
रोप-वे से बांके बिहारी के दर्शन; 270 करोड़ का प्रस्ताव मंजूर, डीपीआर बनाने में जुटा प्राधिकरण
वृंदावन के बांके बिहारी के श्रद्धालुओं को कॉरिडोर से पहले रोप-वे की सौगात मिल सकती है। यमुनापार से जुगल घाट तक रोप-वे के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। 270 करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट का प्राधिकरण ने डीपीआर बनाना शुरू कर दिया है।
मथुरा में वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर तक जाने के लिए एक और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का ताना-बाना बुन लिया गया है। रोपवे के जरिए यमुनापार से युगल घाट तक श्रद्धालु जा सकेंगे। इस प्रोजेक्ट की शुरुआती लागत 270 करोड़ रुपये तय हुई है। प्रस्ताव मंजूर हो गया। अब डीपीआर बनाई जा रही है। गौरतलब है कि बांके बिहारी मंदिर के लिए कॉरिडोर की तैयारी पहले से ही चल रही है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण होने वाली दिक्कतों को कम करने की दिशा में यहां पहले से कई काम हो रहे हैं। कुछ समय में ही तंग गलियों से यहां तक पहुंचने की दिक्कतें दूर हो सकती हैं।
रोप-वे केडीपीआर को अनुमति मिलने के बाद काम शुरू होगा। माना जा रहा है कि 2026 में रोप वे का काम शुरू हो जाएगा। श्रद्धालु यमुना पार बनने वाली ग्रीन पार्किंग में वाहन खड़े करने के बाद रोप-वे से दर्शन करने जा सकेंगे। रोप-वे से दर्शन करने से समय भी बचेगा। पीपीपी योजना पर बनने वाली भविष्य की परियोजना तीन चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में मार्ग प्रस्तावित है। अगले चरण में योजना पूरी होगी। अनुमान है कि रोपवे के ज़रिए 8 हजार से अधिक श्रद्धालु हर दिन सफर कर सकेंगे। इसके शुरू होने की पक्की तारीख तय नहीं है, लेकिन 2026 में इस पर काम शुरू होने की पूरी संभावना है।
रोपवे की लंबाई दो किलोमीटर होगी
यमुनापार जहांगीरपुर से वृंदावन के जुगलघाट तक रोप-वे चलाने की योजना है। इस रोपवे की लंबाई लगभग दो किलोमीटर की होगी। रोपवे यमुना पर जहांगीरपुर के पास 12 हेक्टयेर में बनने वाली ग्रीन पार्किंग के पास से शुरू होकर वृंदावन के जुगलघाट पर लैंडिंग होगी। दोनों पड़ावों पर श्रद्धालुओं के रुकने की व्यवस्था होगी।
मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष श्याम बहादुर सिंह के अनुसार वृंदावन में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के कारण यातायात व्यवस्था बिगड़ रही है। श्रद्धालुओं को कई घंटे जाम में फंसना पड़ता है। इस समस्या के निदान के लिए अब ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर तक रोप-वे की व्यवस्था होगी। योजना की डीपीआर बनाई जा रही है।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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