Rampur News: स्कूली बसों पर नजर रखने के लिए बनाई जाएगी थानों बार सूची

हिन्दुस्तान, रामपुर
Follow us on Google News
share

Rampur News: रामपुर में संभागीय परिवहन विभाग ने बिना फिटनेस की बस चालकों और संचालकों पर शिकंजा कसने का नया कदम उठाया है। स्कूल बसों के कागजात और फिटनेस प्रमाणपत्र की जांच के बाद अनफिट बसों को फिटनेस कराने और समय सीमा पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

Rampur News: स्कूली बसों पर नजर रखने के लिए बनाई जाएगी थानों बार सूची

Rampur News: रामपुर में बिना फिटनेस की बस चलाने वाले संचालकों और चालकों पर शिकंजा कसने के लिए संभागीय परिवहन विभाग ने एक नया कदम उठाया है। विभाग की ओर से बिना फिटनेस के बस चालकों और संचालकों को नोटिस जारी कर फिटनेस कराने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही स्कूली बसों पर नजर रखने के लिए थाना बार सूची बनाई जा रही है। जिसके मदद से बिना फिटनेस के दौड़ रही बसों पर नजर रखी जा सकेंगी। संभागीय परिवहन विभाग के अनुसार जनपद में 280 स्कूली बसों का पंजीयन है। हालांकि यह संख्या अधिक हो सकती है, क्योंकि कुछ वाहन परिवहन विभाग में तो पंजीकृत हैं, मगर उनका उल्लेख स्कूलों में ट्रांसपोर्ट का नहीं है। इसके बावजूद वे बच्चों को लाने व ले जाने में लगी हैं। इसको लेकर ही संभागीय परिवहन विभाग ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूलों में लगी बसों के कागजात सहित फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा प्रमाणपत्र, परमिट, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र को जांच के लिए देखा था। इस दौरान जनपद में पंजीकृत करीब चालिस स्कूली बसों की फिटनेस या समय सीमा पूरी पाई गई। अब संभागीय परिवहन विभाग ने ऐसी बसों के संचालकों और चालकों को नोटिस जारी करके फिटनेस कराने के निर्देश दिए है。

स्कूल बसों में इन नियमों का पालन जरूरी

- सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार स्कूल बस पीले रंग से पेंट होनी चाहिए

- बस के आगे पीछे स्कूल ड्यूटी लिखा हो।

- सभी खिड़कियों के बाहर लोहे की ग्रिल होनी चाहिए।

- अग्निशमन यंत्र लगा होना चाइए।

- स्कूल का नाम और फोन नंबर होना चाहिए।

- दरवाजे में ताला लगा हो और सीटों के बीच पर्याप्त जगह होनी चाहिए।

- चालक को कम से कम पांच साल का वाहन चलाने का अनुभव होना चाइए।

- ट्रांसपोर्ट परमिट होना चाहिए।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूली बसों को डाटा चेक किया गया था

जिसमें जिन भी बसों की अनफिट या समय सीमा निकली पाई गई। जिन बसों की फिटनेस नहीं है,उनको फिटनेस कराने के साथ ही समय सीमा पूरी कर चुकी बसों को सरेंडर कराने के निर्देश दिए गए है। इसके साथ ही पुलिस को भी ऐसी बसों की लिस्ट बनाकर दी गई है। जिससे उन पर कार्रवाई हो सकें।

- राजेश कुमार श्रीवास्तव, संभागीय परिवहन अधिकारी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परिवहन विभाग ने बिना फिटनेस की बसों के लिए क्या कदम उठाए हैं?
परिवहन विभाग ने बिना फिटनेस के बस चालकों और संचालकों को नोटिस जारी कर फिटनेस कराने के निर्देश दिए हैं।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Hindi NewsUP NewsरामपुरRampur News: स्कूली बसों पर नजर रखने के लिए बनाई जाएगी थानों बार सूची