अवैध कब्जे से मुक्त 400 बीघा भूदान भूमि पर उगेगा गोवंश का हरा चारा
Rampur News - रामपुर प्रशासन ने भू-माफिया से 400 बीघा सरकारी जमीन को मुक्त कराकर गोवंश के लिए हरा चारा उगाने की योजना बनाई है। यह जमीन भूदान आंदोलन के तहत गरीबों के लिए दान की गई थी। अभियान में प्रशासन ने बिना किसी विरोध के कब्जा हटाया, जिससे गोशालाओं को ताजा चारा मिलेगा और सरकारी बजट में कटौती होगी।

सरकार की भू-माफिया पर जीरो टॉलरेंस और गोवंश संरक्षण की दोहरी नीति को रामपुर प्रशासन ने एक साथ धरातल पर उतारकर नजीर पेश की है। प्रशासन ने शाहबाद में माफिया के जबड़े से छीनी 400 बीघा सरकारी जमीन पर अब हरा चारा उगेगा, जिससे चार गोशालाओं में रह रहे गोवंश को सीधा लाभ मिलेगा। अक्सर अतिक्रमण हटने के बाद जमीनों पर दोबारा कब्जे का डर बना रहता है, लेकिन जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने इस समस्या का स्थायी और इको-फ्रेंडली समाधान निकाल लिया है। शाहबाद तहसील में प्रशासन ने अभियान चलाकर न केवल 400 बीघा बेशकीमती भूदान भूमि को माफिया के चंगुल से आजाद कराया, बल्कि अब यह जमीन बेसहारा गोवंश के लिए अक्षय पात्र साबित होगी।
डीएम के निर्देश पर यहां गोशालाओं के लिए हरा चारा उगाने की कवायद शुरू कर दी गई है। विनोबा भावे के समय दान मिली थी जमीन शाहबाद क्षेत्र में नदी किनारे स्थित यह जमीन मूल रूप से भूदान आंदोलन के प्रणेता आचार्य विनोबा भावे के आह्वान पर जमींदारों द्वारा गरीबों के लिए दान दी गई थी। एसडीएम शाहबाद आशुतोष कुमार ने बताया कि भूदान समिति के निष्क्रिय होने के बाद आसपास के दबंगों और किसानों ने धीरे-धीरे इस सरकारी संपत्ति पर कब्जा जमा लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने तत्काल इसे मुक्त कराने का बीड़ा उठाया। एक हफ्ते चला अभियान, बदली तस्वीर एसडीएम आशुतोष कुमार के नेतृत्व में प्रशासन ने गजब की कार्यकुशलता दिखाई। लेखपाल, कानूनगो और चकबंदी अधिकारियों की पूरी फौज के साथ चले एक सप्ताह के सघन अभियान में बिना किसी विरोध के जमीन खाली करा ली गई। प्रशासन ने मौके पर ही साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिससे कब्जाधारियों को पीछे हटना पड़ा। मुक्त कराई गई इस जमीन की बाजार कीमत करीब 10 से 11 करोड़ रुपये आंकी गई है। डीएम ने अब जिले की अन्य तहसीलों से भी ऐसी ही फंसी हुई भूदान जमीनों का ब्यौरा तलब किया है। गोवंश के लिए संजीवनी, 40 बीघा में बुवाई शुरू जमीन को दोबारा अतिक्रमण से बचाने के लिए प्रशासन ने एक तीर से दो निशाने साधे हैं। खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) धीरेंद्र पाल सिंह चौहान ने बताया कि मुक्त कराई गई जमीन में से 40 बीघा पर तत्काल प्रभाव से चरी चारे की बुवाई करवा दी गई है। चूंकि यह जमीन नदी किनारे है और पूरी तरह कृषि योग्य नहीं थी, इसलिए इसे समतल और उपजाऊ बनाया जा रहा है। आगामी महीनों (मार्च-अप्रैल) में यहां पौष्टिक नेपियर घास लगाई जाएगी। यहां उगने वाला चारा शाहबाद तहसील की चार प्रमुख गोशालाओं में भेजा जाएगा। इससे गोवंश को ताजी घास मिलेगी और चारे पर खर्च होने वाले सरकारी बजट में भी भारी कटौती होगी। सीएम हेल्पलाइन 1076: एक कॉल पर कार्रवाई जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा अब किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। आम जनता के लिए भी प्रशासन ने रास्ता सुगम कर दिया है। यदि किसी को सरकारी या निजी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत करनी है, तो वह मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 पर कॉल कर सकता है। ऐसी शिकायतों का प्रशासन द्वारा त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है।
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