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यूपी के सभी स्कूलों को इस सुविधा से लैस करने की संस्तुति, मार्च तक हो जाएगा बड़ा काम

यूपी के सभी स्कूलों को इस सुविधा से लैस करने की संस्तुति, मार्च तक हो जाएगा बड़ा काम

संक्षेप:

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सभी स्कूलों को स्मार्ट क्लास के लिए ‘वाई-फाई’ सुविधा से पूरी तरह लैस करने की संस्तुति की गई है। स्कूलों को पूरी तरह से इंटरनेट सुविधा से लैस करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसमें परिषदीय उच्च प्राथमिक स्कूलों से लेकर कम्पोजिट तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय आते हैं।

Dec 08, 2025 05:52 am ISTAjay Singh प्रमुख संवाददाता, लखनऊ
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UP Schools: इस वित्तीय वर्ष के अन्त तक (मार्च तक) प्रदेश की 74 फीसदी परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू हो जाएंगी। वर्तमान में प्रदेश के अनुपातिक रूप से मात्र 46.79% परिषदीय स्कूलों में ही स्मार्ट क्लास की सुविधा है। इसमें परिषदीय उच्च प्राथमिक स्कूलों से लेकर कम्पोजिट तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) आते हैं।

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नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सभी स्कूलों को स्मार्ट क्लास के लिए ‘वाई-फाई’ सुविधा से पूरी तरह लैस करने की संस्तुति की गई है। इसके लिए स्कूलों को पूरी तरह से इंटरनेट सुविधा से लैस करने के भी निर्देश दिए गए हैं। बेसिक शिक्षा के अलग-अलग क्षेत्रों में कई कीर्तिमान स्थापित करने के बाद भी यूपी स्मार्ट क्लास के मामले में अभी भी देश के कई राज्यों से पीछे है। समग्र शिक्षा के तहत प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा शुरू की गई है। कई स्कूलों में सीएसआर ('कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फण्ड से भी स्मार्ट क्लास शुरू कराए गए हैं। स्मार्ट कलास नियमित रूप से संचालित होती रहें, इसके लिए बड़ी संख्या में बकायदा आईसीटी लैब की स्थापना भी की गई है लेकिन यूपी जैसे बड़े राज्य एवं स्कूलों की अधिक संख्या वाले प्रदेश में यह संख्या ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ जैसी है।

जिलेवार स्थितियों को देखें तो कई जिले तो ऐसे हैं, जहां अभी भी लक्ष्य से काफी कम स्मार्ट क्लास शुरू किए जा सके हैं। वहीं तमाम जिले ऐसे में जहां समार्ट क्लास तैयार तो हो गए लेकिन इंटरनेट कनेक्शन न होने या उपकर्णों के निश्क्रिय पड़े होने के कारण नॉन फंक्शनल स्मार्ट क्लास के रूप में हैं। बेसिक शिक्षा विभाग जल्द ही बिना इंटरनेट या निष्क्रिय उपकरणों वाले स्मार्ट क्लास को पूरी तरह से सक्रिय कराने की दिशा में काम शुरू करने जा रही है। लक्ष्य 31 मार्च 2026 रखा गया है जिससे पहले निष्क्रिय स्मार्ट क्लासों को तो शुरू किया ही जाएगा, नए स्मार्ट क्लास भी शुरू कराने की योजना है। शुरुआत नॉन फंक्शनल स्मार्ट क्लास से किया जाएगा।

ऐसे जिले जहां 10 फीसदी से भी कम है स्मार्ट क्लास के सक्रिय उपकरण

जिले का नाम नॉन फंक्शनल स्मार्ट क्लास (प्रतिशत में)

हरदोई 10.00

संभल 09.76

बिजनौर 09.47

बदायूं 09.44

मुरादाबाद 08.41

मथुरा 08.24

बरेली 08.21

भदोही 07.95

मुजफ्फरनगर 06.92

शाहजहांपुर 06.76

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Ajay Singh

लेखक के बारे में

Ajay Singh
अजय कुमार सिंह दो दशक से अधिक अनुभव वाले वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और टीवी होते हुए अब डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ीं खबरों को गहराई से कवर किया है। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं। और पढ़ें
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