
आतंकवाद के लिए पैसा खर्च किया जा रहा है तो सरकार सबूत दे; हलाल सर्टिफिकेट को लेकर बोले मौलाना
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सीेम योगी के हलाल सर्टिफिकेट को लेकर दिए गया बयान पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि जिन लोगों ने हलाल सर्टिफिकेट देने का सिलसिला शुरू किया है, वो शरीयत के खिलाफ है। अगर सरकार के पास सबूत है तो वह पेश करे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। मौलाना ने कहा कि जिन लोगों ने हलाल सर्टिफिकेट देने का सिलसिला शुरू किया है, वो शरीयत की रोशनी में सरासर गलत है। मजहब की आड़ में पैसा कमाया जा रहा है। मौलाना ने कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस बात से सहमत नहीं हैं कि इस पैसा आतंकवाद के लिए खर्च किया जा रहा है।

मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा है कि कागज के एक छोटे से टुकड़े पर हलाल सर्टिफिकेट लिख देने से कोई चीज हलाल नहीं हो सकती। किसी चीज को हलाल मानने के लिए शरीयत ने जो पैमाने मुकर्रर किए हैं, उन्हीं को अपनाना अनिवार्य है। जब तक वे शर्तें पूरी नहीं होतीं तब तक उसे हलाल नहीं कहा जा सकता है।
हलाल सर्टिफिकेट के नाम पर मोटी कमाई
मौलाना ने आगे आरोप लगाया कि कुछ चुने हुए लोग या संस्थाएं हलाल सर्टिफिकेट जारी कर रही हैं और इसके एवज में संबंधित फर्मों से मोटी रकम वसूल रही हैं। मौलाना ने इसे गलत बताया और कहा कि यह तरीका मजहब की आड़ में पैसा कमाने जैसा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के यह कहने पर कि हलाल से जुड़ा धन आतंकवाद या देश के खिलाफ इस्तेमाल हो सकता है। मौलाना ने कहा मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि इस पैसे को आतंकवाद के लिए खर्च किया जा रहा है। अगर सरकार के पास ऐसा कोई ठोस सबूत है तो सरकार को चाहिए कि वह इसकी गंभीरता से जांच कराए।
योगी ने क्या कहा
दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर में 'विचार-परिवार कुटुम्ब स्नेह मिलन' और 'दीपोत्सव से राष्ट्रोत्सव' कार्यक्रमों में लोगों से आग्रह किया था कि वे 'हलाल सर्टिफिकेशन' वाले उत्पाद ना खरीदें क्योंकि इस प्रमाणन से मिलने वाला धन आतंकवाद, धर्मांतरण और कथित 'लव जिहाद' की गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता है।





