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विधान परिषद की समिति ने जानी योजनाओं की हकीकत

विधान परिषद की समिति ने जानी योजनाओं की हकीकत

विधान परिषद की प्रश्न एवं संदर्भ समिति ने विकास भवन में सभागार में जिले में सरकार की तमाम योजनाओं की हकीकत जानी। इस बीच कई मुद्दे भी उठे, जिन पर संबंधित अधिकारियों को भविष्य में ऐसा न होने की हिदायत भी दी गई।

मंगलवार को उत्तर प्रदेश विधान परिषद की प्रश्न एवं संदर्भ समिति रामपुर विकास भवन पहुंची। इस समिति के सभापति सैयद मिस्बाहुद््दीन एवं सदस्यगण अमित यादव, जयपाल सिंह व्यस्त, और विशेष आमंत्रित सदस्य परवेज अली ने विकास भवन सभागार में जनपद में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की।

सबसे पहले जनपद में बाढ़, भारी बारिश एवं दैवीय आपदा के दौरान प्रभावित जनसमुदाय को प्रदान की गई सहायता के बारे में सभापति द्वारा पूछा गया, जिस पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राम भरत तिवारी ने बताया कि जनपद में 2010 में आयी बाढ़ को मद््देनजर रखते हुए प्रशासन स्तर से तैयारियां की गई थी परन्तु नदियों में सामान्य जलस्तर के बढ़ने तथा कटाव के साथ ही भारी बारिश के कारण कोई जनहानि प्रकाश में नहीं आयी है। अब तक 299 लोगों के मकान बारिश व बाढ़ के कारण आंशिक या पूर्णत: क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि हुई है, जिनके सम्बन्ध में आंशिक क्षतिग्रस्त मकानों के मुखिया को आर्थिक सहायता तथा पूर्णत: क्षतिग्रस्त मकानों के मुखिया को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित किया जा रहा है।

स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के दौरान सदस्य जयपाल सिंह व्यस्त द्वारा दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई व डाक्टर एवं अन्य स्टाफ की उपलब्धता के बारे में पूछा जिस पर सीएमओ डा. सुबोध कुमार शर्मा ने बताया कि जनपद के विभिन्न चिकित्सालयों में सृृजित पदों के सापेक्ष डाक्टरों की संख्या कम है। शौचालय निर्माण की प्रगति सम्बन्धी समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर बनाए जा रहे शौचालयों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

सदस्य अमित यादव ने कहा कि उज्जवला योजना में ऐसी शिकायतें प्राप्त होती है जिसमें एजेंसी द्वारा अवैध तरीके से सिलेण्डरों को भण्डारण करते है, यद्यपि यह योजना जनसमुदाय की सुरक्षा एवं सुविधाओं से जुड़ी है इसलिए जिला पूर्ति अधिकारी भण्डारण स्थलों का औचक रूप से निरीक्षण करते रहें। इससे पूर्व जिलाधिकारी महेन्द्र बहादुर सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी शिवेन्द्र कुमार सिंह ने समिति के सभापति एवं सदस्यगणों को पुष्प भेंट करते हुए स्वागत किया।

बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन उमेश कुमार मंगला, अपर पुलिस अधीक्षक सुधा सिंंह, नगर मजिस्ट्रेट ओमप्रकाश सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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इन सबकी की गई समीक्षा

इस दौरान सम्पूर्ण समाधान दिवस, चकबन्दी, स्वास्थ्य, आईसीडीएस, महिला हेल्प लाइन नं181, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, विधवा पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, शिक्षा, पेयजल योजनाएं, राशन वितरण व्यवस्था, लोक निर्माण विभाग, गन्ना मूल्य भुगतान, ऋण मोचन योजना, खाद की उपलब्धता, नगर पालिकाओं में विकास कार्य, विद्युत वितरण आदि की प्रगति के बारे में सम्बन्धित अधिकारियों से विस्तृृत पूछताछ की गई एवं उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए गए।

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निकायों के कामों पर जताया असंतोष

समीक्षा के दौरान नगर पालिकाओं में कराए जा रहे कार्यों के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुए सदस्य अमित यादव ने कहा कि कूडा निस्तारण के लिए बेहतर प्रबन्धन के साथ ही अन्य लम्बित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता से पूर्ण करायें। गन्ना भुगतान के सम्बन्ध में जिला गन्ना अधिकारी हेमराज ने बताया कि जनपद के 73 प्रतिशत कृृषकों का भुगतान सुनिश्चित किया जा चुका है।

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संक्रामक बीमारियां न फैलने दें

समिति के सभापति एवं सदस्यगणों ने जिला कार्यक्रम अधिकारी से कुपोषण के सम्बन्ध में विस्तृृत जानकारी प्राप्त की तथा कहा कि ऐसे गांव जिन्हें कुपोषण मुक्त घोषित किया जा चुका है उनमें रोस्टर के अनुसार साफ-सफाई कराते रहे, जिससे संक्रमित बीमारियां न फैलने पाएं।

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  • Web Title:vidhan parishad yojna meeting