
आ गया भाजपाई बजट का परिणाम, शेयर मार्केट हुआ धड़ाम, केंद्रीय बजट पर अखिलेश का तंज
सपा प्रमुख ने कहा, जब भाजपा सरकार से कोई उम्मीद नहीं है, तो उसके बजट से क्या होगी। हम तो भाजपा के हर बजट को 1/20 का बजट मानते हैं क्योंकि वो पांच प्रतिशत लोगों के लिए होता है।
Budget 2026-27: संसद में रविवार को पेश हुए केंद्रीय बजट 2026-2027 पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि जब भाजपा सरकार से कोई उम्मीद नहीं है, तो उसके बजट से क्या होगी। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, आ गया भाजपाई बजट का परिणाम, शेयर मार्केट हुआ धड़ाम। उन्होंने कहा, हमने तो पहले ही कहा था - सवाल ये नहीं है कि शेयर बाज़ार रविवार को खुलेगा, सवाल ये है कि और कितना गिरेगा।
सपा प्रमुख ने कहा, जब भाजपा सरकार से कोई उम्मीद नहीं है, तो उसके बजट से क्या होगी। हम तो भाजपा के हर बजट को 1/20 का बजट मानते हैं क्योंकि वो पांच प्रतिशत लोगों के लिए होता है। यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा का बजट, अपने कमीशन और अपने लोगों को लाभ पहुंचाने का बजट होता है। उन्होंने कहा, भाजपा का बजट, भाजपाई भ्रष्टाचार का अदृश्य खाता-बही होता है। उन्होंने दावा किया कि इस बजट में न आम जनता का ज़िक्र है, न फ़िक्र और महंगाई बेतहाशा बढ़ने पर भी इस बजट में जनता को कर में छूट न देना, टैक्स-शोषण'' है। यादव ने दावा किया, अमीरों के काम-कारोबार और घूमने-फिरने पर दस तरह की छूटें दी गईं हैं लेकिन बेकारी-बेरोज़गारी से जूझ रहे लोगों की उम्मीदों की थाली, खाली है। यह निराशाजनक, निंदनीय बजट है।
फार्म-7 भेज कर विपक्षी मतदाताओं के नाम कटवाने की साज़िश रच रही भाजपा
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एसआईआर प्रक्रिया के तहत गाँवों में पहले से छपे फार्म-7 भेजे जाने को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इन फार्मों के जरिए फर्जी आपत्तियाँ दर्ज कर विपक्षी मतदाताओं के नाम कटवाने की साज़िश रची जा रही है। रविवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि कई मामलों में शिकायतकर्ता का कोई अता-पता नहीं है और फर्जी हस्ताक्षर करवाकर नाम हटवाए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में खासतौर से पीडीए समाज और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। कई मतदाताओं को तो यह भी जानकारी नहीं है कि उनके सभी दस्तावेज सही होने के बावजूद उनके नाम पर आपत्ति लगा दी गई है। सपा अध्यक्ष ने माननीय न्यायालय, निर्वाचन आयोग और समस्त पत्रकारों से इस महाघोटाले का संज्ञान लेने की अपील की है। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय व स्थानीय मीडिया, यूट्यूबर और लोकल न्यूज़ कर्मियों से लोकतंत्र के हित में इस कथित साज़िश का पर्दाफाश करने का आग्रह किया। अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी ऐसे मामलों को देश-प्रदेश के सामने लाएगी और ईमानदार पत्रकारिता करने वालों का समर्थन करेगी।





