बृजभूषण शरण सिंह
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावा में चोरी के मामले में अब पूर्व सांसद और बाहुबली बृजभूषण शरण सिंह का बयान सामने आया है। उन्होंने कुछ नहीं बोलते हुए भी बहुत कुछ बोल दिया है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि सच बोलूंगा तो परेशानी में आ जाऊंगा। वह बहुत बड़े लोग हैं।

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी का मामला गरमाया हुआ है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मामले को उठाया और लगातार हमला कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह भी हमलावर हैं। इस बीच, राम मंदिर में खास आस्था रखने वाले और मंदिर आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले भाजपा के पूर्व सांसद और बाहुबली बृजभूषण शरण सिंह का बयान सामने आया है। उन्होंने ऐसी बातें बोल दी हैं जिसने मामले को और ज्यादा संदेहास्पद बना दिया है। उन्होंने कहा कि अगर मैं सच बोलूंगा तो बहुत परेशानी में आ जाऊंगा। उन्होंने ऐसा इशारा किया जिसके मतलब निकाले जा रहे हैं।
कभी किसी से नहीं डरने की बातें कहने वाले और दबदबा था, दबदबा है, दबदबा बना रहेगा वाले नारे के साथ दबंग छवि के लिए विख्यात बृजभूषण शरण सिंह ने ‘सच बोलूंगा तो बहुत परेशानी में आ जाऊंगा’ के साथ ही आगे कहा कि वह बहुत बड़े लोग हैं। सच बोलने की अभी हमारी हिम्मत नहीं है। समय आने पर सच बोलूंगा।
बृजभूषण शरण सिंह दस दिनों तक दिल्ली प्रवास के बाद अपने गृह जिले गोंडा पहुंचने पर मीडिया से बात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई “जिमि दसनन महुं जीभ बिचारी, सुनहु पवनसुत रहनि हमारी” का जिक्र भी किया। कहा कि ये चौपाई विभीषण ने बजरंगबली से कही थी। विभीषण ने इसके जरिए अपनी स्थिति बयां की थी। बताया था कि हमारी स्थिति वैसी ही है जैसे 32 कठोर दांतों के बीच कोमल जीभ रहती है। बृजभूषण से जब राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को लेकर सवाल पूछा गया तो कहा कि उस पर बोलना हमारा विषय नहीं है।
पूर्व प्रभारी के दावों से मची है खलबली
राम मंदिर के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह के दावे से खलबली मची हुई है। अखिलेश यादव के चढ़ावे में चोरी के आरोपों और सोशल मीडिया पर लगातार हमले के बीच महिपाल सिंह ने यह कहकर खलबली मचा दी है कि कई सालों से चढ़ावा में चोरी हो रही है। उन्होंने यहां तक दावा किया कि इसकी जानकारी चंपत राय को दी गई थी। उन्होंने शिकायत के बाद नोटों की गिनती वाले कमरे के कई महीनों के सीसीटीवी फुटेज ही डिलीट कराने का दावा भी किया। चोरी की शिकायत के बाद कोई ऐक्शन लेने की जगह महिपाल को ही वहां से हटा दिया गया था।
विश्व हिंदू परिषद से जुड़े महिपाल सिंह ने यह भी बताया कि किस तरह से उन्होंने नोटों में हो रही चोरी को पकड़ा था। बताया कि नोटों के गिनती के लिए मंदिर के 14 लोगों की ड्यूटी लगाई गई थी। बैंक के दो अधिकारी रोजाना इन नोटों की गड्डियों को बक्से में लेकर जाते थे। नोटों की गिनती के लिए विशेष कमरा था। यहां पर सीसीटीवी भी लगे थे। गिनती के दौरान पहले नोटों की गड्डियां बनती थीं। इसके बाद दस-दस गड्डियों को एक साथ बांधकर बक्से में रखा जाता था। बैंक अधिकारी दस की जगह 12 और 13 गड्डी रख देते थे और वाउचर में दस ही गड्डी चढ़ाते थे। बक्सा बाहर ले जाकर इन नोटों का बंदरबांट होता था। एक बार शक होने पर उन्होंने बक्से खुलवाए और दोबारा गिनती कराई तो पांच लाख रुपए ज्यादा थे। इसके बाद ही उन्होंने शिकायत की तो उसका खामियाजा उठाना पड़ा और वहां से हटा दिए गए।
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Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


